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कहानी

उड़ान
मो यान

अनुवाद - विजय शर्मा


स्वर्ग और पृथ्वी को प्रणाम करने के बाद बड़ा, काला हॉन्ग जाई अपनी उत्तेजना छिपा नहीं पा रहा था। उसकी दुल्हन का चेहरा घूँघट में होने के कारण उससे छिपा हुआ था लेकिन उसकी लंबी सुडौल बाँहें तथा लचीली कमर बता रही थी कि वह नॉर्दन जिआओशौ टाउनशिप की लड़कियों से ज्यादा खूबसूरत थी। 40 साल के और बुरी तरह चेचक के दागों से भरे चेहरे वाला हॉन्ग जाई नॉर्थ ईस्ट का एक प्रमुख क्वाँरा था। उसकी बूढ़ी होती माँ ने उसकी शादी यानयान से उसकी बहन यानघुआ के एवज में करवा दी थी। यानघुआ अपने इलाके की वास्तविक सुंदरी थी, उसका विवाह यानयान के गूँगे बड़े भाई से हुआ था। अपनी बहन के बलिदान से हॉन्ग जाई बहुत प्रभावित था और उसने सोचा वह कैसे गूँगे के बच्चों को जन्म देगी। अपनी भावनाओं में भ्रमित अपनी नई दुल्हन के प्रति उसके मन में प्रतिकार का भाव था। गूँगे, यदि तुमने मेरी छोटी बहन के साथ कुछ उल्टा-सीधा किया तो मैं इसका बदला तुम्हारी बहन से निकालूँगा।

यह दोपहर का समय था जब हॉन्ग जाई की नई पत्नी ने दुल्हन के कमरे में प्रवेश किया। शैतान बच्चों ने ईट के बिस्तर के किनारे पर बैठी वधु को देखने के लिए खिड़की की दरार को ढकने वाले गुलाबी पेपर में छेद कर लिए थे। पड़ोस की एक औरत ने हॉन्ग जाई का कंधा थपथपाया और खी-खी करते हुए कहा, "चेचकरू, तुम बहुत भाग्यशाली हो! तुम्हें छोटी-सी कमलकली मिली है, नाजुक ढंग से छूना।"

हॉन्ग जाई के पाजामा में हलचल हुई। उसके चेहरे के दाग लाल होकर चमकने लगे।

जब हॉन्ग जाई आँगन में चहलकदमी करते हुए रात का इंतजार कर रहा था, सूरज आकाश में स्थिर टँगा था। उसकी माँ ने उसे छड़ी से कोंचा और कहा, "जाई, मेरी नई बहू में कुछ है जो मुझे तंग कर रहा है। सावधान रहना कहीं वह भाग न जाए।"

"चिंता मत करो, माँ, यानघुआ के वहाँ रहते, यह कहीं नहीं जाने वाली। ये एक धागे से बँधी टिड्डी हैं। एक के बिना दूसरी कहीं नहीं जा सकती है।"

जब माँ-बेटा बात कर रहे थे, नई बहू दो लड़कियों के साथ आँगन में आई। हॉन्ग जाई की माँ अस्वीकृति में भुनभुनाई, "कभी सुना है बहू अँधेरा होने से पहले बिस्तर से उठकर पेशाब करने जाए? शादी नहीं चलेगी। मुझे लगता है, यह किसी फिराक में है।"

लेकिन अपनी पत्नी की सुंदरता के वश में हॉन्ग जाई अपनी माँ की चिंता साझा न कर सका। उसका चेहरा लंबोतरा, पतली भौंहें, ऊँची नासिका और फीनिक्स की भाँति तिरछी आँखें थीं। लेकिन जब उसने हॉन्ग जाई का चेहरा देखा, वह रास्ते में रुक गई, एक लंबे पल मौन रहकर एक चीख निकली और वह भाग पड़ी। लड़कियाँ उसकी बाँह पकड़े आगे बढ़ीं, और चर्र-चर्र, उसका लाल गाउन फट गया, उसकी बाँह की बर्फीली गोरी चमड़ी, पतली गर्दन और भीतर पहने हुए लाल कैमीसोल का सामने का हिस्सा नजर आया।

हॉन्ग जाई जड़ हो गया। उसके सिर पर अपनी छड़ी ठोंकती हुई उसकी माँ चिल्लाई, "उसके पीछे जा, बेवकूफ!"

