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कविता

इस समय
निशांत


बाज के डैने पर सफेदी पुती है !
गौरैया अंडे देना बंद कर रही है !

हवाई जहाज में
टावर नहीं पकड़ रहा है मोबाइल का !

कंप्यूटर से एक जानवर निकलता
और ठप्पा लगाकर वापस चला जाता कंप्यूटर में
दो आँखों की बीच वाली जगह में !

पृथ्वी, तलाश रही है
थोड़ी-सी जमीन
बैठकर सुस्ताने के लिए।


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हिंदी समय में निशांत की रचनाएँ