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आत्मकथा

मेरी आत्मकथा
चार्ली चैप्लिन

अनुवाद - सूरज प्रकाश


अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के दौरान मैंने युनाइटेड आर्टिस्ट्स के कारोबार की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। अब मेरे वकील ने चेताया कि कम्पनी 1,000,000 डॉलर के घाटे में चल रही है। जब इसके अच्छे दिन थे तो हर वर्ष 40,000,000 से 50,000,000 डॉलर तक का लाभ कमा कर दे रही थी। लेकिन मुझे याद नहीं आता कि मुझे दो से ज्यादा लाभांश मिले हों। अपनी समृद्धि के शिखर पर युनाइटेड आर्टिस्ट्स ने चार सौ अंग्रेज़ी थियेटरों में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी जुटा ली थी और इसके लिए उसे एक पाई भी नहीं चुकानी पड़ी थी। मुझे पक्के तौर पर नहीं पता कि ये सब हमने कैसे हासिल किया था। मुझे ऐसा लगता है कि ये हमें हमारी फिल्मों के निर्माण की गारंटी देने के बदले दिये गये थे। दूसरी अमेरिकी फिल्म कम्पनियों को इसी तरह से ब्रिटिश सिनेमा में बहुत बड़ी राशि के स्टॉक लेने पड़े थे। एक ऐसा वक्त भी आया था कि रैंक संगठन में हमारी इक्विटी का हिस्सा 10,000,000 डॉलर के बराबर था।

लेकिन एक-एक करके युनाइटेड आर्टिस्ट्स के शेयरधारकों ने अपने शेयर कम्पनी को वापिस बेच दिये थे और इनकी चुकौती करने में कम्पनी की हालत पतली हो गयी थी। अचानक मैंने पाया कि मैं युनाइटेड आर्टिस्ट्स की कम्पनी का आधा मालिक हूं और ये कम्पनी 1,000,000 डालर के घाटे में चल रही थी। मैरी पिकफोर्ड मेरी पार्टनर थी। उसने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाते हुए चेतावनी भरा पत्र लिखा कि सभी बैंकों ने और कर्जे देने से मना कर दिया है। मुझे इस बात की ज्यादा चिंता नहीं थी क्योंकि हम इससे पहले भी कर्जे में आ चुके थे और सफल फिल्मों ने हमें हमेशा इन संकटों से बाहर निकाल लिया था। इसके अलावा, मैंने अभी अभी मोन्स्योरवेरडाऊ पूरी की थी और मैं ये मान कर चल रहा था कि ये बॉक्स ऑफिस पर खूब सफल रहेगी। मेरे प्रतिनिधि आर्थर कैल्ली ने कम से कम 12,000,000 डॉलर की कमाई का अनुमान लगाया था और अगर ये सच हो जाता तो ये हमारी कम्पनी के कर्जे तो उतारेगी ही, 11,000,000 डॉलर का मुनाफा भी दे जायेगी।

हॉलीवुड में मैंने अपने दोस्तों के लिए एक निजी शो की व्यवस्था करायी थी। अंत में, थॉमस मान, लायन फ्यूशवेंगर और कई दूसरी विभूतियां खड़ी हो गयीं और एक मिनट से भी ज्यादा तक तालियां बजाती रहीं।

पूरे विश्वास के साथ मैंने न्यू यार्क में कदम रखा। लेकिन मेरे वहां पहुंचते ही डेलीन्यूज़ ने मुझ पर हमला कर दिया:

चैप्लिन अपनी नयी फिल्म के प्रदर्शन के लिए शहर में हैं। 'मेरे सहयात्रियो·' के रूप में उनके सम्बोधन के बाद मैं उन्हें न्यौता देता हूं कि वे प्रेस में अपना चेहरा दिखायें क्योंकि मैं वहां पर उनसे एक या दो परेशान करने वाले सवाल पूछूंगा।

युनाइटेड आर्टिस्ट्स के प्रचार स्टाफ ने इस बात पर देर तक विचार विमर्श किया कि क्या मेरे लिए अमेरिकी प्रेस से मिलना ठीक रहेगा। मैं परेशान था क्योंकि उस दिन सुबह ही मैं विदेशी प्रेस से मिल चुका था और उन्होंने बहुत गर्मजोशी और उत्साह के साथ मेरा स्वागत किया था। इसके अलावा मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो गीदड़ भभकियों से डर जायें।

अगली सुबह हमने होटल में एक बड़ा-सा कमरा आरक्षित कराया और मैं अमेरिकी प्रेस से मिला। जब कॉकटेल सर्व कर दिये गये तो मैं हाज़िर हुआ, लेकिन मैंने ताड़ लिया कि दाल में कुछ काला है। मैं एक छोटी सी मेज के पीछे से एक छोटे से मंच से बोला। मैं अपनी आवाज़ में जितनी मिश्री घोल सकता था, घोली और बोला, 'आप लोग कैसे हैं, देवियो और सज्जनो, मैं यहां पर इसलिए हाज़िर हुआ हूं ताकि मैं अपनी फिल्म के बारे में और अपनी भावी योजनाओं के बारे में जो भी तथ्य आप जानना चाहें, उनके बारे में बता सकूं।'

वे लोग चुप रहे। 'सब एक साथ मत बोलिये,' मैंने मुस्कुराते हुए कहा।

आखिरकार पहली पंक्ति के पास बैठी एक महिला पत्रकार ने श्रीगणेश किया, 'क्या आप कम्यूनिस्ट हैं?'

'नहीं,' मैंने दृढ़ता से जवाब दिया, 'अगला सवाल प्लीज़,'

इसके बाद भुनभुनाने की एक आवाज़ आने लगी। मुझे लगा कि डेलीन्यूज़ वाले वे वही मेरे शुभचिंतक होंगे, लेकिन उनकी गैर हाज़री साफ तौर पर महसूस की जा सकती थी। लेकिन जो वक्ता खड़े हुए वे अपना ओवरकोट पहने हुए मैले कुचैले से लगने वाले निरीह प्राणी थे और वे अपने उन कागज़ों पर झुके हुए थे जिनमें से वे पढ़ रहे थे।

'माफ कीजिये,' मैंने कहा, 'आपको फिर से पढ़ना पढ़ेगा, आप जो भी कह रहे हैं, मैं उसका एक भी शब्द समझ नहीं पा रहा हूं।'

उन्होंने शुरू किया, 'हम, कैथोलिक युद्ध के .... '

मैंने टोका,'मैं यहां पर किसी कैथोलिक युद्ध के .. .. वरिष्ठ भुक्तभोगियों के सवालों का जवाब देने के लिए नहीं आया हूं। ये बैठक प्रेस के लिए है।'

'आप अमेरिका के नागरिक क्यों नहीं बने हैं?' एक और आवाज़।

'मुझे अपनी राष्ट्रीयता बदलने की कोई वज़ह नज़र नहीं आती। मैं अपने आपको विश्व का नागरिक समझता हूं।' मैंने जवाब दिया।

थोड़ी देर के लिए हंगामा मच गया। दो या तीन एक साथ बोलना चाहते थे। अलबत्ता, एक आवाज़ दूसरी आवाज़ों पर हावी हो गयी, 'लेकिन आप अपनी रोज़ी रोटी तो अमेरिका से कमाते हैं!'