उसमें हलचल हुई और वह उसके पीछे भागा।

यानयान गली में उड़ चली, उसके खुले बाल चिड़िया की पूँछ जैसे लग रहे थे।

"रोको उसे!" हॉन्ग जाई चिल्लाया। "रोको उसे!"

उसकी चिल्लाहट लोगों को उनके घरों से बाहर गली में निकाल लाई और दर्जन से ज्यादा भयंकर कुत्तों को पागलपन में भौंकते खींच लाई।

यानयान एक लेन में घूमी और खेत की ओर चल दी, जहाँ गेहूँ की बालियाँ हवा में झुकी हुई थीं, उनकी फूलदार फुनगियाँ हरे समुद्र की लहरों की तरह हिल रही थीं। यानयान गेहूँ की कमर तक ऊँची लहरों को कुचलती हुई आगे बढ़ी, हरे के विपरीत उसका लाल कैमीसोल और दूधिया बाँहें, गतिमान एक प्यारी-प्यारी पेंटिंग।

दुल्हन शादी से भागे यह पूरे नॉर्थ ईस्ट गाओमी टाउनशिप के लिए शर्मनाक था। अतः गाँव के पुरुषों ने गुस्से के साथ चारों ओर से उसका पीछा किया। कुत्ते भी हरी लहरों में कूद-फाँद कर पीछा कर रहे थे।

जब आदमियों का घेरा कसने लगा, यानयान गेहूँ की लहरों में डुबकी लगा गई। हॉन्ग जाई ने राहत की साँस ली। पीछा करने वालों की साँस भारी और गति धीमी हो गई। हाथ से टटोलते हुए वे बहुत सावधानी से आगे बढ़ने लगे, जैसे मछुआरा जाल कसता है।

क्रोध ने उसका दिल जकड़ लिया, हॉन्ग जाई केवल यही सोच पाया कि ज्यों ही वह उसकी पकड़ मे आएगी, वह उसकी धुनाई करेगा।

अचानक एक लाल किरण गेहूँ के खेत से ऊपर उठी, नीचे की भीड़ को चकित और भ्रमित करती हुई, वे जमीन पर गिर पड़े। तब उन्होंने यानयान को देखा, हाथ हवा में फहराती, दोनों पैर खूबसूरत तितली की तरह जोड़े, वह गरिमामय ढंग से घेरे से ऊपर उठी।

जब वह अपनी बाँहें लहराती, उनके ऊपर मँडराती हुई उठी और फिर उड़ने लगी तो लोग मिट्टी के माधो की तरह जम गए। वह इतनी धीमी गति से उड़ रही थी कि वे लोग अगर उसके पीछे दौड़ें तो उसकी छाया पर पैर रख सकें। वह उनके सिर से मात्र छ-सात मीटर की ऊँचाई पर थी, लेकिन, ओह, इतनी गरिमामयी, इतनी प्यारी। नॉर्थ ईस्ट गाओमी टाउनशिप में जितनी भी अनोखी हुई बातें आप उन्हें सोच सकते हैं, लेकिन यह पहली बार हुआ था, जब कोई स्त्री आकाश में उड़ी थी।

हादसे से उबरते ही लोग अपनी युक्तियाँ सुझाने लगे। कुछ घर भागे और बाइसिकिल लेकर लौटे और उसकी छाया का पीछा करने लगे, उसके जमीन पर आने की प्रतीक्षा करने लगे, ताकि उसे पकड़ सकें।

खेत में चारो ओर से चिल्लाते लोगों के बीच उड़ने वाली और नीचे उसका पीछा करने वाले, भागने और पकड़ने का ड्रामा करने लगे। शहर के बाहर से आने वाले लोग सारस की तरह अपनी गर्दन उठा कर आकाश के इस विचित्र दृश्य को देखने लगे। उड़न-स्त्री गजब की गरिमामयी थी; नीचे उसका पीछा करने वालों को दौड़ते हुए ऊपर देखना था, वे खेत में गिरते-पड़ते, भागती हुई सेना की तरह एक-दूसरे को कुचल रहे थे।

