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लेखक क्रम : अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग घ च छ ज झ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प फ ब भ म य र ऱ ल व श स ष क्ष त्र ज्ञ
शीर्षक क्रम: अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग घ च छ ज झ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प फ ब भ म य र ऱ ल व श स ष क्ष त्र ज्ञ
कोई चिह्न नहीं है
बोधिसत्व
घोड़े
मिथिलेश श्रीवास्तव
फिर आश्ना अजनबी सा कोई उदास लम्हा ठहर गया क्या
शीन काफ़ निज़ाम
व्यक्तिगत
दिविक रमेश
हमारा कबूतर
दिविक रमेश
...कुछ
न
समझे खुदा करे कोई
कुमार अनुपम
अकेला आदमी
विमलेश त्रिपाठी
अखबार में फोटो
नीलेश रघुवंशी
अखरावट
मलिक मुहम्मद जायसी
अगर तुम्हें नींद नहीं आ रही
चंद्रकांत देवताले
अंग्रेजी
रघुवीर सहाय
अगला मंगलवार
रविकांत
अच्छे आदमी की कविताएँ
प्रेम रंजन अनिमेष
अछूत की शिकायत
हीरा डोम
अज्ञेय की कविता
ए. अरविंदाक्षन
अज्ञेय से
शमशेर बहादुर सिंह
अंतिम प्रेम
चंद्रकांत देवताले
अदृश्य होते हुए
दिविक रमेश
अधपके अमरूद की तरह पृथ्वी
अशोक वाजपेयी
अँधेरे का दीपक
हरिवंश राय बच्चन
अँधेरे का सफ़र मेरे लिए है
रमानाथ अवस्थी
अँधेरे में एक आवाज
विमलेश त्रिपाठी
अधिनायक
रघुवीर सहाय
अनकही बात
गिरिजा कुमार माथुर
अन्ततः बस...
विमलेश त्रिपाठी
अन्तिम विनिमय
शमशेर बहादुर सिंह
अनशन
ए. अरविंदाक्षन
अनहरी हरियाली
केदारनाथ अग्रवाल
अपने लिए, शमशेर
रविकांत
अपने समय की अभिधा में
अमरेंद्र कुमार शर्मा
अपना ही देश
मदन कश्यप
अपूर्वा
केदारनाथ अग्रवाल
अभागिन प्रियतमा
रविकांत
अभिव्यक्ति
ए. अरविंदाक्षन
अरे अब ऐसी कविता लिखो
रघुवीर सहाय
अर्थ-विस्तार
विमलेश त्रिपाठी
अल्लाहो अकबर
लहब आसिफ अल-जुंडी
अव्यय
अशोक वाजपेयी
अस्पताल में पिता
रविकांत
असम्भव
रमानाथ अवस्थी
आओ!
शमशेर बहादुर सिंह
आकस्मिक मुलाकात
विस्लावा शिम्बोर्स्का
आकाश से झरता लावा
दिविक रमेश
आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे
अदम गोंडवी
आखर अरथ
दिनेश कुमार शुक्ल
आखिरी कलाम
मलिक मुहम्मद जायसी
आँखों में रात ख्वाब का खंज़र उतर गया
शीन काफ़ निज़ाम
आग और पानी
दिविक रमेश
आग का आइना
केदारनाथ अग्रवाल
आग सभ्यता चाय और स्त्रियाँ
विमलेश त्रिपाठी
आज का दिन
रविकांत
आज तुम मेरे लिए हो
हरिवंश राय बच्चन
आजकल माँ
विमलेश त्रिपाठी
आजादी
ए. अरविंदाक्षन
आज़ादी
हफ़ीज़ जालंधरी
आत्मगंध
केदारनाथ अग्रवाल
आतुर स्वरों का अंत
ए. अरविंदाक्षन
आदमी की अनुपात
गिरिजा कुमार माथुर
आदमी की जगह
ए. अरविंदाक्षन
आदिवासी
मदन कश्यप
आनेवाला कल
रघुवीर सहाय
आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी
अदम गोंडवी
आपकी हँसी
रघुवीर सहाय
आम के बाग़
आलोकधन्वा
आमीन
रविकांत
आवाज आग भी तो हो सकती है
दिविक रमेश
आवारा
असरारुल हक़ मजाज़
आँसुओं को गिरने दो
लहब आसिफ अल-जुंडी
आस्था की प्रतिध्वनियाँ
श्रीकांत वर्मा
इतिहास की कालहीन कसौटी
गिरिजा कुमार माथुर