'अच्छी बात है,' मैंने मुस्कुराते हुए कहा, 'अगर आप इसे आर्थिक रूप से तौलना चाहते हैं तो मैं आपके सामने सारे आंकड़े गिनवा देता हूं। मेरा कारोबार अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप का है और मेरी कमाई का सत्तर प्रतिशत विदेशों से आता है। और मज़े की बात, उस पर सत्तर प्रतिशत कर का लाभ अमेरिका को मिलता है। अब आप ही देख लीजिये, मैं आपका कितना अच्छा पेइंग गेस्ट हूं!'

कैथोलिक लीज़न के पक्षधर ने एक बार फिर अपना सिर उठाया, 'आप अपना धन यहां पर कमाते हैं या नहीं, हम लोग, जिन्होंने फ्रांस के तटों पर अपने सैनिक उतारे हैं, इस बात पर आपसे खफा हैं कि आप इस देश के नागरिक नहीं हैं।'

'आप ही अकेले ऐसे सज्जन नहीं हैं जिनके सगे फ्रांस के तटों पर उतरे हैं,' मैंने बताया, 'मेरे दो बेटे भी पैटन की सेना में हैं और एकदम मोर्चे पर हैं और वे न तो आपकी तरह तथ्यों को भुना रहे हैं और न ही उनका फायदा ही उठा रहे हैं।'

'क्या आप हैंस एस्लर को जानते हैं?' एक अन्य रिपोर्टर।

'हां, वे मेरे बहुत प्यारे दोस्त हैं और वे बहुत अच्छे संगीतकार हैं।'

'क्या आपको पता है कि वे कम्यूनिस्ट हैं?'

'मैं इस बात की परवाह नहीं करता कि वे क्या हैं, मेरी दोस्ती राजनीति पर आधारित नहीं है।'

'फिर भी ऐसा लगता है कि आप कम्यूनिस्टों को पसंद करते हैं?' एक अन्य रिपोर्टर।

`किसी को भी ये बताने की ज़रूरत नहीं है कि मुझे क्या पसंद करना चाहिये और क्या नहीं। हम अभी तक उस तरह के संबंधों तक नहीं पहुंचे हैं।'

तभी उसी उत्तेजना के बीच में से एक आवाज़ उभरी, 'कैसा लगता है ऐसा कलाकार होना जिसने छोटे लोगों की खुशियों और समझ के साथ पूरी दुनिया को इतना समृद्ध किया हो और अमेरिकी प्रेस के तथाकथित प्रतिनिधियों की नफ़रत और फटकार का पात्र बनाया जाना और मज़ाक का पात्र बनना?'

मैं सहानुभूति के दो बोल सुनने के लिए इतना तरस गया था कि मैं अचानक टोक बैठा, 'माफ कीजिये, मैं आपकी बात नहीं समझ पाया। क्या आप अपना सवाल दोहरायेंगे?'

मेरे प्रचार प्रबंधक ने मुझे टहोका मारा और फुसफुसाया, 'ये आदमी तो आपके पक्ष में ही बात कर रहा है। उसने बहुत ही उम्दा ही बात की है।' ये अमेरिकी उपन्यासकार और कवि जिम एगी थे जो उस समय टाइम्स मैगजीन के लिए विशेष फीचर लेखक और समीक्षक के रूप में काम कर रहे थे।

'माफ कीजिये,' मैंने कहा, 'मैं आपकी बात सुन नहीं पाया, क्या आप अपनी बात दोहरायेंगे?'

'मुझे नहीं पता कि मैं ऐसा कर पाऊंगा या नहीं,' कहा उन्होंने। वे थोड़ा परेशान हो गये थे, फिर भी उन्होंने लगभग वही शब्द दोहरा दिये।

मुझे कोई जवाब ही नहीं सूझा। इसलिए मैंने अपना सिर हिलाया और कहा, 'कोई टिप्पणी नहीं, लेकिन आपका आभार!'

इसके बाद तो मैं उखड़ ही गया। उनके भले लगने वाले शब्दों ने मुझसे और लड़ने की ताकत ही छीन ली थी। 'मुझे खेद है देवियो और सज्जनो,' मैंने कहा, 'मैं तो ये मान कर चल रहा था कि ये प्रेस सम्मेलन मेरी फिल्म के बारे में साक्षात्कार है, इसके बजाये, ये तो राजनैतिक उठा पटक में बदल गया है। इसलिए मुझे और कुछ नहीं कहना है।'

साक्षात्कार के बाद मैं भीतर ही भीतर बीमार हो गया था, क्योंकि मैं जानता था कि मेरे खिलाफ एक मज़बूत उग्र मोर्चा खोल दिया गया है।

इसके बावज़ूद मैं इस पर यकीन नहीं कर सका। मुझे दग्रेटडिक्टेटर पर बधाई देते हुए बहुत ही शानदार पत्र मिले थे और उससे जो कमाई हुई थी, वह पहले की सारी फिल्मों की कमाई पार कर गयी थी और फिल्म के प्रदर्शित होने से पहले मुझे बहुत सारे प्रतिकूल प्रचार का सामना करना पड़ा था। मुझे मोन्स्योरवेरडाऊ की सफलता पर पूरा भरोसा था और युनाइटेड आर्टिस्ट्स के स्टाफ की भी यही राय थी।

मैरी पिकफोर्ड ने फोन करके बताया कि वह ऊना और मेरे साथ प्रीमियर में आना चाहेगी, इसलिए मैंने उन्हें हमारे साथ '21' पर खाना खाने के लिए आमंत्रित किया। मैरी डिनर पर बहुत देर से पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें एक कॉकटेल पार्टी की वजह से देरी हो गयी। वहां से निकलने में उन्हें बहुत मुश्किल हो रही थी।

जिस वक्त हम थियेटर में पहुंचे तो बाहर अपार भीड़ जुट चुकी थी। जिस वक्त हम लॉबी में से रास्ता बना कर निकल रहे थे, हमने देखा कि एक आदमी रेडियो पर प्रसारण कर रहा है: 'और अब चार्ली चैप्लिन और उनकी पत्नी आ पहुंचे हैं। आहा, और उनके साथ उनके मेहमान के रूप में हैं मूक फिल्मों के दिनों की शानदार अभिनेत्री जो अभी भी पूरे अमेरिका की हर दिल अजीज हैं। ये हैं मिस मैरी पिकफोर्ड। मैरी, क्या आप इस शानदार प्रीमियर के बारे में कुछ नहीं कहेंगी?'