अंततः, यानयान शहर के पूर्वी किनारे पर पुराने कब्रिस्थान को घेरे पाइन पेड़ों के झुंड में सेटल हुई। करीब एक एकड़ को ढके हुए काले पाइन सैंकड़ों ढूह की निगरानी कर रहे थे, ढूह जिनके नीचे नॉर्थ ईस्टर्न गाओमी के पूर्वज रखे हुए थे। पेड़, सारे बहुत पुराने, सीधे-सतर और ऊँचे खड़े थे, उनकी फुनगियाँ नीचे उड़ते बादलों को बेधतीं हुई। पुराना कब्रिस्तान और काले पाइन का झुंड मिल कर टाउनशिप का सबसे पवित्र और सबसे डरावना स्थान था। पवित्र क्योंकि यह टाउनशिप के पूर्वजों का रहनवास था, और वहाँ होने वाली भुतही घटनाओं के कारण डरावना।

यानयान कब्रिस्तान के ठीक मध्य में सबसे ऊँचे और पुराने पाइन की फुनगी पर स्थित हुई। नीचे के लोगों ने वहाँ तक उसका पीछा किया, तब खड़े हो गए और ऊपर देखने लगे, जहाँ ऊँचे पेड़ों की शाखाओं में सर्वाधिक नाजुक और ऊँची फुनगी पर वह आराम कर रही थी। नाजुक शाख उसे सहारा दे रही थी, हालाँकि वह अवश्य सौ पाउंड से ऊपर रही होगी। जो भी उसे नीचे से देख रहा था, यह उसके लिए चकित करने वाली बात थी।

एक दर्जन से अधिक कुत्ते अपना सिर उठा कर यानयान पर भौंक रहे थे।

हॉन्ग जाई चिल्लाया, "नीचे उतर, इसी क्षण, वहाँ से नीचे उतर।"

कुत्तों के भौंकने और हॉन्ग जाई के चिल्लाने का उस पर कोई असर न हुआ। यानयान चुपचाप वहाँ बैठी रही, हवा की लहरों पर ऊपर-नीचे होती हुई।

कुछ बच्चे चिल्ला रहे थे, "नई बहू, हे नई बहू, थोड़ा और उड़ कर दिखाओ न!" उनके अलावा, नीचे खड़ी लाचार भीड़ जल्द ही ऊबने लगी।

यानयान ने अपनी बाँहें उठाई। "उड़ी", बच्चे चिल्लाए, "उड़ी, वो उड़ने जा रही है।" लेकिन वह नहीं उड़ी। इसके स्थान पर उसने अपनी पंजों जैसी अँगुलियाँ अपने बालों में फिराई, जैसे चिड़िया अपने पंख साफ कर रही हो।

हॉन्ग जाई अपने घुटनों पर गिर पड़ा और उसने विलाप किया, 'भाइयों, टाउन के लोगों, किसी तरह उसे नीचे उतारने में मेरी सहायता करो। तुम्हें मालूम है, पत्नी पाना मेरे लिए कितना मुश्किल रहा है।"

ठीक उसी समय हॉन्ग जाई की माँ एक गधे पर चढ़ा कर वहाँ लाई गई। जानवर की पीठ से सरक कर वह दर्द से कराहती हुई जमीन पर लुढ़क पड़ी।

"कहाँ है वह?" बूढ़ी ने हॉन्ग जाई से पूछा। "कहाँ है वह?"

हॉन्ग जाई ने पेड़ की फुनगी दिखाते हुए कहा, "वह वहाँ ऊपर है।"

अपनी आँखों को अपने हाथ की ओट में लेते हुए बूढ़ी ने ऊपर देखा जहाँ उसकी बहू पेड़ की चोटी पर टँगी हुई थी, "राक्षसी, वह राक्षसी है!"

आयरन माउंटेन, टाउनशिप के प्रधान ने कहा, "उसे नीचे लाने का उपाय करना है, राक्षसी है या नहीं। इस तमाशे का अंत होना है, जैसा हर चीज का होता है।"

"बुजुर्ग," बूढ़ी ने कहा, "कृपया इसकी जिम्मेदारी लो, मैं तुमसे भीख माँगती हूँ।"

