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आत्मकथा

मेरी आत्मकथा
चार्ली चैप्लिन

अनुवाद - सूरज प्रकाश


अब मैं फर्स्ट नेशनल के साथ अपने करार के अंतिम दौर में प्रवेश कर रहा था और करार के खत्म होने की बेसब्री से राह देख रहा था। वे लोग स्वार्थी, सहानुभूति से हीन और दूरदष्टि न रखने वाले लोग थे और मैं उनसे जान छुड़ाना चाहता था। इसके अलावा फीचर फिल्मों के लिए मेरे मन में विचार कुलबुला रहे थे।
अंतिम तीन फिल्मों को पूरा करना कभी न खत्म होने वाले काम की तरह लगा। मैंने दो रील वाली फिल्म "पे डे" पर काम किया। इसके बाद मुझे सिर्फ दो फिल्में करके देनी थी। मेरी अगली कॉमेडी फिल्म "द पिलग्रिम" फीचर फिल्म की लंबाई वाली फिल्म बन गयी। इसका मतलब एक बार फिर फर्स्ट नेशनल के साथ परेशान करने वाली सौदेबाजी। लेकिन जैसाकि सैम गोल्डविन ने मेरे बारे में कहा था, "चार्ली करोबारी आदमी नहीं है। वह सिर्फ यही जानता है कि वह किसी कम चीज़ पर समझौता नहीं कर सकता।" सौदेबाजी संतोषजनक तरीके से निपट गयी।


`द किड' की आशातीत सफलता के बाद मुझे `द पिलग्रिम' के लिए अपनी शर्तें मनवाने के लिए बहुत कम विरोध सहना पड़ा। ये फिल्म दो फिल्मों की जगह लेगी और वे लोग मुझे 400,000 डॉलर की गारंटी और लाभ में से हिस्सा देंगे। आखिर वह वक्त आ गया जब मैं युनाइटेड आर्टिस्ट में अपने सहयोगियों के साथ काम करने के लिए स्वतंत्र था।
डगलस और मैरी के सुझाव पर ऑनेस्ट जो, जैसा कि हम जोसेफ़ शैंक को पुकारा करते थे, ने अपनी पत्नी नोरमा टालमैज़ के साथ युनाइटेड आर्टिस्ट में प्रवेश किया। नोरमा की फिल्में हमारी कंपनी के ज़रिए प्रदर्शित की जानी थीं। मिस्टर जो को अध्यक्ष बनाने की बात थी। हालांकि मैं जो को पसंद करता था, मुझे यह नहीं लगा कि उसका योगदान इतना है कि उसके अध्यक्ष बनने को उचित ठहरा सके। हालांकि उसकी पत्नी कुछ हद तक स्टार थी, लेकिन वह मैरी या डगलस से होने वाली बॉक्स ऑफिस कमाई की तुलना नहीं कर सकती थी। हमने अपनी कंपनी में एडोल्फ जुकोर को हिस्सेदारी देने से मना कर दिया था तो जो शैंक को हिस्सा क्यों दिया जाए जबकि वह जुकोर जितना महत्त्वपूर्ण भी नहीं था? इसके बावजूद डगलस और मैरी के उत्साह ने बाजी जीत ली और जो को अध्यक्ष तथा युनाइटेड आर्टिस्ट्स में बराबरी हिस्सेदार बनाया गया।
इसके कुछ ही अर्से बाद मुझे एक जरूरी पत्र मिला जिसमें मुझे युनाइटेड आर्टिस्ट के भविष्य के बारे में विचार करने के लिए एक बैठक में शामिल होना था। अध्यक्ष की औपचारिक और आशावादी टिप्पणियों के बाद मैरी ने गंभीरता से हमें संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जो कुछ उद्योग में हो रहा है, उसे लेकर वे चिंतित हो रही हैं - वे हमेशा चिंतित रहा करती थीं - थियेटर सर्किट आपस में मिल रहे हैं और, जब तक हम उनके इन प्रयासों का मुकाबला करने के लिए उपाय नहीं करते, युनाइटेड आर्टिस्ट का भविष्य मंझधार में रहेगा।
इस घोषणा से मुझे कोई परेशानी नहीं हुई क्योंकि मेरा यह मानना था कि हमारी फिल्मों की उत्कृष्टता इस तरह की प्रतिस्पर्धा का सच्चा जवाब है। लेकिन औरों को इस बात से आश्वस्त नहीं किया जा सका। जो शैंक ने हमें गंभीर चेतावनी दी कि हालांकि कंपनी मूल रूप से स्वस्थ है, हमें अपनी भविष्य का बीमा करा लेना चाहिए और सारे जोखिम खुद उठाने के बजाय अपने फायदों में दूसरों को भी थोड़ी सी हिस्सेदारी देनी चाहिए। उन्होंने वॉल स्ट्रीट की डिल्लान, रीड एंड कंपनी से संपर्क किया था और वे लोग स्टॉक के एक निर्गम के लिए और हमारी कंपनी में एक हिस्से के लिए 40,000,000 डॉलर लगाने को तैयार थे। मैंने साफ तौर पर कह दिया कि मैं अपने काम में वॉल स्ट्रीट की किसी भी तरह की दखलंदाजी के खिलाफ हूं और एक बार फिर उन्हें आश्वस्त किया कि जब तक हम अच्छी फिल्में बनाते रहेंगे हमें इस तरह के विलयनों की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। जो ने अपनी चिड़चिड़ाहट को दबाते हुए शांत, समझाने वाले तरीके से कहा कि वे कंपनी के लिए कुछ सकारात्मक करना चाहते हैं और कि हमें इसका फायदा उठाना चाहिए।
