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कविता संग्रह

अलंकार-दर्पण
धरीक्षण मिश्र

अनुक्रम 25 परिकरांकुर अलंकार पीछे     आगे

 
लक्षण (हरिगीतिका) :-
अभिप्राय सिद्धि समर्थसूचक नाम आनल जात बा।
परिकरांकुर नाम के तब अलंकार सुहात बा॥
 
उदाहरण (सवैया) :-
धरती न अयोध्‍या के युद्ध का योग्‍य हवे तब नाम अयोध्‍या सुहाला।
पर हाथ मुलायम के हरि भक्‍तन के हते हेतु सदा खजुवाला।
जनता में जे बाटे प्रसिद्ध मुलायम ऊ यदि ऐसन क्रूर देखाला।
तब का करिहें विसुनाथ तथा चनसेखर जे महारारूद्र कहाला॥
 


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