लॉबी ठसाठस भरी हुई थी। मैरी किसी तरह से भीड़ में से रास्ता बनाते हुए माइक्रोफोन तक पहुंचीं। वे अभी भी मेरा हाथ थामे हुए थीं।

'और अब, देवियो और सज्जनो, पेश हैं मैरी पिकफोर्ड!'

खींचे जाने और धकेले जाने के बीच मैरी ने कहा, 'दो हज़ार साल पहले यीशु का जन्म हुआ था और आज की रात ....' वे आगे कुछ नहीं कह पायीं। चूंकि वे अभी भी मेरा हाथ थामे हुए थीं, उन्हें भीड़ के एक धक्के ने माइक से परे धकेल दिया। मैं अक्सर इस बात पर हैरान होता हूं कि वे आगे क्या कहने वाली थीं।

उस रात थियेटर का माहौल असहज करने वाला था। एक भावना काम कर रही थी कि दर्शक कुछ सिद्ध करने के लिए आये हैं। जिस पल फिल्म शुरू हुई, बेचैन प्रत्याशा और अतीत के सुखद अहसास, जिनके साथ मेरी फिल्मों का स्वागत हुआ करता था, उनकी जगह पर बीच बीच में कुछेक सिसकारियों के बीच बिखरे बिखरे, नर्वस हंसी के पल थे। मुझे ये स्वीकार करना ही होगा कि सिसकारी भरी ये प्रतिक्रियाएं प्रेस की सारी नाराज़गी से भी ज्यादा तकलीफ दे रही थीं।

जैसे जैसे फिल्म आगे बढ़ती गयी, मेरी चिंता बढ़ती गयी। हँसी के पल थे लेकिन ये बिखरे हुए थे। ये पुराने वक्त के, दगोल्डरश के, या सिटीलाइट्स के या शोल्डरआर्म्स के ठहाके नहीं थे। ये थियेटर में चल रही सिसकारियों के खिलाफ चुनौतीपूर्ण हँसी थी। मेरा दिल डूबने लगा। मैं अपनी सीट में और देर तक नहीं बैठ पाया। मैंने ऊना से फुसफुसाया, 'मैं बाहर लॉबी में जा रहा हूं। अब और सहन नहीं होता मुझसे।' उसने मेरा हाथ दबाया। मेरे हाथ में मुचड़ा हुआ कार्यक्रम पत्रक था, इसे मैं इतना ज्यादा तोड़ मरोड़ चुका था कि ये मेरी हथेलियों को पसीने से गीला करने लगा। इसलिए मैंने उसे अपनी सीट के नीचे फेंक दिया। मैं दबे पांव बीच वाले रास्ते पर आया और लॉबी की तरफ निकल गया। मैं ठहाके सुनने और उनके बीच में से उठ कर परे चले आने के बीच बंट गया था। तब मैं हौले हौले चलता हुआ बीच वाली मंज़िल तक यह देखने के लिए आया कि वहां पर क्या चल रहा है। एक आदमी बाकी और लोगों की तुलना में सबसे ज्यादा हँस रहा था। निश्चित तौर पर मेरा कोई दोस्त रहा होगा। लेकिन ये विकृत और नर्वस हँसी थी मानो वह कुछ सिद्ध करना चाहता हो। बाल्कनी में भी यही हाल चल रहा था।

दो घंटे तक मैं लॉबी में, गली में और थियेटर के आस पास चहलकदमी करता रहा और फिर वापिस थियेटर में फिल्म देखने आ जाता। ये सब बीच बीच में चलता रहा। आखिर फिल्म खत्म हुई। अर्ल विल्सन, स्तम्भकार, जो बहुत ही प्यारा आदमी था, मुझसे लॉबी में मिलने वाले लोगों में सबसे पहला था। 'मुझे ये बहुत अच्छी लगी।' उसने 'मुझे' पर बहुत ज़ोर दिया। तब मेरे प्रतिनिधि आर्थर केली बाहर आये। 'बेशक, ये एक करोड़ बीस लाख का धंधा तो नहीं ही करने जा रही है।' उसने कहा।

'मैं आधे पर ही समझौता कर लूंगा,' मैंने मज़ाक में कहा।

इसके बाद हमने लगभग एक सौ पचास लोगों को खाने की दावत दी। उनमें से कुछ पुराने दोस्त थे। उस शाम वहां पर तरह तरह की बातें हुईं और शैम्पेन सर्व किये जाने के बावजूद मामला हताश करने वाला था। ऊना जल्दी ही वहां से चली गयी लेकिन मैं आधा घंटा और रुका रहा।

हरबर्ट बेयार्ड स्वोपे, जिन्हें मैं पसंद करता था और समझदार समझता था, फिल्म के बारे में मेरे दोस्त डॉन स्टीवर्ट से बहस कर रहे थे। स्वोपे को ये पसंद नहीं आयी थी। उस रात कुछ ही लोगों ने मुझे बधाई दी। डॉन स्टीवर्ट, जो मेरी तरह खुद भी थोड़े नशे में थे, बोले, 'चार्ली, आस पास बहुत से हरामी मौजूद हैं जो आपकी फिल्म पर राजनीति की रोटियां सेंकना चाहते हैं। लेकिन फिल्म बहुत ऊंची चीज़ बनी है और दर्शक इसे पसंद करेंगे।'

इस समय तक मैं इस बात की परवाह नहीं कर रहा था कि कौन क्या कह रहा है। अब मुझमें विरोध करने की ताकत नहीं बची थी। डॉन मुझे होटल तक छोड़ने आये। जब हम पहुंचे तो ऊना पहले ही सो चुकी थी।

'कौन सी मंज़िल है?' डॉन ने पूछा।

'सत्रहवीं'

'हे भगवान, आपको पता है कि ये कौन सा कमरा है? ये वही कमरा है जिसमें वो लड़का लेज पर निकल आया था और कूद कर जान देने से पहले वहां पर बारह घंटे तक खड़ा रहा था।'

