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कविता

रामायण
सुरजन परोही


रामायण क्या है, उसका उत्तर देना कठिन है
रामायण में क्या नहीं है, ये बताना और कठिन काम है
जहाँ रामायण है, वहाँ तो स्वयं प्रभु रामजी हैं
और जहाँ राम हैं, वहाँ तो सारा विश्व विराजमान है
ये बताती है रामायण, ये बताती है रामायण


2.

रामायण न पुराण है, न शास्त्र है और न ही वेद है
वो तो शुभ मंत्र से भरा, एक अनमोल खजाना है,
मर्यादा युक्त बातें, जो देश जाति धर्म से सींचित नहीं
उनमें पुराण-शास्त्रों का रहस्य और वेदों की ऋचाएँ माना है
ये बताती है रामायण, ये बताती है रामायण


3.

कहीं शाप, कहीं वरदान, कहीं तपस्या तो कहीं दान
हित अनहित में उचित न्याय और सुख-दुख में समान
नर वानर, पशु पक्षी से स्नेह, सियाराम का सुखद दर्शन
भक्तों की मुक्ति और ऋषि-मुनियों के सुरधाम
ये बताती है रामायण, ये बताती है रामायण


4.

धर्म की राह पर, अपमान, अपयश, यातनाएँ और कष्ट
इनको सहन करने के लिए, हृदय वज्र-सा कठोर,
मन कोमल बनाना चाहिए
किंतु व्यवहार में सदा विनम्र और मुख पर मुस्कुराहट
उन चरित्रों को वही हृदय से तौलकर बाहर मनोहर लाना चाहिए
ये बताती है रामायण,ये बताती है रामायण


5.

राम की स्तुति मात्र से संतोष न करना, आज्ञा पालन करो
अधर्म से निवृत होकर पुरुषार्थ बनो उद्योगी बनो
नवधा भक्ति के साथ तुम कर्मयोगी बनो
प्रभुजी धर्मपूर्वक युद्ध करनेवालों का ही सहायक है
ये बताती है रामायण, ये बताती है रामायण


6.

राज धर्म क्या है, प्रजारंजन क्या है ये बताती है रामायण
मात-पित, भाई-बहन और पति-पत्नी का बंधन बताती है रामायण
राम और रामायण क्या है ये बताती है रामायण
शंका का समाधान करना भी बताती है रामायण
ये बताती है रामायण, ये बताती है रामायण

 


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