इसके उत्तर में आयरन माउंटेन के कहा, "सबसे पहले हम किसी को इसकी माँ, इसके भाई तथा यानघुआ को लाने नॉर्थर्न जिआओजोउ टाउनशिप भेजेंगे। अगर फिर भी यह नीचे न आई तो हम यानघुआ को यहीं रख लेंगे, उसे वापस नहीं जाने देंगे। इसके बाद हम कुछ लोगों को तीर-कमान बनाने और लंबे बाँस काट कर लाने के लिए भेजेंगे। अगर यह सब कारगर न हुआ तो हम कड़ा रुख अपनाएँगे। और हम इसकी रिपोर्ट स्थानीय शासन में करेंगे। चूँकि यह और हॉन्ग जाई पति-पत्नी हैं, सरकार अवश्य ही विवाह कानून लागू करेगी। ठीक है, हॉन्ग जाई तब तक तुम यहाँ पेड़ के नीचे से इस पर नजर रखो। हम लोग किसी को गॉन्ग के साथ भेजेंगे। अगर कुछ होता है तो अपनी पूरी ताकत से गॉन्ग बजाना। जिस तरह से यह व्यवहार कर रही है, मुझे पक्का विश्वास है कि यह किसी आत्मा की चपेट में है। हमें शहर जा कर कुत्ता मारना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर कुत्ते का खून हमारे पास हो।"

भीड़ टुकड़ों में बँट कर तैयारी को अंजाम देने चल दी। हॉन्ग जाई की माँ अपने बेटे के पास रहने की जिद कर रही थी लेकिन आयरन माउंटेन अड़ा था, "बेवकूफ मत बनो। यहाँ रह कर तुम कौन-सा तीर मार लोगी? अगर स्थिति बिगड़ी तो तुम बीच में फँस जाओगी। घर जाओ।" जब देखा कि तर्क करना व्यर्थ है तो बूढ़ी ने खुद को गधे पर चढ़ाने दिया और रोती-विलाप करती वहाँ से चली गई।

अब जबकि हल्ला-गुल्ला शांत हो गया था, हॉन्ग जाई, जो नॉर्थ इस्ट गाओमी टाउनशिप का सबसे बहादुर व्यक्ति माना जाता था, को शांति खलने लगी। सूरज पश्चिम में डूब रहा था, हवा पेड़ों के बीच डोल और कराह रही थी। अपने सिर को नीचे गिरने दे कर, हॉन्ग जाई अपनी अकड़ी गर्दन को मलता हुआ पास की पत्थर की पटिया पर बैठ गया। जब वह सिगरेट जला रहा था ऊपर से एक अशुभ हँसी तैरती हुई नीचे आई। उसके रोंगटे खड़े हो गए, सारे शरीर में ठंडी लहर दौड़ गई। तेजी से माचिस की तीली बुझाते हुए वह खड़ा हो गया, कई कदम पीछे हट कर उसने ऊपर फुनगी को देखा। "मुझ पर अपना कोई तीर चलाने की कोशिश मत करो। बस मेरे हाथ लगने का इंतजार कर।"

डूबते सूरज की पृष्ठभूमि में उसके चेहरे को दमकाता हुआ, यानयान का लाल कैमीसोल आग लग रहा था। इसका कोई निशान न था कि अशुभ हँसी उससे आई थी। घोंसलों को लौटते एक झुंड कौवे वहाँ से गुजरे, उनकी धूसर बीट वर्षा की तरह गिर रही थी। गर्मागरम कुछ बीट उसके सिर पर भी गिरीं। जमीन पर थूकते हुए उसे लगा कि कोई दुर्भाग्य उस पर गिरा है। पाइन का झुंड अँधेरे में डूबने लगा था, चमगादड़ें पेड़ों के बीच से फड़फड़ाती हुई उड़ने लगी थीं, लेकिन पेड़ का सिरा अभी भी रोशनी में चमक रहा था। कब्रिस्तान में लोमड़ियाँ बोलने लगी, उसका भय लौट आया।

वहाँ चारो ओर आत्माएँ थीं, वह उन्हें अनुभव कर रहा था, उसके कान सब तरह की आवाजों से भरे हुए थे। अशुभ हँसी आ रही थी, हर बार उसे ठंडे पसीने से भिगोती हुई। उसने याद किया, अपनी मध्यमा के छोर को काटना बुरी आत्मा को भगाने का सर्वोत्तम इलाज है, उसने वही किया, तेज दर्द से उसका मस्तिष्क साफ हुआ। अब वह देख सकता था कि पाइन का झुंड उतना स्याह नहीं था, जितना कुछ देर पहले उसे नजर आ रहा था। कब्रों के ढूह की कतार और सिरहानेके पत्थर उसे नजर आए। जाते सूरज की किरणों में वह पेड़ के तने देख पा रहा था। कब्रों के बीच कुछ छोटी लोमड़ियाँ खेल रही थीं, घास खाती हुई उनकी माँ, बीच-बीच में अपने दाँत चमका कर अपनी उपस्थिति जाहिर करती हुई उन्हें देख रही थी। अगली बार जब उसने आकाश की ओर देखा उसने पाया कि यानयान हिली नहीं है, उसके चारों ओर वृत में कौवे थे।