उस शाम का इससे बेहतर क्लाइमेक्स और क्या हो सकता था। अलबत्ता, मैं ये मानता हूं कि मैंने अब तक जितनी भी फिल्में बनायी हैं,उनमें से मोन्स्योरवेरडाऊसबसे ज्यादा चतुराई और समझदारी से बनायी गयी फिल्म है।

मेरी हैरानी की सीमा न रही जब मोन्स्योरवेरडाऊ न्यू यार्क में छ: सप्ताह तक चलती रही और उसने बहुत अच्छा कारोबार किया। लेकिन ये अचानक ही मंदी पड़ गयी। जब मैंने युनाइटेड आर्टिस्ट्स के ग्रैंड सीअर्स से इस बारे में पूछा तो उसने बताया, 'आप जो भी फिल्म बनाते हैं, वह पहले तीन या चार हफ्ते तक तो बहुत अच्छा कारोबार करती है। कारण ये है कि आपके बहुत सारे पुराने प्रशंसक हैं। लेकिन उनके बाद आती है आम जनता। और सच कहें तो प्रेस आपके पीछे कम से कम दस बरस से लट्ठ ले कर पड़ी हुई है और उस लट्ठबाजी की कुछ तो असर होना ही था। यही वजह है कि कारोबार में मंदी आ गयी है।'

'लेकिन ये तो मानना ही पड़ेगा कि लोगों में हास्य बोध है।' मैंने पूछा।

'यहां देखिये,' उसने मुझे डेलीन्यूज और हर्स्ट के अखबार दिखाये, और ये अखबार सारे देश में जाते हैं।'

एक अखबार में एक चित्र दिखाया गया था जिसमें मोन्स्योरवेरडाऊ दिखाने वाले एक थियेटर के बाहर न्यू जर्सी कैथोलिक लीज़न के लोग हाथ में प्लेकार्ड ले कर धरना दे रहे थे। उन लोगों के हाथों में जो बोर्ड थे, उन पर लिखा था,

'चार्ली कॉमरेड है'

'देशद्रोही को देश से बाहर निकालो'

'चैप्लिन बहुत दिन तक मेहमान बन कर रह लिया'

'चैप्लिन, कृतघ्न और कम्यूनिस्टों से सहानुभूति रखने वाला'

'चैप्लिन को रूस भेजो'

जब किसी व्यक्ति पर निराशा और तकलीफ की दुनिया टूट पड़ती है तो अगर वह हताशा की तरफ नहीं मुड़ता तो दर्शन और हास्य की तरफ मुड़ जाता है। और जब ग्रैड ने मुझे धरना देने वालों की तस्वीर दिखायी, तो उस वक्त थियेटर के बाहर एक भी दर्शक नहीं था। मैंने मज़ाक में कहा, 'स्पष्ट ही ये तस्वीर सुबह पांच बजे ली गयी होगी।' अलबत्ता, जहां कहीं भी मोन्स्योरवेरडाऊ बिना बाधा के दिखायी गयी, इसने सामान्य की तुलना में बेहतर ही कारोबार किया।

पिक्चर को देश के सभी बड़े सर्किटों में बुक किया गया था। लेकिन अमेरिकी ल़ाजन की तरफ से और दूसरे समूहों की तरफ से धमकी भरे पत्र मिलने पर उन्होंने शो दिखाने बंद कर दिये। लीज़न ने धमकाने का प्रभावशाली तरीका अपनाया था कि अगर वे कोई चैप्लिन फिल्म दिखा रहे होते या कोई ऐसी फिल्में दिखा रहे होते जिसे वे अनुमोदित नहीं करते थे तो वे वितरकों को पूरे एक बरस तक थियेटर का बहिष्कार करने की धमकी देते थे। डेनवर में पहली रात फिल्म ने बहुत अच्छा कारोबार किया लेकिन इस तरह के धमकी भरे व्यवहार के कारण उसे उतार दिया गया।

न्यू यार्क की ये वाली हमारी यात्रा अब तक की यात्राओं की तुलना में सबसे ज्यादा नाखुश करने वाली थी। रोज़ाना हमें फिल्म के रद्द किये जाने की खबरें मिलतीं। इसके अलावा, मुझेग्रेटडिक्टेटर को ले कर चोरी के इल्ज़ाम में फंसा दिया गया था और प्रेस और जनता की भीषण नफ़रत और विरोध के चरम बिन्दु पर पहुंचने पर और जब कि सीनेट में चार सीनेटर हाथ धो कर मेरे पीछे पड़ गये थे, मेरी इस इच्छा के विरुद्ध कि इस मामले को थोड़ा स्थगित कर दिया जाये, मामले को जूरी के सामने ले जाया गया।

आगे बढ़ने से पहले मैं ये कह कर कुछ बातें साफ कर लेना चाहता हूं कि मैंने हमेशा अकेले के बलबूते पर अपनी पटकथाएं खुद ही सोची और लिखी हैं। मामला अभी शुरू भी नहीं हुआ था कि न्यायाधीश ने यह घोषणा कर दी कि उनके पिता मर रहे हैं और कि हम समझौता कर लें ताकि वह मामला निपटा सकें और अपने पिता के पास जा सकें। दूसरे पक्ष ने इसमें तकनीकी फायदा देखा और समझौते के प्रस्ताव को लपक कर स्वीकार कर लिया। अगर सामान्य परिस्थितियां होतीं तो मैंने मामले को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया होता, लेकिन एक तो मैं उस वक्त अमेरिका में अलोकप्रियता के शिखर पर था और इस तरह के न्यायालय के दबाव में आ गया था, मैं डरा हुआ था कि आगे न जाने क्या हो जाये, हमने समझौता कर लिया।

12,000,000 डॉलर कमाने की सारी उम्मीदें धूल में मिल चुकी थीं। अब तो उसकी कीमत वसूल करने के भी लाले पड़े हुए थे। एक बार फिर युनाइटेड आर्टिस्ट्स गहरे संकट में पड़ गयी थी। किफायत करने की दृष्टि से मैरी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मैं अपने प्रतिनिधि आर्थर कैल्ली की छुट्टी कर दूं और जब मैंने उसे याद दिलाया कि मैं भी कम्पनी का आधा मालिक हूं तो मोहतरमा नाराज़ हो गयीं।

'अगर मेरा प्रतिनिधि जाता है, मैरी, तो आपका प्रतिनिधि भी ज़रूर जायेगा।' मैंने कह दिया। इससे अवरोध पैदा हो गया और मुझे मज़बूरन कहना पड़ा, 'अब हम दोनों में से ही एक कम्पनी खरीदे और दूसरा बेचे। अपनी कीमत बोलिये।' लेकिन मैरी कोई कीमत लगाने के लिए तैयार नहीं थीं और न ही मैं कीमत लगाने में पहल कर रहा था।