मैरी ने फिर से मोर्चा संभाला। उनका कारोबार की बात करने का नकारात्मक तरीका था। वे मुझसे सीधे बात न करके औरों के ज़रिए बात कर रही थीं। इस बात ने मुझे यह एहसास कराया कि मैं भयंकर स्वार्थ का दोषी हूं। उन्होंने जो कि विशेषताएं गिनानी शुरू कर दीं और इस बात पर ज़ोर दिया कि जो ने कितनी मेहनत की है और हमारी कंपनी को खड़ा करने में कितनी मुसीबतें उठायी है। मैरी ने कहा, "हम सबको ज़रूर ही सकारात्मक होना चाहिए।"
लेकिन मैं ज़िद पर अड़ा रहा और इस बात पर टिका रहा कि मैं अपने व्यक्तिगत प्रयासों में किसी और की कोई हिस्सेदारी नहीं चाहता; मुझे अपने आप पर भरोसा था और मैं इन प्रयासों में अपना खुद का पैसा लगाने के लिए तैयार था। बैठक गरमागरम बहस में बदल गयी - गर्मी अधिक और बहस कम - लेकिन मैं अपनी ज़मीन पर खड़ा रहा और यही कहता रहा कि अगर बाकी लोग मेरे बिना काम चला सकते हैं, तो वे ऐसा कर लें और मैं कंपनी से रिटायर हो जाऊंगा। इससे हम सब निष्ठा को ले कर गम्भीर रूप से एकमत हो गये और जो की तरफ से यह पुष्टि मिल गयी कि यह कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहता जिससे हमारी मित्रता पर या हमारी कंपनी की समरस्ता पर आंच आए और इस तरह से वॉल स्ट्रीट का मामला छोड़ दिया गया।
युनाइटेड आर्टिस्ट के लिए अपनी पहली फिल्म शुरू करने से पहले मैं एडना पुर्विएंस को प्रमुख भूमिका में उतारना चाहता था। हालांकि ऐडना और मेरे बीच भावनात्मक रिश्ते तनाव में थे फिर भी मैं उसके कैरियर में दिलचस्पी रखता था। लेकिन जब मैंने वस्तुपरक दृष्टि से ऐडना की तरफ देखा तब मैंने पाया कि वह धीरे-धीरे प्रौढ़ होती जा रही है जो कि मेरी भावी फिल्मों के लिए ज़रूरी, स्त्रियोचित लावण्य के लिए उचित नहीं होगा। इसके अलावा, मैं नहीं चाहता था कि मेरे विचार और चरित्र कॉमेडी स्टॉक कंपनी की सीमाओं तक बँधे रहें, क्योंकि मेरे मन में अस्पष्ट महत्त्वाकांक्षी विचार थे कि मैं फीचर कॉमेडी फिल्में बनाऊं जिनके लिए अधिक सामान्य अभिनेताओं और अभिनेत्रियों की ज़रूरत होती।
कई महीने तक मैं एडना को लेकर `द ट्रोज़न विमेन' बनाने के विचार को लेकर मंथन करता रहा। मैं इसके लिए अपना स्वयं का रूपांतरण इस्तेमाल करता। लेकिन हम जितनी ज्य़ादा खोज करते गये, वह उतनी ही अधिक मँहगी फिल्म में बदलती गयी। इसलिए इसका इरादा छोड़ दिया गया।
इसके बाद मैंने ऐसी अन्य दिलचस्प महिलाओं के बारे में सोचना शुरू किया जिनकी भूमिका शायद एडना कर सके और सामने थी जोसेफाइन! इस बात को जानते हुए भी कि इस फिल्म के लिए उस काल विशेष की पोशाकों की ज़रूरत होगी और इसकी लागत भी `द ट्रोज़न विमन' की तुलना में दुगुनी आयेगी, मैंने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया। मैं बेहद उत्साहित था।
हमने व्यापक अनुसंधान शुरू किया। हमने बॉरियन के लिखे नेपोलियन बोनापार्ट के संस्मरण और नेपोलियन के सारथी कॉन्सटैन्ट के संस्मरण पढ़े। लेकिन जैसे-जैसे हम जोसेफ़ाइन की ज़िन्दगी में उतरते गए, उतना ही अधिक नेपोलियन सामने आता गया। मैं इस जाँबाज़ जीनियस को लेकर इतना अभिभूत था कि जोसेफाइन के बारे में फिल्म बनाने का इरादा धुंधला होता गया और नेपोलियन सामने झिलमिलाने लगा, जिसकी भूमिका मैं खुद करने की सोच सकता था। यह फिल्म उसकी इतालवी मुहिम का अभिलेख होती। छब्बीस बरस के एक नौजवान की इच्छा शक्ति और उत्साह की महागाथा जो शानदार विपक्ष और बूढ़े, अनुभवी सेनाध्यक्षों की ईष्या से पार पाता है। लेकिन, मेरा दुर्भाग्य, मेरा उत्साह उतर गया और नेपोलियन तथा जोसेफाइन, दोनों पर फिल्में बनाने का इरादा खटाई में पड़ गया।