दो पेड़ों के बीच से एक छोटा मरियल लड़का नमूदार हुआ उसने हॉन्ग जाई को गॉन्ग, हथौड़ा, कुल्हाड़ी और एक बड़ा केक पकड़ाया। लड़के ने बताया कि आयरन माउंटेन तीर-धनुष बनाने की निगरानी कर रहा है, नॉर्थर्न जिआओजोउ को लोग भेजे जा चुके हैं और टाउनशिप के लीडर्स घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं, वे लोग जल्द ही किसी को यहाँ भेजेंगे। हॉन्ग जाई केक खा कर अपनी भूख शांत करे और निगरानी बनाए रखे। अगर कुछ होता है तो गॉन्ग बजाए।

छोटा लड़का चला गया तो हॉन्ग जाई ने गॉन्ग कब्र पत्थर पर रख दिया, कुल्हाड़ी अपने बेल्ट में खोंस ली और केक भकोसने लगा। ज्योंहि उसने खाना खतम किया, उसने कुल्हाड़ी निकाली और चिल्लाया, "नीचे उतरती है, या नहीं? अगर नहीं, तो मैं पेड़ काट दूँगा।"

यानयान से कोई आवाज नहीं।

अतः हॉन्ग जाई ने कुल्हाड़ी पेड़ में मार दी, जिससे पेड़ हिल गया। फिर भी यानयान से कोई आवाज नहीं आई। कुल्हाड़ी पेड़ में इतना धँस गई थी कि वह उसे बाहर न खींच सका।

हॉन्ग जाई ने सोचा, क्या यह मर गई?

अपना बेल्ट कस कर और जूते उतार कर वह पेड़ पर चढ़ने लगा। खुरदुरी छाल के कारण चढ़ना आसान था। जब वह आधा चढ़ गया, उसने रुककर ऊपर देखा। वहाँ से वह केवल उसके लटके पैर और शाखा पर टिका उसका पिछवाड़ा ही देख सका। उसने गुस्से से सोचा अब तक हमें बिस्तर में साथ होना था, लेकिन उसकी जगह पर तू मुझे पेड़ चढ़वा रही है। क्रोध से उसे ताकत मिली, और जैसे-जैसे तना पतला होता गया, शाखाएँ फूटती गई, ऊपर चढ़ना आसान होता गया। एक स्थान पर पैर जमा कर उसने उसे पकड़ने के लिए तेजी से हाथ बढ़ाया। लेकिन ज्यों ही उसने उसके पैर का पोर छुआ, उसने एक उसाँस सुनी और अपने ऊपर की शाखाओं में कुछ हलचल अनुभव की और वह सुनहरी किरण हवा में उड़ चली मानो सुनहरी किरण का एक झुंड लपका हो। यानयान ने अपनी बाँहें फड़फड़ाई और वहाँ से उठी, उसके चारों अंगों में हरकत हुई और उसके बाल हवा में लहरा उठे, वह आराम से दूसरे पेड़ पर सरक गई। हॉन्ग जाई यह देख कर सतर्क हो गया कि गेहूँ के खेत की अपेक्षा उसकी उड़ने की कुशलता बेहतर हो गई थी।

वह पहले की तरह एक नए पेड़ पर जा बैठी। गुलाबी सूर्यास्त की ओर मुँह करके, वह नए खिले गुलाब-सी लग रही थी। "यानयान," हॉन्ग जाई ने अश्रूपूरित स्वर में पुकारा, "मेरी प्यारी, घर आ जाओ और मेरे साथ संसार बसाओ। अगर तुम नहीं आई, मैं तुम्हारे गूँगे भाई के साथ यानघुआ को हमबिस्तर नहीं होने दूँगा...।"

