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बाल साहित्य

कंप्यूटर पर चिड़िया
प्रभुद‌याल‌ श्रीवास्त‌व‌


बहुत देर से कंप्यूटर पर, बैठी चिड़िया रानी।
खट खट खट खट छाप रही थी, कोई बड़ी कहानी।

तभी अचानक चिड़िया ने, जब गर्दन जरा घुमाई।
किंतु न जाने किस कारण, वह जोरों से चिल्लाई।

कौआ भाई फुदक फुदक‌ कर, शीघ्र वहाँ पर आए।
तुम्हें क्या हुआ बहिन चिरैया, कौआजी घबराए।

चिड़िया बोली पता नहीं है, कैसी ये लाचारी।
हुआ दर्द गर्दन में मुझको, कौआ भाई भारी।

तब कौए ने गिद्ध वैद्य से, उसकी जाँच कराई।
वैद्यराज ने सर्वाइकल, की बीमारी पाई।

कंप्यूटर पर बहुत देर थी, बैठी चिड़िया रानी।
जोर पड़ा गर्दन पर सच में, की तो थी नादानी।

कंप्यूटर पर बहुत देर, मत बैठो मेरे भाई।
बहुत देर‌ जो बैठा उसको, यह बीमारी आई।

 


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