डाउनलोड मुद्रण

अ+   अ-

बाल साहित्य

चंदा मामा
अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध


चंदा मामा, दौड़े आओ
दूध कटोरा भरकर लाओ।
उसे प्यार से मुझे पिलाओ
मुझ पर छिड़क चाँदनी जाओ।

मैं तेरा मृग छौना लूँगा
उसके साथ हँसूँ-खेलूँगा।
उसकी उछल-कूद देखूँगा
उसको चाटूँगा, चूमूँगा।

 


End Text   End Text    End Text

हिंदी समय में अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की रचनाएँ