आखिर, ईस्टर्न सर्किट ऑफ थियेटर्स का प्रतिनिधित्व करने वाली वकीलों की एक फर्म हमारी संकट मोचक बन कर सामने आयी। वे कम्पनी पर नियंत्रण चाहते थे और 12,000,000 डॉलर देने के लिए तैयार थे। 7,000,000 डॉलर नकद और 5,000,000 डॉलर शेयरों के रूप में। ये बहुत ही अच्छा सौदा था।

'देखो,' मैंने मैरी से कहा, 'आप मुझे अभी नकद 5,000,000 डॉलर दे दीजिये और बाकी आप रख सकती हैं।' वे इस बात से सहमत हो गयीं और कम्पनी को भी इसमें एतराज़ नहीं था।

कई हफ्तों तक सौदेबाजी करने के बाद इस आशय के दस्तावेज तैयार कर लिये गये। आखिरकार मेरा वकील मेरे पास आया और बोला,'चार्ली, अगले दस मिनट बाद आपकी हैसियत पचास लाख डॉलर की हो जायेगी।'

लेकिन दस मिनट बाद उसने फोन किया, 'चार्ली, सौदा खटाई में पड़ गया है। मैरी ने पैन अपने हाथ में ले लिया था और हस्ताक्षर करने ही वाली थीं कि अचानक बोलीं, 'नहीं, चार्ली को पचास लाख डॉलर अभी ही क्यों मिलें और मुझे दो बरस तक इंतज़ार करना पड़े!' हमने तर्क दिया कि उन्हें सत्तर लाख डॉलर मिल रहे हैं, आपकी तुलना में बीस लाख डॉलर ज्यादा। लेकिन उन्होंने ये बहाना बना दिया कि उससे उनकी आय पर टैक्स को ले कर समस्या हो जायेगी। ये हमारे लिए सुनहरी मौका था। बाद में हमें कम्पनी को बहुत कम कीमत पर बेचने पर मज़बूर होना पड़ा।

हम कैलिफोर्निया लौट आये। मैं मोन्स्योरवेरडाऊ के पचड़े से पूरी तरह से मुक्त हो चुका था इसलिए मैं एक बार फिर आइडिया सोचने के लिए तैयार होने लगा। इसकी वज़ह ये थी कि मैं आशावादी था और मुझे अभी भी इस बात का यकीन नहीं था कि मैं अमेरिकी जनता का प्यार पूरी तरह से खो चुका हूं, कि वे राजनैतिक रूप से इतने सजग हो सकते हैं कि या हास्य से इतने हीन हो सकते हैं कि किसी भी ऐसे व्यक्ति का बहिष्कार कर दें जो उन्हें हँसाता रहा है। मेरे पास एक आइडिया था और इसके दबाव के तले मैं इस बात की रत्ती भर भी परवाह नहीं कर रहा था कि नतीजा क्या होगा। फिल्म बननी ही बननी थी।

दुनिया चाहे जितने भी आधुनिक बाने धारण कर ले, उसे प्रेम कहानी हमेशा अच्छी लगती है। जैसा कि हैज़लिट ने कहा है, संवेदना में मेधा की तुलना में ज्यादा अपील होती है और कि ये कला के कार्य में कहीं बड़ा योगदान करती है। इस बार मेरा आइडिया एक प्रेम कहानी का था। इसके अलावा, ये मोन्स्योरवेरडाऊ की पागलपन भरी निराशा की तुलना में दूसरी तरह की फिल्म होती। लेकिन महत्त्वपूर्ण बात ये थी कि इसका आइडिया मुझे उत्तेजित किये हुए था।

लाइमलाइट को तैयार करने में अट्ठारह महीने का समय लगा। इसके लिए बारह मिनट के बैले संगीत की रचना की जानी थी। ये काम हिमालय में से गंगा निकालने जैसा मुश्किल सिद्ध हुआ क्योंकि मुझे बैले की भाव भंगिमाओं की कल्पना करनी थी। अतीत में तो ये होता था कि जब फिल्म पूरी हो जाती थी तभी मैं संगीत रचना किया करता था और ऐसी हालत में मैं एक्शन देख सकता था। इसके बावज़ूद, मैंने नृत्य की मुद्राओं की कल्पना करते हुए सारे संगीत की रचना की। लेकिन जब संगीत पूरा हो गया तो मैं हैरान परेशान था कि ये बैले के लिए माफिक बैठेगा या नहीं क्योंकि नृत्य की कोरियोग्राफी तो नर्तकों द्वारा खुद ही सोची और पेश की जायेगी।

आंद्रे एग्लेवस्की का बहुत बड़ा प्रशंसक होने के नाते मैंने सोचा कि उन्हें बैले में लिया जाये। वे न्यू यार्क में थे इसलिए मैंने उन्हें फोन किया और उनसे पूछा कि क्या वे अलग ही संगीत रचना पर 'ब्लूबर्ड' नृत्य करना चाहेंगे। मैंने उनसे ये भी कहा कि वे अपने साथ नृत्य करने के लिए किसी बैलेरिना का नाम भी सुझायें।

ब्लूबर्ड नृत्य ट्राइकोवस्की के संगीत पर आधारित है और पैंतालीस सेकेंड तक चलता है। इसलिए मैंने कमोबेश इतनी ही अवधि के लिए संगीत रचना तैयार की थी।

हम पिछले कई महीने से पचास कलाकारों वाले आर्केस्ट्रा के साथ बारह मिनट का बैले संगीत बनाने की दिशा में काम कर रहे थे इसलिए मैं आंद्रे साहब की प्रतिक्रिया जानने को बेचैन था। आखिरकार, बैलेरिना मेलिसा हेडन और आंद्रे एग्लेवस्की ये संगीत रचना सुनने के लिए विमान से हॉलीवुड आये। जिस वक्त वे इसे सुनने के लिए बैठे तो मैं बहुत ज्यादा नर्वस था और आत्म सजग था। लेकिन भगवान का शुक्र है, दोनों ने इसे अनुमोदित कर दिया और बताया कि ये बैले के अनुरूप है। मेरे फिल्म कैरियर के पलों में से ये सबसे ज्यादा रोमांचक पल थे - उन्हें इस धुन पर नृत्य करते देखना। उन्होंने इसमें जो अर्थ भरे, वे आह्लाद से भर देने वाले थे और इसने संगीत को एक महाकाव्यात्मक महत्ता प्रदान की।

