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बाल साहित्य

राजा गोप गुपग्गेम दास!
नवीन सागर


राजा गोप गुपग्‍गम दास
राजा गोप गुपग्‍गम दास
राजा गोप गुपग्‍गम दास
जल्‍दी-जल्‍दी बोलो

जल्‍दी-जल्‍दी होगें पास!
राजा गोप गुपग्‍गम दास

अटके अगर गुपग्‍गम पर
इतराओगे किस दम पर!
बोलो दास गुपग्‍गम गोप
राजा नहीं रहा अब तोप
बोलो दास गुपग्‍गम गोप!
गुपग्‍गम गोप!
गुपग्‍गम गोप!
गुपग्‍गम गोप!

अटके अगर गुपग्‍गम पर
भूल जाओगे अपना घर
चकराएगा दिन भर सर
छोड़ो अच्‍छा गोप को
छोड़ा जैसे तोप को

बोलो सिर्फ गुपग्‍गम दास!
गुपग्‍गम गोप!
गुपग्‍गम गोप!

मुश्किल है गर दास की
सिर्फ गुपग्‍गम बोलो जी
सिर्फ गुपग्‍गम! गुपग्‍गम!
सिर्फ गुपग्‍गम! गुपग्‍गम!

सिर मटके तो मटके
लेकिन जीभ न अटके
गुपग्‍गम! गुपग्‍गम!
हो! गुपग्‍गम! गुपग्‍गम!
हो! गुपग्‍गम! गुपग्‍गम!

 


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