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बाल साहित्य

मिट्ठू बोला इत्ता मीठा
शादाब आलम


मिट्ठू बोला इत्ता मीठा
दौड़े आएँ चींटी-चींटा

झूम उठी मस्ती में गैया
फुदक-फुदक नाची गौरैया

हिरन कुलाँचें भरता आया
चूहा चूँ-चूँ करता आया

हाथी ना चिंघाड़ा बिल्कुल
ना ही शेर दहाड़ा बिल्कुल

बंदर ने मुँह नहीं बनाया
भालू ना गरजा-गुर्राया

सब पर जादू-सा अहसास
मिट्ठू की बोली बिंदास


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हिंदी समय में शादाब आलम की रचनाएँ