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लड़की की भूमिका के लिए पात्र का चयन करते समय मैं असंभव की चाह रखने लगा था। सौन्दर्य, मेधा, और ऊपर से संवेदनाएं प्रकट कर सकने की बहुत व्यापक रेंज। कई महीनों तक खोजने और जांचने परखने के बाद भी निराशा जनक नतीजे ही सामने आ रहे थे। मैं सौभाग्यशाली था कि मैंने क्लेयर ब्लूम को चुना। मेरे मित्र आर्थर लारेंट्स ने उसकी सिफारिश की थी।

हमारी प्रकृति में कुछ ऐसा होता है कि हम नफ़रत और दुखद बातों को भी भूल जाते हैं। मुकदमा और उसके साथ जुड़ी सारी तकलीफ़ें हवा में बर्फ की तरह पिघल चुकी थीं। इस बीच ऊना चार बच्चों की मां बन चुकी थी। गेराल्डिन, माइकल, जोस्सी और विक्की। बेवरली हिल्स में अब जीवन खुशनुमा था। हमने एक सुखद गृह व्यवस्था जुटा ली थी और सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था। रविवार को हम मेल-मुलाकात का दिन रखते और कई दोस्त हमसे मिलने आते। उनमें जिम एगी भी थे जो जॉन हस्टन के लिए पटकथा लेखन के लिए हॉलीवुड आये थे।

विल डुरांट, लेखक और दार्शनिक भी उन दिनों हॉलीवुड में थे और यूसीएलए में व्याख्यान दे रहे थे। वे मेरे पुराने मित्र थे और कभी-कभार हमारे घर पर खाना खाते। वे बहुत शानदार शामें होतीं। विल बहुत ही उत्साही आदमी थे और उन्हें किसी भी तरह के नशे की ज़रूरत न पड़ती। उनके लिए ज़िदंगी का नशा ही काफी था। एक बार उन्होंने मुझसे पूछा, 'सुन्दरता की आपकी धारणा क्या है?' मैंने कहा कि मेरे ख्याल से ये मृत्यु और अकेलेपन, मुस्कुराती हुई उदासी की सर्वत्र बिछी सत्ता है जिसे हम प्रकृति में और प्रत्येक वस्तु में देखते हैं, एक रहस्यमय आध्यात्मिक संबंध जिसे कवि महसूस करता है, ये सूर्य की किरण में चमकता कचरे का डिब्बा भी हो सकता है या गटर में गिरा हुआ गुलाब का फूल भी हो सकता है। एल ग्रेको ने इसे हमारे 'सूली पर चढ़ने वाले यीशू' में देखा था।

हम विल से दोबारा डगलस फेयरबैंक्स जूनियर के यहां डिनर पर मिले। क्लेमेंस डेन और क्लेयर बूथ लूस भी वहीं थे। मैं क्लेयर से कई बरस पहले न्यू यार्क में डब्ल्यू आर हर्स्ट के फैंसी ड्रेस शो में मिला था। उस रात वे अट्ठारहवीं शताब्दी के कॉस्ट्यूम और सफेद विग में गज़ब की सुंदर और मनमोहनी लग रही थीं। तभी मैंने सुना था कि मेरे दोस्त जॉर्ज मूर, जो बेहद संवेदनशील और सुसंस्कृत व्यक्ति थे, के साथ उसकी कहा-सुनी हो गयी थी।

अपने प्रशंसकों के जमावड़े से घिरी वे सबको सुनायी दे सकने वाली आवाज़ में मूर का पानी उतार रही थीं, 'आप तो अच्छे खासे रहस्यमय नज़र आते हैं। आप पैसा कमाते कैसे हैं?'

ये बहुत ही क्रूर बात थी, खास तौर पर तब, जब कई लोग वहां पर मौजूद थे। लेकिन जॉर्ज बहुत ही प्यारे इन्सान थे, उन्होंने हँसते हुए जवाब दिया था, 'मैं कोयला बेचता हूं, अपने दोस्त हिचकॉक के साथ थोड़ी-सी पोलो खेल लेता हूं और यहां,' उस वक्त मैं वहीं से गुज़र रहा था, 'मेरा दोस्त चार्ली मुझे जानता है।' क्लेयर के बारे में तब से मेरी धारणा बदल गयी थी। बाद में मुझे ये सुन कर बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई थी कि वे कांग्रेस में चली गयी थीं और बाद में राजदूत बन गयी थीं। उन्होंने अमेरिकी राजनीति को प्रख्यात दार्शनिक जुमला ग्लोबालोनी· दिया था।
उस रात मैं क्लेअर लूस के देव वाणी सदृश उपदेश सुनता रहा। बेशक विषय धर्म की ओर मुड़ गया (वे हाल ही में केथोलिक चर्च में शामिल हो गयी थीं) और मैंने चर्चा के दौरान उनसे कहा, `आदमी को ईसाईयत का तमगा अपने माथे पर लगाने की ज़रूरत नहीं होती। धर्म साधुओं और पापियों, दोनों में एक जैसा होता है। पवित्र आत्मा हर कहीं होती है।' उस रात जब हम विदा हुए तो दोनों ही असहज महसूस कर रहे थे।

लाइमलाइट पूरी हो चुकी थी और मुझे अब तक की बनायी मेरी किसी भी दूसरी फिल्म की तुलना में इसकी सफलता के बारे में बहुत कम शक था। हमने अपने मित्रों के लिए एक निजी शो की व्यवस्था की और सभी बहुत उत्साहित थे। इसलिए हमने यूरोप के लिए निकलने के बारे में सोचना शुरू किया। ऊना चाहती थी कि बच्चों को हॉलीवुड के प्रभाव से कहीं दूर स्कूल में भरती किया जाए।

मैं तीन महीने पहले ही री-एंट्री के परमिट के लिए आवेदन दे चुका था, लेकिन अभी तक कोई उत्तर नहीं आया था। इसके बावज़ूद, मैं जाने की तैयारियों में अपने कारोबार को व्यवस्थित करने में लगा हुआ था। मेरे टैक्स की फाइलें जमा कर दी गयी थीं और सारे मामले निपटा दिये गये थे। लेकिन जब आंतरिक राजस्व सेवा विभाग को पता चला कि मैं यूरोप के लिए निकल रहा हूं तो उन्होंने ये बात खोज निकाली कि मैंने उन्हें और पैसे देने हैं। अब उन्होंने एक ऐसी राशि की गिन कर दे दी जो छह अंकों में जाती थी। उन्होंने मुझसे 2,000,000 डॉलर की मांग की। यह राशि उस राशि से दस गुना ज्यादा थी जिसका वे दावा कर रहे थे। मेरी छठी इंद्रिय ने मुझे चेताया कि कुछ भी जमा मत कराओ और मामले को तुरंत अदालत में ले जाये जाने के बारे में अड़ जाओ। इससे जल्दी ही, मामूली-सी राशि पर समझौता हो गया। अब उन्हें कुछ और राशि वसूल नहीं करनी थी इसलिये मैंने फिर से री-एंट्री के परमिट के बारे में आवेदन किया लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। इसलिये, मैंने वाशिंगटन में एक पत्र भेजा और उन्हें सूचित किया कि अगर वे मुझे री-एंट्री परमिट नहीं देना चाहते, तो भी मैं किसी भी हालत में देश से जाना चाहता हूं।

एक हफ्ते बाद मुझे आप्रवास विभाग से एक टेलीफोन संदेश मिला कि वे मुझसे कुछ सवाल पूछना चाहते हैं और क्या वे मेरे घर पर आ सकते हैं?

