डाउनलोड मुद्रण

अ+   अ-

कविता

सिलिया चमारिन
अच्युतानंद मिश्र


सिलिया चमारिन अगर
चमारिन नहीं होती
तो वह डोमिन होती
डोमिन नहीं होती
तो वह मछुवारिन होती
अगर वह मछुवारिन नहीं होती
तो वह...
खैर वह कुछ भी होती
फिर भी वह सिलिया चमारिन ही होती

जैसे की पंडित मातादीन कुछ भी होते
मगर वह पहले पंडित मातादीन ही होते
और यह पूरा गाँव पांडे पुर ही होता

और यह पूरा देश भारतवर्ष

अगर पंडित मातादीन को बेटा होता
तो वह गोरा होता
पंडितायन गोरी थी
अगर सिलिया चमारिन को बेटी होती
तो वह काली होती
पंडित मातादीन काले थे

सिलिया चमारिन का छूआ
पंडित खा नहीं सकते थे
पंडितायन की सख्त हिदायत थी
पंडित उन्हें ना छुएँ

करिया चमारिन और
पंडित उज्जवल प्रकाश के जन्म
के बीच दो दिन का फर्क है

आखिर दो दिन में
कितने युग होते हैं ?


End Text   End Text    End Text