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कविता

नई खोज
स्वप्निल श्रीवास्तव


नई खोज से यह पता चला है कि
गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे ने नहीं
एक बिगड़ैल राजनेता ने की है जो
हर हाल में अपना सिंहासन बचाना
चाहता था

गांधी के जन्म स्थान को उसने
हिंसा की स्थली बनाते हुए कहा
- जो इस आदमी के बनाए हुए
रास्ते पर चलेगा उसे राजदंड दिया
जाएगा

उसने एक तरक्कीपसंद शायर की मजार को
नेस्तानेबूद कर दिया

साबरमती आश्रम को इतिहास से
बाहर करने की कोशिश की

उसने उन्मादियों को हिंदुत्व का अमृत
पिलाकर कहा - तुम्हें अपनी अमरता पर
कोई संदेह नहीं करना चाहिए

उसने इतिहास को इतना संदिग्ध
बना दिया कि गांधी के बारे में
ठीकठाक जानकारी पाना कठिन काम
हो गया है

उसने सत्य और अहिंसा की जगह
लोगों के हाथ में त्रिशूल और तलवार
थमा दिया और कहा - तुम्हें एक
धर्मयुद्ध लड़ना है

बचोगे तो जनता तुम्हें अपना
नायक मान लेगी
शहीद हो जाओगे तो तुम्हारे लिए
स्वर्ग के दरवाजे खुल जाएँगे

नए तथ्य बताते हैं कि यह
पागलपन का दौर है
जो सच बोलेगा उसे मार दिया
जाएगा

 


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