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कविता

बड़ा नीक लागै
जगदीश पंथी


रुनुक-झुनुक बाजै पायल तोर पँउआ, बड़ा नीक लागै -
ननद तोर गँउआ, बड़ा नीक लागै

देवरा निहारै पीपर झरै पाती
हमरी उमिरिया फरै दिन-राती
गरवा में नेहिया के लागत गरँउआ, बड़ा नीक लागै -
ननद तोर गँउआ, बड़ा नीक लागै

कोंइया खिलै मोरे मन के तलइया
भँवरा भइल बा ननद तोर भइया
रहि-रहि पुकारेला नान्‍हे के नँउआ, बड़ा नीक लागै -
ननद तोर गँउआ, बड़ा नीक लागै

भोरहीं सिवाने में बिरहा सुनाला
साँझे दलानी रमायन गवाला
ससुरू गढ़इता के बाजे खँड़उआ, बड़ा नीक लागै -
ननद तोर गँउआ, बड़ा नीक लागै

घरवा के पच्छिम आम के बगइचा
पुरुब पड़ोसिन बिछावैं गलइचा
अँगना में निबिया कै झखनार छँउआ, बड़ा नीक लागै -
ननद तोर गँउआ, बड़ा नीक लागै

उत्तर निहारीं त नइहर देखाला
दक्खिन पहाड़े क झरना सुनाला
बहतै सुहावत बा पंथी के ठँउआ, बड़ा नीक लागै -
ननद तोर गँउआ, बड़ा नीक लागै

 


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