उसकी पुकार हवा में थी तभी उसने अपने नीचे से डरावनी चरमराहट सुनी, डाल फट गई और वह जमीन पर मांस के लोंदे की तरह धप्प से गिरा। अपने पैरों पर उठने के पहले वह वहाँ काफी देर पड़ा रहा। सड़ी हुई पाइन की सुइयों के ऊपर पहले उठंग फिर कुछ कदम सरक कर तने के सहारे बैठ गया। संभावित चुभन और दर्द के अलावा वह साबुत था - कोई हड्डी नहीं टूटी। उसने यानयान के लिए आकाश टटोला और उसे सिर्फ चाँद दीखा, जिसकी पनीली किरणें पाइन की शाखाओं से छन कर कब्र के एक हिस्से पर पड़ रही थीं, वहाँ कब्र का सिरहाना था और यहाँ वहाँ घास थी। यानयान चाँदनी में नहाई हुई थी, मानो एक बड़ा पक्षी रात होने पर पेड़ की फुनगी पर बैठा हुआ।

पत्थर पर पड़े गॉन्ग की याद आते ही उसने उसे उठा लिया, लेकिन हथौड़ा कहीं नहीं खोज पाया।

लालटेन, टॉर्च और फ्लैश लाइट के साथ हल्ला करती भीड़ पाइन झुंड में घुसी, पेड़ों के बीच की खाली जगहों पर अपनी रोशनी डालती और चाँदनी को पीछे ढकेलती हुई।

भीड़ में यानयान की बूढ़ी माँ, उसका गूँगा बड़ा भाई और यानघुआ थी। उसने आयरन माउंटेन को भी देखा और साथ ही शहर से आए, अपनी पीठ पर तीर-धनुष लिए सात या आठ कसरती आदमियों को भी। दूसरे लंबे बाँस, या शिकारी बंदूक यहाँ तक कि जाल भी लिए हुए थे। एक खूबसूरत नौजवान मूँगिया यूनिफॉर्म में था, उसकी कमर में चमड़े की चौड़ी बेल्ट में सर्विस रिवॉल्वर उड़सी हुई थी। हॉन्ग जाई ने उसे लोकल पुलिसमैन के रूप में जाना।

हॉन्ग जाई के चेहरे पर खरोंच देख आयरन माउंटेन ने पूछा, "यह कैसे हुआ?"

"ओह, कुछ नहीं।" उसने कहा।

"वह कहाँ है?" यानयान की माँ ने जोर से पूछा।

किसी ने ठीक उसके चेहरे को चमकाती हुई फ्लैश लाइट पेड़ की फुनगी पर डाली। लोगों ने पेड़ की ऊपरी शाखाओं में हलचल सुनी, फिर एक काली छाया को चुपचाप उस फुनगी से दूसरी फुनगी पर सरकते देखा।

"हरामी!" यानयान की माँ ने सरापा। "मैं जानती हूँ तुमने मेरी बेटी को मार डाला है और इस विधवा और उसके अनाथ बेटे को कहानी बना कर सुना रहे हो। भला एक लड़की उल्लू की तरह कैसे उड़ सकती है?"

"शांत हो जाओ, चाची..." आयरन माउंटेन ने कहा। "अगर हमने अपनी आँखों से न देखा होता तो हम भी विश्वास नहीं करते। अच्छा बताओ, तुम्हारी बेटी कभी किसी मास्टर से पढ़ी थी? कोई अनोखी विद्या सीखी है? चुड़ैल से संबंधित? जादूगरिनी?"

"मेरी बेटी ने कभी किसी से नहीं सीखा है," यानयान की माँ ने कहा, "कोई अनोखी विद्या नहीं सीखी है। और न ही उसका किसी चुड़ैल या जादूगरनी से कोई रिश्ता है। जब वह बड़ी हो रही थी मैंने कभी उसे अपनी आँखों से ओझल नहीं होने दिया, उसने सदा वही किया जो उसे कहा गया। सारे पड़ोसी कहते, मेरी बेटी कितनी अच्छी है। और इस अच्छी लड़की ने एक दिन तुम्हारे घर में गुजारा और बाज बन कर पेड़ पर बैठी है। ऐसा कैसे हुआ? मैं चैन से नहीं बैठने वाली जब तक मुझे पता नहीं चल जाता कि तुम लोगों ने उसके साथ क्या किया है। मुझे मेरी यानयान दो या फिर तुम लोग यानघुआ को कभी वापस नहीं पाओगे!"