लगभग इसी समय पैगी हॉकिन्स जॉयस नाम की विख्यात अप्सरा हॉलीवुड के दृश्य पटल पर अवतरित हुई। वह गहनों से लदी हुई थी और उसके पास अपने पाँच पतियों से जमा की गयी तीस लाख डॉलर की अथाह संपत्ति थी - ऐसा उसने मुझे खुद बताया था। पैगी बेहद मामूली परिवार से आयी थी; नाई की बेटी जो कोरस गर्ल बनी और उसने पाँच लखपतियों से ब्याह रचाया था। हालांकि पैगी अभी भी सुंदर थी, वह थोड़ी-थोड़ी थकी हुई नज़र आ रही थी। वह सीधे पेरिस से आयी। उसने काले रंग का बहुत आकर्षक गाउन पहना हुआ था क्योंकि एक नौजवान ने हाल ही में उसके प्रेम में पागल होकर खुदकशी कर ली थी। इस शोकमय वस्त्र में पैगी ने हॉलीवुड में धमाके के साथ प्रवेश किया।
एक साथ, एक शांत डिनर के दौरान उसने मुझे अपने विश्वास में लेते हुए बताया कि उसे हंगामे पसंद नहीं हैं, "मैं सिर्फ यही चाहती हूं कि मैं ब्याह रचाऊं और मेरे बच्चे हों। दिल से मैं एक बहुत ही सीधी-सादी औरत हूँ।" उसने अपने बीस कैरेट के हीरे और पन्ने के हाथ के कड़े ठीक करते हुए कहा। जब पैगी गंभीर मूड में नहीं होती थी, वह इन्हें, "मेरे बंधन" कहती थी।
अपने एक पति के बारे में बताते हुए उसने कहा कि उसने अपनी सुहाग रात में अपने आप को बेडरूम में बंद कर लिया था और पति को तब तक अंदर नहीं आने दिया जब तक उसने दरवाज़े के नीचे से 500,000 डॉलर का चेक नहीं सरका दिया।
"उसने ऐसा किया?" मैंने पूछा।
"हाँ" उसने तुनुकमिजाजी के साथ और बिना हँसे बताया,"और मैंने अगले दिन सुबह उसके उठने के पहले ही पहला काम यह किया कि चेक कैश कराया। लेकिन वह मूरख था और खूब शराब पीता था। एक बार मैंने उसके सिर पर शैम्पेन की बोतल दे मारी थी और उसे अस्पताल भिजवा दिया था।"
"और इस तरह से आप लोग अलग हुए!"
"नहीं", वह हँसी,"लगता है उसे ऐसा अच्छा लगता था और वह मेरा और भी दीवाना हो गया।"


थॉमस इन्स ने हमें अपनी याच पर आमंत्रित किया। वहाँ पर सिर्फ हम तीन ही लोग थे। पैगी, टॉम और मैं। हम तीनों याच के स्टेट रूम में एक मेज़ पर शैम्पेन पी रहे थे। शाम का वक्त था और शैम्पेन की बोतल पैगी के निकट ही रखी हुई थी। जैसे-जैसे रात ढलती गयी मैं देख रहा था कि पैगी का आकर्षण मुझसे हट कर टॉम इन्स की ओर हो रहा था और वह मुझे थोड़ी भद्दी लगने लगी। मुझे याद आया कि जो कुछ उसने अपने पति के साथ शैम्पेन की बोतल से किया था, मुझ पर भी कर सकती है।
हालांकि मैंने बहुत ही कम शैम्पेन पी थी, मुझे चढ़ गयी थी और मैंने उसे सज्जनता से कहा कि अगर मुझे उसकी खूबसूरत भौं के इशारे से हल्का-सा भी शक हुआ तो मैं उसे उठाकर नाव से बाहर फेंक दूंगा। इसके बाद मैं उसके चमचों के दल से हटा दिया गया था और एम.जी.एम. के इरविंग थॉलबर्ग उसके आकर्षण के अगले बिंदु बने। कुछ अरसे तक तो पैगी की हंगामाखेज हरकतें इरविंग को भरमाए रहीं क्योंकि वे बहुत युवा थे। एम.जी.एम. स्टूडियोज़ में दोनों की शादी की गरमा गरम अफवाहें फैलने लगीं, लेकिन इरविंग का बुखार उतर गया और मामला ठप्प पड़ गया।
हमारे अजीब हालांकि संक्षिप्त संबंध के दौरान पैगी ने मुझे एक विख्यात फ्रांसीसी प्रकाशक के साथ अपने संबंधों के कई किस्से सुनाए थे। इन किस्सों ने मुझे एडना पूर्विएंस को अभिनेत्री के रूप में लेते हुए अ वुमन ऑफ पेरिस की कथा लिखने के लिए प्रेरित किया। फिल्म में आने का मेरा कोई इरादा नहीं था, लेकिन मैंने फिल्म का निर्देशन किया।


