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कविता

गरुड़ को दावा जैसे नाग के समूह पर
भूषण


गरुड़ को दावा जैसे नाग के समूह पर
दावा नागजूह पर सिंह सिरताज को।
दावा पूरहूत को पहारन के कूल पर
दावा सबै पच्छिन के गोल पर बाज को।
भूषण अखंड नवखंड महिमंडल में
तम पर दावा रविकिरनसमाज को।
पूरब पछाँह देश दच्छिन ते उत्तर लौं
जहाँ पातसाही तहाँ दावा सिवराज को।।


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हिंदी समय में भूषण की रचनाएँ