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कविता

चिर युवा
बॉब डिलन

अनुवाद - प्रतिभा उपाध्याय


सदा सुखी रहो और हमेशा युवा रहो
तुम्हारी सारी इच्छाएँ साकार हों
हमेशा दूसरों के काम आओ
और दूसरे तुम्हारे काम आएँ
सितारों तक तुम सीढ़ी बनाओ
और हर सीढ़ी पर चढ़ो
तुम चिरकाल तक युवा रहो
हमेशा के लिए युवा, चिर युवा
तुम सदा युवा ही रहो !

तुम न्याय पथ पर बढ़ो
तुम सत्य के पथ पर बढ़ो
तुम सदा सत्य को जानो
और अपने आसपास रोशनी देखो
तुम सदा साहसी रहो
न्याय के साथ खड़े हो और तेजस्वी बनो
तुम चिरकाल तक युवा रहो
हमेशा के लिए युवा, चिर युवा
तुम सदा युवा ही रहो !

तुम्हारे हाथ सदा उद्यमी रहें
तुम्हारे पैर हमेशा वेगवान रहें
तुम्हारी बुनियाद मजबूत हो
जब बदलाव की बयार चले
तुम्हारे दिल में हमेशा उमंग हो
और हमेशा तुम्हारा ही गीत गाया जाए
तुम चिरकाल तक युवा रहो
हमेशा के लिए युवा, चिर युवा
तुम सदा युवा ही रहो !

 


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