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कविता

सच्चा भक्त
सुरजन परोही


भगवान के पास चिटृठी लिखो, चाहे करो टेलीग्राम
वेदमंत्र उच्चारण करो, चाहे लो तुम हजारों नाम

चाहे लो तुम हजारों नाम, सब तीर्थीं में डुबकी लगाओ
मूड़ मुँड़ाए संन्‍यासी बनो, माथे पर चंदन तिलक लगाओ

कहे सुरजन राम नाम, जो हृदय से ले जान
सच्चा भक्त वही जगत में, घर बैठे दर्शन दे भगवान

 


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हिंदी समय में सुरजन परोही की रचनाएँ