`बेशक,' मैंने जवाब दिया।

तीन पुरुष और एक महिला पहुंचे। महिला के हाथ में स्टेनोटाइप मशीन थी। पुरुषों के हाथ में चौकोर ब्रीफकेस थे। स्पष्ट था कि वे टेप रिकार्डिंग मशीनें लेकर चल रहे थे। मुख्य जांचकर्ता लगभग चालीस बरस का खूबसूरत, सीधा, दुबला-पतला आदमी था। मुझे पता था कि मैं चार के मुकाबले एक हूं और मुझे अपने वकील को भी बुलवा लेना चाहिए था लेकिन मुझे कुछ भी तो नहीं छुपाना था।

मैं उन्हें धूप वाले पोर्च में ले गया। महिला ने अपनी स्टेनोटाइप मशीन निकाली और एक छोटी सी मेज पर रख दी। पुरुष लोग सेट्टी पर बैठे और अपनी टेप रिकॉर्डिंग मशीनें अपने सामने रख लीं। जांचकर्ता ने एक फुट मोटा रजिस्टर निकाला और सफाई से अपने पास मेज पर रख दिया। मैं उनके सामने बैठा। वह पेज दर पेज अपने रजिस्टर में देखने लगा।

`क्या चार्ल्स चैप्लिन आपका असली नाम है?'

`जी हां,'

`कुछ लोग कहते हैं कि आपका नाम - (यहां उन्होंने कोई विदेशी नाम लिया) कि आपका नाम गलिसिया है!'

'नहीं, मेरा नाम चार्ल्स चैप्लिन है और मेरे पिता का नाम भी चार्ल्स चैप्लिन था और मैं इंगलैंड पैदा हुआ।'

'आपका कहना है कि आप कभी कम्यूनिस्ट नहीं रहे हैं?'

'कभी नहीं, मैं कभी भी अपने जीवन में किसी राजनैतिक संगठन में शामिल नहीं हुआ हूं।'

'आपने एक भाषण दिया था जिसमें आपने 'कॉमरेड' शब्द का इस्तेमाल किया था। इससे आपका क्या मतलब था?'

'बिल्कुल यही। आप शब्दकोष में देखें। कम्यूनिस्ट लोगों का इस शब्द पर कोई एकाधिकार नहीं है।'

वह इसी तरह से अपने सवाल पूछता रहा। अचानक उसने एक सवाल पूछा, 'क्या आपने कभी व्यभिचार किया है?'

'सुनिये,' मैंने जवाब दिया, 'अगर आप मुझे देश से बाहर रखने के लिए कोई तकनीकी कारण खोज रहे हैं तो मुझे बता दीजिये। मैं उसी तरह से व्यवस्था कर लूंगा क्योंकि मैं कहीं पर भी अवांछित व्यक्ति बन कर नहीं रहना चाहता।'

'ओह, नहीं,' वह बोला, 'यह सवाल तो हरेक री-एंट्री परमिट में होता है।'

'व्यभिचार की परिभाषा क्या है?' मैंने पूछा।

हम दोनों ने शब्दकोष में देखा।

'हम मान लें कि दूसरे की पत्नी के साथ संबंध,' कहा उसने।

मैं कुछ पल सोचता रहा, 'मेरी जानकारी में नहीं,' मैंने जवाब दिया।

'अगर आपके देश पर हमला हो जाता है, तो क्या आप इसके लिए लड़ेंगे?'

'बेशक, मैं इस देश को प्यार करता हूं। ये मेरा घर है। मैं यहां चालीस बरस से रह रहा हूं,' मैंने जवाब दिया।

'लेकिन आप कभी इसके नागरिक नहीं बने?'

'इसके खिलाफ कोई कानून नहीं हैं, अलबत्ता, मैं अपने टैक्स यहीं अदा करता हूं।'

'लेकिन आप पार्टी लाइन के हिसाब से क्यों चलते हैं?'

'अगर आप मुझे बता दें कि पार्टी लाइन क्या होती है तो मैं आपको बता दूंगा कि मैं इसके हिसाब से चलता हूं या नहीं।'

थोड़ी देर के लिए मौन पसर गया, फिर मैंने अपनी बात कही: 'क्या आप जानते हैं कि मैं इस सारी मुसीबत में कैसे फंसा?'

उसने सिर हिलाया।

'आपकी सरकार पर अहसान करके!'

उसने हैरानी से अपनी भौहें ऊपर कीं।

'रूस में आपके राजदूत मिस्टर जोसेफ डेविस को रूसी युद्ध राहत की ओर से सैन फ्रांसिस्को में भाषण देना था, लेकिन ऐन मौके पर उनका गला खराब हो गया और आपकी सरकार के एक उच्च अधिकारी ने मुझसे पूछा कि क्या मैं उनके स्थान पर बोलने की मेहरबानी करूंगा और तब से मैं इसमें अपनी गर्दन फंसाये बैठा हूं।'

तीन घंटे तक मुझसे पूछताछ होती रही। एक हफ्ते बाद फिर उन्होंने मुझे फोन किया कि क्या मैं आप्रवास कार्यालय में आऊंगा। मेरे वकील ने मेरे साथ चलने की ज़िद की। उसका कहना था, 'हो सकता है वे कुछ और सवाल पूछें।'

जब मैं वहां पर पहुंचा तो मैं इतने सौहार्दपूर्ण स्वागत की उम्मीद नहीं करता था। आप्रवास विभाग के प्रमुख, मझौली उम्र के एक दयालु शख्स ने मानो दिलासा देते हुए कहा, 'मुझे खेद है कि आपको हमारी वजह से विलंब हुआ है, मिस्टर चैप्लिन, लेकिन अब हमने आप्रवास कार्यालय की एक शाखा लॉस एंजेल्स में भी खोली है और अब आपका काम जल्दी ही हो जाया करेगा और आपको अपने आवेदन पत्र वाशिंगटन भेजने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आपसे सिर्फ एक सवाल और पूछना है, मिस्टर चैप्लिन, 'आप कितना अरसा बाहर रहेंगे?'