कुछ आलोचकों ने घोषित किया कि मूक पर्दे पर मनोविज्ञान को अभिव्यक्त नहीं किया सकता। कोई स्पष्ट एक्शन जैसे नायक नायिकाओं को पेड़ों के सहारे झुका रहे हैं और उनके गले से लिपटे तेज-तेज साँसें ले रहे हैं या आरामकुर्सी पर झूलना, मारा मारी करना ही मूक पर्दे पर दिखाए जा सकते हैं। "अ वुमन ऑफ पेरिस" एक चुनौती थी। मैं मामूली एक्शन के जरिए मनोविज्ञान संप्रेषित करना चाहता था। उदाहरण के लिए, एडना एक अमीरजादी की भूमिका करती है। उसकी सहेली भीतर आती है और उसे एक सोसायटी पत्रिका दिखाती है, जिसमें एडना के प्रेमी की शादी की खबर छपी है। एडना निरपेक्ष भाव से पत्रिका लेती है, देखती है और तुरंत ही उसे एक किनारे फेंक देती है। उदासीन भाव से अभिनय करते हुए वह एक सिगरेट जलाती है। लेकिन दर्शक देख सकते हैं कि उसे झटका लगा है। अपनी सहेली को दरवाजे तक आकर मुस्कराते हुए विदा कहने के बाद वह लपक कर वापिस पत्रिका के पास जाती है और ड्रामाई गहराई के साथ उसे पढ़ती है।
एडना के बेडरूम के एक अन्य दृश्य में नौकरानी एक दराज खोलती है और अचानक ही आदमियों द्वारा कमीज पर लगाए जाने वाला कॉलर फर्श पर गिर जाता है, जिससे इसके और नायक (एडॉल्फ मैन्जाऊ द्वारा अभिनीत) के बीच संबंधों का पता चलता है।
फिल्म अलग-अलग वर्ग के दर्शकों के बीच बहुत सफल रही। यह पहली मूक फिल्म थी, जिसमें व्यंग्य और मनोविज्ञान की बारीकियां दिखाई गयी थीं। बाद में इसी तरह की कई फिल्में आईं जिसमें अंर्स्ट लुबिश की फिल्म `द मैरिज सर्कल' भी थी जिसमें मैन्जाऊ ने लगभग इसी तरह का चरित्र दुबारा निभाया था।
एडॉल्फ मेन्जाऊ रातों-रात स्टार बन गए लेकिन एडना ज्यादा हासिल नहीं कर पायी। इसके बावजूद उसे इटली में एक फिल्म बनाने के लिए पाँच हफ्ते के काम के लिए दस हज़ार डॉलर का प्रस्ताव मिला और उसने उसे स्वीकार करने के बारे में मेरी सलाह मांगी। मैं उत्साहित था, लेकिन एडना पूरी तरह से अपने संबंध तोड़ने में हिचकिचा रही थी। इसलिए मैंने सुझाव दिया कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार ले और अगर बात नहीं बनती तो वापिस लौट आए और मेरे साथ काम करती रहे और दस हज़ार डॉलर कमाती रहे। एडना ने फिल्म की लेकिन यह सफल नहीं रही। इसलिए वह कंपनी में लौट आयी।


मेरे `अ वुमन ऑफ पैरिस' पूरी करने से पहले पोला नेगरी ने सच्चे हॉलीवुड फैशन में अपनी अमरीकी शुरुआत की। पैरामाउंट पब्लिसिटी विभाग ने अपने सामान्य खर्च से कहीं अधिक उन पर खर्च किया। ईर्ष्या और झगड़ों की एक झूठी कहानी गढ़ी गयी और उसमें ग्लोरिया स्वैनसन तथा पोला का ख़ूब प्रचार किया गया और उन्हें खूब प्रचारित किया गया। इस तरह की खबरें पहले पन्ने पर छपने लगीं।

"नैग्री ने स्वैनसन के ड्रेसिंग रूम की मांग की"
"ग्लोरियस स्वैनसन ने पोला नेगरी से मिलने से मना किया"
"नेगरी ने एक सामाजिक मुलाकात के लिए स्वैनसन का अनुरोध माना"
और इस तरह से प्रेस लगातार उनके बारे में छापती रही।
इन मनगढ़ंत किस्सों के लिए न तो ग्लोरिया को और न ही पोला को दोषी को ठहराया जा सकता था। दरअसल वे तो शुरू से ही बहुत अच्छी दोस्त थीं। लेकिन इसमें पेंच वाला मामला प्रचार विभाग का शगूफा था। पोला के सम्मान में पार्टियां और रिसेप्शन दिए गये थे। ऐसे ही एक दिखावे के समारोह के दौरान मैं एक हॉलीवुड आयोजन में सिम्फनी के एक संगीत कार्यक्रम में पोला से मिला। वह मेरे साथ वाले बॉक्स में अपने प्रचार टीम और पैरामाउंट के अफसरों के साथ बैठी हुई थीं, "चारली! आपने मुझे पूछा क्यों नहीं? आपने मुझे कभी फोन नहीं किया? आपको नहीं लगता कि मैं इतनी दूर से जर्मनी से आपसे मिलने आयी हूं?"
