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कविता

शिकारी
लीना मल्होत्रा राव


महत्वाकांक्षाओं की चिड़िया
औरत की मुंडेर पर आ बैठी है
दम साध शिकारी ने तान ली है बंदूक
निशाने पर है चिड़िया
अगर निशाना चूक गया
तो औरत मरेगी !


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हिंदी समय में लीना मल्होत्रा राव की रचनाएँ