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कविता

सप्तपदी
लीना मल्होत्रा राव


तुम्हारे पास सिगरेट थी
मेरे पास सूरज
दोनों ही सप्तपदी में शामिल न थे
फिर ऐसा क्यों हुआ
जब मैंने सूरज धो पोंछ चमका कर
फलक पर रखा
धरती गाढ़े धुएँ से भर गई
क्या तुम्हारी सिगरेट मेरे सूरज से जलती थी ?


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