मुझे अच्छा लगा। हालांकि मैं उसके आखिरी जुमले पर मुश्किल से विश्वास कर सकता था क्योंकि मैं उससे केवल एक ही बार बर्लिन में सिर्फ बीस मिनट के लिए मिला था।
"आप बहुत क्रूर हैं चार्ली कि आपने मुझे फोन नहीं किया। मैं जब से आपकी आवाज़ सुनने की राह देख रही थी। आप कहाँ काम करते हैं? मुझे अपना फोन नंबर दीलिए और मैं आपको फोन करूंगी।"
मुझे इस अति उत्साह के बारे में संदेह था। लेकिन ये भी था कि खूबसूरत पोला के आमंत्रण ने मुझ पर असर छोड़ा था। कुछ ही दिन बाद मुझे एक पार्टी का न्यौता मिला जो वे अपने किराये के मकान में बेवरली हिल्स पर दे रही थीं। यह बॉलीवुड के मानकों से बहुत ही भव्य आयोजन था और अन्य कई पुरुष कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद उनका ज्यादातर ध्यान मेरी ओर ही रहा। वे ईमानदार थीं या नहीं, इस बात को जाने दें लेकिन पार्टी में मुझे बहुत आनन्द आया। ये हमारे असामान्य संबंधों की शुरुआत थी। कई हफ्तों तक हम सार्वजनिक रूप से एक साथ देखे जाते रहे और बेशक, ये सब कॉलम लिखने वालों के लिए लिखने का भरपूर मसाला जुटा रहा था। जल्दी ही अखबारों में हैड लाइनें आने लगीं - "पोला और चार्ली की सगाई।" ये बात पोला के लिए बहुत अखरने वाली थी और उन्होंने मुझसे कहा कि मैं किसी तरह का कोई बयान दूं।
"ये बयान तो महिला की ओर से आना चाहिये," मैंने जवाब दिया।
"मैं उन्हें क्या बताऊं?"
मैंने मैं क्या जानूं वाले अंदाज़ में कंधे उचकाये।
अगले दिन मुझे एक संदेश मिला जिसमें लिखा था कि मिस पोला नेगरी मुझसे नहीं मिल पायेंगी। कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया था। उसी शाम उनकी नौकरानी ने फोन किया और घबरायी हुई आवाज़ में बताया कि उनकी मैडम बीमार हो गयी हैं और क्या मैं तुरंत आ सकूंगा। जब मैं वहां पहुंचा तो मुझे रोती हुई एक नौकरानी ड्रांइगरूम तक ले गयी और मैंने देखा कि मादाम नेगरी एक दीवान पर पसरी हुई लेटी हैं। उनकी आंखें बंद हैं। जब उन्होंने आंखें खोलीं तो वे कराहीं,"आप बहुत क्रूर हैं।" और तब मैंने अपने आपको कैसानोवा की भूमिका में पाया।
एक या दो दिन के बाद चार्ली हैटन, पैरामाउंट स्टूडियो के मैनेजर ने टेलीफोन किया,"आप हमारे लिए बहुत मुसीबतें खड़ी कर रहे हैं चार्ली, मैं आपसे इस बारे में बात करना चाहूंगा।"
"बेशक, आपका स्वागत है, घर पर चले आइये।" मैंने कहा।
इस तरह से वे आये। जिस समय हेटन आये, लगभग आधी रात होने को थी। वे थोड़े भारी बदन के भोंदू किस्म के आदमी थे जो शायद किसी थोक के गोदाम में ज्यादा अच्छे लगते। वे बैठे और बिना किसी दुआ सलाम के शुरू हो गये, "चार्ली, प्रेस में ये सारी अफवाहें जो आ रही हैं, उनसे पोला बीमार हो रही हैं। आप कोई बयान दे कर इन सबको रोक क्यों नहीं देते?"
इस तरह के बदतमीजी भरे तरीके का सामना होने पर मैंने सीधे उनकी आंखों में देखा, "आप मुझसे क्या कहलवाना चाहते हैं?"
मज़ाकिया बहादुरी के साथ उसने अपनी झेंप मिटानी चाही, "आप उन्हें चाहते हैं, नहीं क्या?"
"मुझे नहीं लगता कि इससे आपका कुछ लेना देना हो सकता है।" मैंने जवाब दिया।
"लेकिन हमने इस मोहतरमा पर लाखों डॉलर लगा रखे हैं। और इस तरह का प्रचार उनके लिए बुरा है।" वे रुके, "चार्ली अगर आप उन्हें चाहते हैं तो उनसे शादी क्यों नहीं कर लेते?"