"बहुत बकबक हो गई बुढ़िया," पुलिसमैन ने कहा। "अपनी आँखें पेड़ के ऊपर रखो।" उसने अपनी फ्लैशलाइट पेड के ऊपर की छाया पर साधी और फिर उसे जला कर यानयान के चेहरे पर रोशनी फ़ेंकी। उसने अपनी बाँहें फैलाई और उठ कर दूसरे पेड़ पर सरक गई।

"तुमने उसे देखा, बूढ़ी काकी?" पुलिसमैन ने पूछा।

"हाँ," यानयान की माँ ने कहा।

"तुम्हारी बेटी है?"

"हाँ, मेरी बेटी है।"

"जब तक जरूरी नहीं हो जाएगा हम कोई कड़ा कदम नहीं उठाएँगे," पुलिसमैन ने कहा। "उसे बात माननी चाहिए, तुम उसे वहाँ से नीचे आने को कहो।"

ठीक उसी समय, यानयान का गूँगा भाई उत्तेजना में गोंगियाने लगा और अपनी बाँहें लहराने लगा, मानो अपनी बहन के उड़ने की नकल कर रहा हो।

यानयान की माँ रो रही थी। "पिछले जनम में मैंने क्या किया जो यह मेरे सिर पड़ा है?"

"रोओ मत, बूढ़ी काकी" पुलिसमैन ने कहा। "अपनी बेटी को नीचे उतारने की सोचो।"

"वह सदा से जिद्दी लड़की रही है। मेरी बात नहीं सुनेगी।" यानयान की माँ ने दुख से स्वीकारा।

"इन सब बातों का समय नहीं है, बूढ़ी काकी," पुलिसमैन ने कहा। "उसे नीचे बुलाओ।"

छोटे, बँधे डगमगाते पैरों से यानयान की माँ उस पेड़ के पास आई, जहाँ उसकी बेटी बैठी थी, सिर पीछे करके उसने रोते हुए पुकारा, "यानयान, भली लड़की अपनी माँ की बात सुनो। प्लीज नीचे आ जाओ।

मुझे मालूम है तुम्हारे साथ बुरा व्यवहार हुआ है, लेकिन कुछ किया नहीं जा सकता है। अगर तुम नीचे नहीं आई तो हम यानघुआ को नहीं रख सकेंगे और अगर ऐसा हुआ परिवार खतम हो जाएगा..."

बूढ़ी फूट पड़ी और विलाप करते हुए अपना सिर पेड़ के तने पर पटकने लगी। पेड़ के ऊपर से एक खरखराती आवाज नीचे उतरी, पक्षी के पंखों की फड़फड़ाहट जैसी।

"बोलती रहो," पुलिसमैन ने गुजारिश की।

गूँगे ने अपनी बाँहें हिलाई और अपने ऊपर ऊँचीं टँगी बहन पर जोर से गोंगियाया।

"यानयान," हॉन्ग जाई चिल्लाया, "तुम अभी भी मनुष्य हो, होना न? अगर तुम्हारे अंदर थोड़ी-सी भी मनुष्यता बची है, वहाँ से नीचे उतर आओ।"

यानघुआ ने भी रोने में साथ दिया : "ननदिया, प्लीज नीचे आ जाओ। तुम और मैं दोनों इस दुनिया में भाग्यहीन हैं। मेरा भाई बदसूरत है, लेकिन कम-से-कम वह बोल सकता है। लेकिन तुम्हारा भाई... प्लीज नीचे आ जाओ... यह हमारा भाग्य है...।"

यानयान हवा में फिर से सरक गई और उसने लोगों के ऊपर आकाश में चक्कर लगाया। ठंडी ओस की बूँदें जमीन पर गिर रही थीं - शायद ये उसके आँसू थे।

"रास्ते से हटो, उसे कुछ जगह दो और उसे जमीन पर उतरने दो," आयरन माउंटेन ने भीड़ से कहा।

यानघुआ और बुढ़िया को छोड़ कर सब पीछे हट गए।

मगर वैसा कुछ नहीं हुआ, जैसा आयरन माउंटेन ने आशा की थी, उनके ऊपर हवा में चक्कर लगाने के बाद यानयान वापस फुनगी पर जा बैठी।

चाँद पश्चिमी आकाश की ओर सरक गया था, रात गहरा रही थी। जमीन पर लोगों को थकान और ठंड घेरने लगी थी। "मुझे लगता है हमें कठोर रुख अपनाना होगा," पुलिसमैन ने कहा।