'छह महीने से ज्यादा नहीं,' मैंने जवाब दिया, 'हम सिर्फ छुट्टी मनाने जा रहे हैं।'

'नहीं तो, अगर आप ज्यादा अरसे के लिए जा रहे हैं तो आपको समय विस्तार के लिए अवश्य ही अनुमति लेनी होगी।' उन्होंने मेज पर एक दस्तावेज रख दिया और कमरे से बाहर चले गये। मेरे वकील ने तेजी से दस्तावेज की तरफ देखा, 'ये हुई न बात,' कहा उसने, 'उन्होंने परमिट दे दिया है।'

वह आदमी एक पेन लेकर लौटा, 'क्या आप यहां हस्ताक्षर करेंगे, मिस्टर चैप्लिन, और हां, आपको अपनी यात्रा के दूसरे कागज़ात लेने होंगे।'

मेरे हस्ताक्षर कर लेने के बाद उन्होंने प्यार से मेरा कंधा थपथपाया, 'ये रहा आपका परमिट, मैं उम्मीद करता हूं कि आपकी यात्रा सुखद रहेगी, चार्ली। जाइये, जल्दी घर जाइये।'

शनिवार का दिन था और हम ट्रेन से रविवार की सुबह न्यू यार्क के लिए निकलने वाले थे। मैं चाहता था कि ऊना मेरे सेफ डिपाजिट बॉक्स को अपने कब्जे में ले ले क्योंकि कुछ भी हो सकता था और मेरी सारी पूंजी इसी बक्से में रखी थी लेकिन ऊना बैंक में जाकर हस्ताक्षर करना टालती रही। और अब लॉस एंजेल्स में ये हमारा आखिरी दिन था और दस मिनट में बैंक बन्द हो जाने वाला था।

'हमारे पास सिर्फ दस ही मिनट बचे हैं, इसलिए हमें जल्दी करनी होगी!' मैंने कहा।

ऐसे मामलों में ऊना बहुत टाल मटोल करती है। 'क्या हम छुट्टियों से वापिस आने का इंतज़ार नहीं कर सकते?' कहा उसने। लेकिन मैं ज़िद पर अड़ा रहा। हमने एक अच्छा काम किया नहीं तो देश से अपनी सारी पूंजी बाहर निकालने के लिए हमें बाकी जीवन मुकदमेबाजी में ही गुज़ार देना पड़ता।

ये एक खुशनुमा दिन था जब हम न्यू यार्क के लिए चले। ऊना जाने के लिए अंतिम घरेलू तैयारियां कर रही थी और मैं बरामदे में खड़ा घर को दुविधा भरी भावनाओं के साथ देख रहा था। इस घर में मेरे साथ कितना कुछ घटा था। इतनी सारी खुशियां, इतनी सारी तकलीफ़ें और अब घर कितना शांत और दोस्ताना लग रहा था कि मुझे इसे छोड़ते हुए तकलीफ़ हो रही थी।

हैलन, हमारी नौकरानी और हेनरी, हमारे बटलर को विदा कह देने के बाद मैं रसोई में लपका और अपनी कुक अन्ना को विदा के दो शब्द कहे। मैं ऐसे मौकों पर बहुत शर्मीला हो जाता हूं और अन्ना, गोल-मटोल सी, भारी भरकम महिला थोड़ा ऊंचा सुनती थी। 'गुड बाय' मैंने कहा और उसकी बांह को छुआ। ऊना सबसे बाद में निकली। उसने मुझे बताया कि उसने कुक और नौकरानी को रोते हुए देखा था। मेरे असिस्टेंट डायरेक्टर जेरी एप्सटीन हमें स्टेशन पर छोड़ने आये।

शहर के बाहरी इलाकों की यात्रा राहत देने वाली थी। समुद्री यात्रा शुरू करने से पहले हम एक हफ्ते तक न्यू यार्क में रहे। जिस समय मैं आनंद भोगने के लिए अपने आप को तैयार कर ही रहा था कि मेरे वकील चार्ल्स श्वार्त्ज यह कहने के लिए आये कि युनाइटेड आर्टिस्ट्स का कोई भूतपूर्व कर्मचारी मुझ पर कई लाख डॉलर के लिए मुकदमा कर रहा है। 'ये सब बकवास है चार्ली, साथ ही साथ, मैं चाहता हूं कि आप ये सम्मन न लें क्योंकि इसका मतलब आपको छुट्टी से वापिस आना पड़ सकता है।' इस तरह से मुझे इन आखिरी चार दिनों के लिए अपने कमरे मे ही बंद रह जाना पड़ा और मैं ऊना और बच्चों के साथ न्यू यार्क नहीं घूम पाया। अलबत्ता, मैं लाइमलाइट के प्रेस प्रिव्यू के समय मौजूद रहना चाहता था,सम्मन मिले या नहीं!

क्रोकर, मेरे प्रचार प्रबंधक ने टाइम तथा लाइफ पत्रिकाओं के सम्पादकीय स्टाफ के साथ एक लंच का आयोजन किया था। ये इस तरह का मौका था कि खुद आगे बढ़ कर प्रचार कराया जाय। नंगी, सफेद प्लस्तर वाली दीवारों वाले उनके दफ्तर उस लंच के मनहूस माहौल के लिए एकदम माफिक सेटिंग थे। मैं टाइम स्टाफ के उदास, घुटे सिर वाले लोगों के साथ मज़ाकिया और अंतरंग बनने की कोशिश करता रहा। खाने में चिपचिपा,रसेदार चिकन था जो बिल्कुल बेस्वाद था लेकिन जहां तक लाइमलाइट के लिए अच्छे प्रचार का सवाल था, न तो मेरी मौजूदगी ने, न मेरे उनके नज़दीक आने की कोशिशों ने और न ही खाने ने ही कोई फायदा पहुंचाया। उन्होंने फिल्म के बारे में बहुत बेरहमी से लिखा।

हालांकि प्रेस प्रिव्यू के समय थिएटर में निश्चय ही माहौल दोस्ताना नहीं था, लेकिन बाद में मुझे ये देखकर सुखद आश्चर्य हुआ कि कुछ बड़े अखबारों ने अच्छी समीक्षाएं दी थीं।


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