उन पलों में मुझे इस वाहियात सवाल में ज़रा-सा भी हास्य बोध नज़र नहीं आया, "अगर आप सोचते हैं कि मुझे किसी से सिर्फ इसलिए शादी कर लेनी चाहिये ताकि मैं पैरामाउंट के हितों की रक्षा कर सकूं तो आप बहुत बड़ी गलती पर हैं।"
"तब आप उनसे मिलना बंद कर दीजिये" वे बोले।
"ये पोला को तय करना है," मैंने जवाब दिया।
इसके बाद जो संवाद हुआ, वह बेहद शुष्क, और मजाकिया बात के साथ खत्म हुआ कि क्योंकि पैरामाउंट में मेरी कोई हिस्सेदारी नहीं है, मैं इस बात को समझ नहीं पा रहा हूं कि मैं उनसे शादी क्यों करूं। और जिस तरह से अचानक ही पोला से मेरा संबंध शुरू हुआ था, उसी तरह से अचानक खत्म भी हो गया। इसके बाद उन्होंने मुझे कभी नहीं बुलाया।
पोला के साथ इस हड़बड़ी वाले संग-साथ के दौरान स्टूडियो में एक सुंदर मैक्सिकन लड़की आयी। वह सीधे मैक्सिको से चल कर चार्ली चैप्लिन से मिलने यहां तक आयी थी। कई चालबाजों और खब्ती लोगों के साथ अपने अनुभवों को देखते हुए मैंने अपने मैनेजर से कहा कि किसी अच्छे तरीके से इस लड़की से पीछा छुड़ाओ।
मैंने इसके बारे में बाद में कुछ भी नहीं सोचा कि तभी घर से फोन आया कि एक लड़की सामने वाले दरवाजे पर बैठी हुई है। इससे मेरे कान खड़े हो गये। मैंने बटलर से कहा कि इस लड़की से पीछा छुड़ाये और मैं तब तक स्टूडियो में ही रहूंगा जब तक मैदान साफ नहीं हो जाता। दस मिनट बाद संदेश आया कि वह लड़की जा चुकी है।
उसी शाम पोला, डॉक्टर रेनाल्ड्स और उनकी पत्नी मेरे घर पर डिनर के लिए आये हुए थे और मैंने उन्हें इस घटना के बारे में बताया। हमने सामने वाला दरवाजा खोला और जायज़ा लेने के लिए आस पास देखा कि कहीं लड़की लौट कर आयी तो नहीं है। लेकिन हमने अभी अपना डिनर पूरा भी नहीं किया था कि बटलर हड़बड़ाता हुआ डाइनिंग रूम में आया। उसका चेहरा फक्क पड़ा हुआ था,"वह ऊपर आपके बिस्तर में है।" उसने बताया कि वह रात के लिए मेरे लिए कमरा तैयार करने के लिए ऊपर गया था तो पाया कि वह आपका पायजामा पहने आपके बिस्तर में घुसी हुई है।
मैं हक्का बक्का कि करूं तो क्या करूं!!
"मैं उसे देखता हूं," रेनॉल्ड्स ने मेज पर से उठते हुए और लपक कर ऊपर जाते हुए कहा। हम बाकी लोग इंतज़ार करने लगे कि देखें क्या होता है। कुछ देर बाद रेनॉल्ड्स नीचे आये,"मैंने उससे लंबी बात की है।" बताया उन्होंने,"वह युवा है और देखने में सुंदर है। काफी समझदारी से बात करती है। मैंने उससे पूछा कि वह मिस्टर चैप्लिन के बिस्तर में क्या कर रही है। तो उसने बताया,'मैं मिस्टर चैप्लिन से मिलना चाहती हूं।'
"क्या तुम जानती हो," मैंने उससे पूछा,"तुम्हारा ये व्यवहार पागलपन माना जा सकता है और शायद इसके लिए तुम्हें पागलखाने भी भेजा जा सकता है?" वह ज़रा भी विचलित नज़र नहीं आयी।
'मैं पागल नहीं हूं,' वह बोली, 'मैं तो मिस्टर चैप्लिन की कला की प्रशंसक हूं बस, और मैक्सिको से उनसे मिलने के लिए ही आयी हूं।' मैंने उसे बताया कि बेहतर होगा वह आपका पायजामा उतार दे और अपने कपड़े पहन कर तुरंत वहां से चली जाये। नहीं तो हमें पुलिस बुलवानी पड़ेगी।"
"मैं उस लड़की से मिलना चाहूंगी," पोला ने हल्के फुल्के ढंग से कहा,"उसे नीचे दीवानखाने तक ले आइये।" मैं हिचकिचाया क्योंकि ऐसा करना सबको परेशानी में डालना होगा। अलबत्ता, लड़की पूरे आत्मविश्वास के साथ कमरे में आयी। रेनॉल्ड्स का कहना सही था। वह युवा और आकर्षक थी। उसने हमें बताया कि वह बाहर और स्टूडियो में सारा दिन भटकती घूमती रही है। हमने उसे डिनर लेने के लिए कहा लेकिन उसने कहा कि वह सिर्फ एक गिलास दूध लेगी।
जिस वक्त वह दूध पी रही थी, पोला ने उस पर प्रश्नों की झड़ी लगा दी, "क्या तुम मिस्टर चैप्लिन से प्यार करती हो?" (मेरी हालत खराब।)
लड़की हँसी,"प्यार? ओह नहीं, मैं सिर्फ उनकी प्रशंसक हूं क्योंकि वे बहुत बड़े कलाकार हैं।"
पोला ने अगला सवाल दागा,"क्या तुमने मेरी कोई फिल्म देखी है?"
"ओह हां," लड़की ने चलताऊ ढंग से कहा।
"तुम उनके बारे में क्या सोचती हो?"