आयरन माउंटेन ने कहा, "मुझे फिकर है, भीड़ उसे कब्रिस्तान से भगा न दे और अगर हमने इसे आज नहीं पकड़ा तो बाद में बहुत मुश्किल हो जाएगी।"

"जैसा मैं देख रहा हूँ," पुलिसमैन ने कहा, "वह बहुत दूर नहीं उड़ सकती है, मतलब अगर यह कब्रिस्तान छोड़ दे तो पकड़ना आसान होगा।"

"लेकिन अगर इसके परिवार ने हमारी योजना के साथ न दिया तो?" आयरन माउंटेन ने कहा।

"मुझे हैंडल करने दो," पुलिसमैन ने उसे ढाँढ़स दिलाया।

उसने कुछ युवकों से बूढ़ी और गूँगे को पाइन के झुंड से बाहर ले जाने को कहा। रो-रो कर हलकान हुई बूढ़ी ने कोई प्रतिरोध नहीं किया। दूसरी ओर गूँगे ने गोंगिया कर अपनी असहमति जताई, लेकिन पुलिसमैन के एक बार अपनी सर्विस पिस्तौल लहराते ही वह चुपचाप वहाँ से चला गया। अब मौके पर केवल पुलिसमैन, आयरन माउंटेन, हॉन्ग जाई और एक लंबा बाँस लिए तथा एक जाल लिए दो जवान आदमी थे।

"बंदूक लोगों को सचेत कर देगी," पुलिसमैन ने कहा। "अतः तीर-धनुष का प्रयोग करते हैं।"

"मेरी नजर कमजोर है," आयरन माउंटेन ने कहा, "मैं यह नहीं करूँगा, अगर मेरा निशाना थोड़ा भी चूक गया तो वह मर सकती है। हॉन्ग जाई को यह करने दो।"

उसने बाँस का धनुष और तीखी नोंक वाला पंख का तीर हॉन्ग जाई को पकड़ाया, उसने ले लिया, लेकिन गहन विचार में डूबा खड़ा रहा। "मैं यह नहीं कर सकता," उससे क्या अपेक्षा की जा रही है, यह समझते ही उसने कहा। "मैं नहीं कर सकता, मैं नहीं करूँगा। वह मेरी पत्नी है, है कि नहीं? मेरी पत्नी।"

"हॉन्ग जाई," आयरन माउंटेन ने कहा, "बेवकूफ मत बनो! तुम्हारी बाँहों में वह तुम्हारी पत्नी है, मगर पेड़ पर टँगी हुई, वह कोई विचित्र चिड़िया है।"

"तुम लोग," पुलिसमैन ने चिढ़ कर कहा, "कुछ कर नहीं सकते हो? अगर तुम लोग यहाँ खड़े हो कर केवल भुनभुनाने वाले हो, तो मुझे दो तीन-धनुष।"

उसने अपनी रिवॉल्वर उड़स ली, तीर-कमान लिया, पेड़ की चोटी पर निशाना साधा और एक तीर उड़ा दिया। दबी आवाज ने बातया कि उसने निशाने पर तीर मारा है। पेड़ की चोटी सरसराई और लोगों ने यानयान को देखा, उसके पेट में तीर लगा था, वह चाँदनी में ऊपर उठी और पास के छोटे पेड़ पर गिरी। जाहिर है, वह अब अपना संतुलन नहीं बनाए रख सकती थी। पुलिसमैन ने दूसरा तीर चढ़ाया, छोटे पाइन पेड़ पर लटकी यानयान पर निशाना साधा, और चिल्लाया, "नीचे उतरो!" दूसरा तीर उसकी चिल्लाहट के समाप्त होने के पहले उड़ा, दर्द की एक चीख उठी और यानयान जमीन पर सिर के बल गिरी।

"हरामी," हॉन्ग जाई चीखा, "तुमने मेरी बीवी को मार डाला...।"

जो लोग वहाँ से हट गए थे, वे अपनी लानटेनों और टॉर्चों के साथ वहाँ आए। "मर गई?" उन्होंने चिंतित स्वर में पूछा। "इसके बदन पर पंख हैं?"

बिना एक शब्द बोले आयरन माउंटेन ने कुत्ते के खून से भरी बाल्टी उठाई और यानयान के बदन पर पूरी उड़ेल दी।

(हॉवर्ड गोल्डब्लाट के अंग्रेजी अनुवाद पर आधारित)


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हिंदी समय में मो यान की रचनाएँ