डाउनलोड मुद्रण

अ+   अ-

कविता

बच्चे - 1
अच्युतानंद मिश्र


 

बच्चे जो कि चोर नहीं थे
चोरी करते हुए पकड़े गए
चोरी करना बुरी बात है
इस एहसास से वे महरूम थे

दरअसल अभी वे इतने
मासूम और पवित्र थे
कि भूखे रहने का

हुनर नहीं सीख पाए थे

 

 


End Text   End Text    End Text