"बहुत अच्छी। लेकिन आप उतनी बड़ी कलाकार नहीं हैं जितने बड़े मिस्टर चैप्लिन हैं।"
पोला का चेहरा देखने लायक था।
मैंने लड़की को चेतावनी दी कि उसकी हरकतों की वजह से उसका गलत अर्थ लिया जा सकता है और उससे पूछा कि क्या उसके पास वापिस मैक्सिको जाने के लिए किराया भाड़ा है। उसने बताया कि उसके पास पैसे हैं। मिस्टर रेनॉल्ड्स की ओर से उसे सलाहों की और घुट्टी पिलाये जाने के बाद वह घर से चली गयी।
लेकिन अगले दिन दोपहर को ही बटलर कमरे में एक बार फिर हड़बड़ाता हुआ आया और बताने लगा कि वह सड़क के बीचों बीच बैठी हुई है और उसने ज़हर खा लिया है। बिना और वक्त गंवाये, हमने पुलिस को फोन किया और उसे वहां से एम्बुलेंस में ले जाया गया।
अगले दिन इस बात को ले कर अखबारों ने काफी हो हल्ला मचाया। अस्पताल के बिस्तर पर बैठे हुए उसकी तस्वीरें छापी गयीं। उसके पेट को साफ किया गया था और अब वह प्रेस को बयान दे रही थी। उसने घोषणा की कि उसने ज़हर नहीं खाया था वह तो बस, जनता का ध्यान आकर्षित करना चाहती थी, कि उसे चार्ली चैप्लिन से प्यार नहीं है। वह तो बस, हॉलीवुड में किस्मत आजमाने और फिल्मों में काम पाने की कोशिश कर रही थी।
अस्पताल से छुट्टी दे दिये जाने के बाद उसे कल्याण संस्था की देखरेख में रखा गया। उन्होंने मुझे एक बहुत ही प्यारा सा पत्र लिखा कि क्या मैं उसे मैक्सिको वापिस भेजने के लिए कुछ मदद करना चाहूंगा। उन्होंने बताया कि वह कोई नुक्सान नहीं पहुंचायेगी और वह खराब लड़की नहीं है। हमने उसके घर वापिस जाने के लिए किराया अदा कर दिया।


अब मैं युनाइटेड आर्टिस्ट्स के लिए अपनी पहली कॉमेडी बनाने के लिए स्वंतत्र था और चाहता था कि द किड की सफलता से आगे कुछ काम करूं। कई हफ्तों तक मैं छटपटाता रहा, सोचता रहा, सिर खुजाता रहा कि कहीं से कोई विचार आये। मैं अपने आप से कहता रहा कि अगली फिल्म महाकाव्य की तरह होनी चाहिये। अब तक की महानतम। लेकिन कुछ सामने आने को तैयार ही नहीं था। तभी एक दिन रविवार की सुबह फेयरबैंक्स के यहां वीक एंड मनाते हुए मैं डगलस के साथ नाश्ते के बाद बैठा था और स्टीरियोस्कोपिक तस्वीरें देख रहा था। कुछ अलास्का पहाड़ के थे और कुछ क्लोंडाइक पहाड़ के। एक दृश्य चिलकूट दर्रे का था जिसमें बर्फ से जमे हुए पहाड़ पर चढ़ने वालों की लम्बी कतारें थीं और पीछे की तरफ उसके बारे में बताया गया था कि किस तरह से इस पहाड़ को फतह करने में कितनी कोशिशें लगती हैं और कितनी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। ये एक बहुत ही शानदार थीम थी, मेरे ख्याल में ये मेरी कल्पना शक्ति को पंख लगाने के लिए काफी थी। तत्काल ही विचार और कॉमेडी की हरकतों ने आकार लेना शुरू कर दिया और हालांकि मेरे सामने कोई कहानी नहीं थी, एक कथा ने रूप लेना शुरू कर दिया।
कॉमेडी का सृजन करने में सबसे बड़ी विडम्बना ये होती है कि त्रासदी मज़ाक उड़ाने की भावना को शह देती है क्योंकि मेरे ख्याल से मज़ाक उड़ाना एक तरह से ललकारने वाला नज़रिया होता है। हमें प्रकृति की शक्तियों के खिलाफ अपनी विवशता को देखते हुए हँसना ही होगा नहीं तो हम पागल हो जायेंगे। मैंने डोनर पार्टी के बारे में एक किताब पढ़ी थी जो कैलिफोर्निया जाते हुए रास्ता भटक जाते हैं और सिएरा नेवादा पहाड़ों पर हिम पात में घिर जाते हैं। एक सौ साठ लोगों में से केवल अट्ठारह ही जीवित बचे थे। ज्यादातर लोग भूख और ठंड से मर गये थे। कुछ नरभक्षी बन गये और अपने मृतक साथियों को ही खाना शुरू कर दिया। कुछ ने अपनी भूख मिटाने के लिए हिरन की खाल के अपने जूते ही भून कर खाये। इस हौलनाक दृश्यावली से मैंने अपनी फिल्म का सबसे मज़ाकिया दृश्य बुना। भयंकर भूख के मारे मैं अपना जूता उबालता हूं और उसे खाता हूं। कीलों को मैं इतने सलीके से निकालता हूं मानो वे किसी स्वादिष्ट मुर्गे की हड्डियां हों और तस्मों को मैं नूडल्स समझ कर खाता हूं। इसी बदहवासी में मेरा साथी मुझे मुर्गा समझता है और मुझे खाना चाहता है।
