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ज़नानी, महारानी, क्वीन
अजित वडनेरकर


महिला के लिए उर्दू-हिंदी में एक शब्द चलता है ज़नाना (zanana) जिसका अर्थ होता है महिलाओं जैसा अर्थात स्त्रैण। आशय औरताना सिफ़त वाले मर्द से है। इसमें हिजड़ा भी शामिल है। इसका शुद्ध फारसी रूप है जनानः। मगर हिंदी में जनाना का प्रयोग महिलाओं का या महिलाओं संबंधी के अर्थ में भी होता है जैसे ज़नाना लिबास या लेडीज कूपे के लिए ज़नाना डिब्बा। इसका ज़नानी रूप भी हिंदी में प्रचलित है और महिला यात्री को ज़नानी सवारी ही कहा जाता है। मूलतः यह फारसी का शब्द है और अवेस्ता के जनिश से रूपांतरित हुआ है, जिसका मतलब है पत्नी।

अरबी-फारसी में इसका रूप है ज़न जिसकी रिश्तेदारी इंडो-ईरानी भाषा परिवार के जन शब्द से है जिसमें जन्म देने का भाव है। संस्कृत में उत्पन्न करने, उत्पादन करने के अर्थ में जन् धातु है। इससे बना है जनिः, जनिका, जनी जैसे शब्द जिनका मतलब होता है स्त्री, माता, पत्नी। जिससे हिंदी-उर्दू के जन्म, जननि, जान, जन्तु जैसे अनेक शब्द बने हैं। भाषा विज्ञानियों ने ज़न, ज़नान, जननि जैसे शब्दों को प्रोटो इंडो-यूरोपीय मूल का माना है और एक धातु खोजी है - gwen जिसका मतलब है स्त्री, माता, पत्नी। इन तीनों शब्दों का व्यापक अर्थ उत्पन्न करने, प्रजनन करने के दैवी गुण से जुड़ा हुआ है। इस धातु से भारतीय, ईरानी समेत अनेक यूरोपीय भाषाओं में कई स्त्रीवाची शब्द बने हैं।

प्राचीन आर्यों के भाषा संस्कार में ज्ञ जैसा व्यंजन आदिकाल से रहा है। ज्ञ का तिलिस्म आर्य तो जानते थे मगर इस व्यंजन में छुपी ज+ञ अथवा ग+न+य जैसी ध्वनियाँ हजारों सालों से आर्यों के विभिन्न भाषा-भाषी समूहों को भी वैसे ही प्रभावित करती रही हैं जैसे आज भी करती हैं। हिंदी भाषी ज्ञ का उच्चारण ग्य करते हैं तो गुजराती, मराठी भाषी ग्न्य या द्न्य और आर्यसमाजी ज्न।

अंग्रेजी के क्वीन (queen) शब्द को देखिए जिसका मतलब होता है रानी। यह दरअसल गोथिक भाषा के qino से निकला है जो प्रोटो जर्मनिक kwoeniz से बना है। प्रोटो इंडो-यूरोपीय gwen का ही परिवर्तित रूप है kwoeniz। ग्रीक में इसका रूप है हैगाइने gynē जिससे अंग्रेजी में गाइनोकोलॉजी gynaecology (स्त्री रोग संबंधी) जैसे शब्द बने हैं। गौर करें आर्यभाषियों के जो समूह पश्चिम की ओर गए, gwen धातु से बने स्त्रीवाची शब्दों ने वहां क और ग जैसी ध्वनियाँ ग्रहण कीं। इसी gwen का प्रसार जब पूर्व की ओर हुआ तो वहां ज ध्वनियों वाले शब्दों का निर्माण हुआ जैसे जन, ज़नान आदि। कुछ अपवाद भी हैं। कुर्दिश में इसका रूप जिन है जबकि क्रोशिया में ज़ेना। क्रोशिया यूरोपीय देश है मगर इस्लाम का प्रभाव होने के चलते वहाँ ज़ेना शब्द को फारसी-अरबी प्रभाव माना जा सकता है।

गौर करें कि संस्कृत शब्द राज्ञी से ही रानी बना है। यहाँ ज्ञ की ही महिमा रही और ज+ञ में से ज का लोप हो गया और ञ की अनुनासिकता शुद्ध न में तब्दील हो गई और इस तरह रानी शब्द बना। इसी का पूर्व रूप था जनि जिससे जननि जैसा शब्द बना और स्त्री की प्रजनन, जन्मदात्री, तथा पोषण करने की शक्तियों का भाव सुरक्षित रहा जबकि रानी में शासन शक्ति का भाव उभरा। साफ है कि क्वीन और रानी मौसेरी बहनें हैं। अंग्रेजी का क्वीन मूल रूप से प्राचीन काल में सामान्य स्त्री, माँ या पत्नी के लिए प्रयोग होता रहा किन्तु बाद में महारानी अथवा राजा की संगिनी के अर्थ में यह शब्द रूढ़ हो गया। दिलचस्प यह कि भारत में राज्ञी जैसे प्रभावी शब्द को अपनाने की चाह में जनसामान्य ने इसका रानी रूप अपना लिया, जो एक सामान्य नाम की तरह प्रयोग होता है, जबकि ब्रिटेन में क्वीन एक ओहदा बना। भारत में देवी को भी रानी या महारानी की उपमा दी जाती है जबकि पाश्चात्य संस्कृति में देवी के लिए क्वीन शब्द का प्रयोग विरल है।


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