डाउनलोड मुद्रण

अ+   अ-

कविता

सुनो कै परम पदु, ऊनों कै अनंत मदु
देव


सुनो कै परम पदु, ऊनों कै अनंत मदु,

दूनौ कै नदीस नद, इंदिरा फुरै परी।

महिमा मुनीसन की, संपति दिगीसन की,

ईसन की सिद्धि ब्रजविथी विथुरै परी।

भादों की अँधेरी अधराति मथुरा के पथ,

आई मनोरथ, 'देव' देवकी दुरै परी।

पारावार पूरन, अपार, परब्रह्म रासि,

जसुदा के कोरे एक बालक कुरै परी।।


End Text   End Text    End Text

हिंदी समय में देव की रचनाएँ