छ: महीने तक मैं कॉमेडी की दृश्यावलियां विकसित करता रहा और बिना किसी पटकथा के शूटिंग शुरू कर दी। मैं यह मान कर चल रहा था कि कॉमेडी के रूटीन से और इसी तरह से कथा खुद ब खुद जन्म ले लेगी। बेशक मैं कई बार अंधी गलियों में जा फंसा और कई मज़ेदार दृश्यों को भी छोड़ देना पड़ा। ऐसा ही एक सीन था: एस्कीमो लड़की के साथ प्यार का सीन जिसमें एस्कीमो लड़की ट्रैम्प को एस्कीमो तरीके से चुम्बन लेना सिखाती है और दोनों को नाक रगड़नी होती है। जब वह सोने की तलाश में विदा होता है तो वह प्यार भरी विदाई के रूप में अपनी नाक बहुत ज़ोर से उसकी नाक से रगड़ता है। और जिस वक्त वह चलता है और पीछे मुड़ कर देखता है और अपनी मध्यमा उंगली से अपनी नाक को सहलाता है और उसकी तरफ एक प्यार भरा चुम्बन उछालता है और फिर अंध विश्वास में अपनी उंगली को अपनी पैंट से पोंछता है क्योंकि उसे थोड़ा सा जुकाम लगा हुआ है। लेकिन एस्कीमो वाला हिस्सा काट दिया गया था क्योंकि ये एक और ज्यादा महत्त्वपूर्ण दृश्य डांस हाल वाली लड़की से टकरा रहा था।
द गोल्ड रश के निर्माण के दौरान मैंने दूसरी बारी शादी की। चूंकि हमारे दो बड़े-बड़े बेटे हैं जिन्हें मैं बहुत प्यार करता हूं इसलिए मैं ज्यादा ब्यौरों में नहीं जाऊंगा। दो वर्ष तक हम विवाहित बने रहे और शादी को ठीक ठाक चलाने की कोशिश भी करते रहे लेकिन मामला निराशाजनक था। ये शादी बहुत ज्यादा कड़ुवाहट के साथ समाप्त हुई।
गोल्ड रश का पहला शो न्यू यार्क में स्ट्रैंड थियेटर में हुआ और मैं उसके प्रीमियर में शामिल हुआ। जिस पल से फिल्म शुरू हुई, जिसमें मैं पीछे आ रहे आ रहे भालू से अनजान सीधी खड़ी चट्टान का चक्कर लगा रहा हूं, दर्शकों ने लगातार चिल्लाना और तालियां बजाना जारी रखा। पूरी फिल्म में हँसी के दौरान बीच बीच में एकाध ठहाका सुनायी पड़ जाता। हिरैम अब्राम्स, युनाइटेड आर्टिस्ट्स के बिक्री प्रबंधक बाद में मेरे पास आये और मुझे गले से लगा लिया,"चार्ली, मैं गारंटी देता हूं कि ये साठ लाख डॉलर से ज्यादा का कारोबार करेगी" और उसने किया भी।
प्रीमियर के बाद मुझे दौरा पड़ा। मैं रिट्ज होटल में ठहरा हुआ था और सांस नहीं ले पा रहा था। इसलिए मैंने घबरा कर एक दोस्त को फोन किया,"मैं मर रहा हूं। मेरे वकील को बुलवाओ।"
"वकील? तुम्हें डॉक्टर की ज़रूरत है," उसने चिंतित होते हुए कहा।
"नहीं, नहीं, मैं वसीयत करना चाहता हूं।"
मेरा दोस्त हक्का बक्का रह गया। उसने दोनों को बुलवाया। लेकिन चूंकि मेरा वकील उस वक्त यूरोप में गया हुआ था, सिर्फ डॉक्टर ही आ पाया।
गहन जांच पड़ताल करने के बाद डॉक्टर ने पाया कि मुझे कुछ भी नहीं हुआ था, बस शिराओं का दौरा पड़ा था। "सिर्फ गर्मी की वजह से हुआ है ये।" बताया उसने,"न्यू यार्क से बाहर निकलो, समुद्र की तरफ चले जाओ जहां पर आप आराम से और शांति से रह सकते हैं।"
एक घंटे के भीतर ही मुझे ब्राइटन बीच में भेज दिया गया। रास्ते में मैं बिना किसी वजह से रोया। अलबत्ता, मुझे होटल में समुद्र की तरफ खुलने वाला कमरा मिल गया। मैं वहां पर साफ सुथरी हवा भीतर उतारने के लिए लम्बी लम्बी सांसें लेने लगा। लेकिन होटल के बाहर भीड़ जमा होने लगी,"हाय चार्ली! क्या खूब, चार्ली!!" इसका नतीजा ये हुआ कि मुझे अपनी खिड़की पर से हट जाना पड़ा ताकि दिखायी न दूं।
अचानक ही शोर शराबा होने लगा। जैसे कोई कुत्ता भूंक रहा हो। कोई आदमी डूब रहा था। जीवन रक्षकों ने उसे बाहर निकाला और ठीक मेरी खिड़की के नीचे ले आये। उसे प्रथम उपचार देने की कोशिश की गयी लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। वह मर चुका था। अभी उसे लेकर एम्बुलेंस गयी ही थी कि एक बार फिर कुत्ते के भूंकने की आवाज़। कुल मिला कर तीन आदमियों को लाया गया। दो को बचा लिया गया। ये अब तक की सबसे खराब हालत थी। इसलिए मैंने फैसला किया कि न्यू यार्क ही लौटा जाये। दो दिन के भीतर ही मैं इतना ठीक हो चुका था कि कैलिफोर्निया लौट सकूं।

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