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कविता

पत्र-पेटी
प्रयाग शुक्ल


इस सुदूर गाँव में
टँगी हुई पत्र-पेटी
एक पेड़ के तने से -

डालता हूँ तुम्हें चिट्ठी
पहुँचे तो
पढ़ना जरूर !


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हिंदी समय में प्रयाग शुक्ल की रचनाएँ