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कविता

वे सो जाती हैं
मनीषा जैन


क्यों आते हैं उत्सव?
पूछती है मुन्नी अपनी माँ से
ज्यादा आते है फेरी वाले
उत्सव में
ज्यादा सजती हैं दुकानें
उत्सव में
ज्यादा सामान लाते है हाट से
उत्सव में
माँ, मुन्नी को बाजार ले जाकर
दिखाती है उमंग लोगों की
उत्सव में
फिर दोनों वापस आकर
घर में दिया जलाकर
खिड़की बंद कर
मुँह ढक कर
सो जाती है
उत्सव में।
 


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