इतिहास में
रविकांत
इन कविताओं का कवि एक सपने में मारा गया
रविकांत
इन्तजार
विमलेश त्रिपाठी
इनसान
रमानाथ अवस्थी
इबादत
ए. अरविंदाक्षन
इलेक्ट्रॉन
लहब आसिफ अल-जुंडी
इस कथा में मृत्यु तथा अन्य कविताएँ
मनोज कुमार झा
इस पार, उस पार
हरिवंश राय बच्चन
इस बसन्त में
विमलेश त्रिपाठी
इस भूख में
रविकांत
ईश्वर
मिथिलेश श्रीवास्तव
ईश्वर हो जाऊँगा
विमलेश त्रिपाठी
ईशान
ए. अरविंदाक्षन
उठे बादल, झुके बादल
हरिनारायण व्यास
उठा-पटक
रविकांत
उड़ानें
आलोकधन्वा
उत्तर कबीर
दिविक रमेश
उद्धारक
मदन कश्यप
उदास पानी
उपेंद्र कुमार
उन में से बच रहे जो हम हैं मियाँ
शीन काफ़ निज़ाम
उनका दर्द मेरी जुबान
दिविक रमेश
उन्हीं दिनों
विमलेश त्रिपाठी
उभयचर
गीत चतुर्वेदी
उम्र लंबी तो है मगर बाबा
शीन काफ़ निज़ाम
उलटबाँसियाँ
अमीर खुसरो
उलटबाँसी
नीलेश रघुवंशी
उषा
शमशेर बहादुर सिंह
उस समय भी
रमानाथ अवस्थी
उसका रहना
रघुवीर सहाय
उससे पूछो
अशोक वाजपेयी
एक अनन्त कथा
दिविक रमेश
एक और ढंग
श्रीकांत वर्मा
एक कविता खलील जिब्रान के लिए
मंजरी श्रीवास्तव
एक कविता जन्म ले रही है
विमलेश त्रिपाठी
एक खिड़की
अशोक वाजपेयी
एक तस्वीर देखकर
विमलेश त्रिपाठी
एक दोस्त की राय
रविकांत
एक नीला आईना बेठोस
शमशेर बहादुर सिंह
एक पीली शाम
शमशेर बहादुर सिंह
एक बार जो
अशोक वाजपेयी
एक बार फिर अकाल
नीलेश रघुवंशी
एक भावना
हरिनारायण व्यास
एक मुर्दे का बयान
श्रीकांत वर्मा
एक मित्र से
हरिनारायण व्यास
एक मौन
शमशेर बहादुर सिंह
एक सपना यह भी
चंद्रकांत देवताले
एक-एक कर
रविकांत
एफ.आई.आर.
नीलेश रघुवंशी
ऐ रघु
रविकांत
ऐसा तो नहीं था
बोधिसत्व
ऐसी तो कोई बात नहीं
रमानाथ अवस्थी
ओ देस से आने वाले बता!
अख्तर शीरानी
ओ प्रिय सारभूत बात
रविकांत
ओस
आलोकधन्वा
औकात
रविकांत
और कुछ देर यूँ ही शोर मचाए रखिए
शीन काफ़ निज़ाम
औरत
दिविक रमेश
औरत
चंद्रकांत देवताले
औरत की जिंदगी
रघुवीर सहाय
कुछ का व्यवहार बदल गया
श्रीकांत वर्मा
कुछ काम था क्या आपको
दिविक रमेश
कठिन प्रस्तर में
शमशेर बहादुर सिंह
कठिन समय में प्रेम
विमलेश त्रिपाठी
कथा
विमलेश त्रिपाठी
कथा कहो कविता
दिनेश कुमार शुक्ल
केदारनाथ अग्रवाल के प्रति
रविकांत
कबीर ग्रंथावली
कबीर
कभी-कभी
रमानाथ अवस्थी
कुम्हार का चाक भूख भैरवी और एक प्रश्न
विमलेश त्रिपाठी
क्या नए साल में मिलोगी?
विमल कुमार
क्योंकि मैं हर जगह पाई गई
जया जादवानी
क्योंकि सपना है अभी भी
धर्मवीर भारती
कुरुक्षेत्र
रामधारी सिंह दिनकर
करिश्मे भी दिखा सकती हैं अब किताबें
चंद्रकांत देवताले
कुल की कथा
रविकांत
कल की बात
बोधिसत्व
कला क्या है
रघुवीर सहाय
कलिंग
श्रीकांत वर्मा
कवि का प्रतिनायक
रविकांत
कवि की वासना
हरिवंश राय बच्चन
कवि लिखना चाहता है महाकाव्य
मनोज कुमार पांडेय
कवि हूँ
विमलेश त्रिपाठी
कविता
विमलेश त्रिपाठी
कविता
रविकांत
कविता के बाहर
विमलेश त्रिपाठी
कविता की जगह
ए. अरविंदाक्षन
कविता से लम्बी उदासी
विमलेश त्रिपाठी
कविताएँ
नीलेश रघुवंशी
कविताएँ
रंजना जायसवाल
कविताएँ
पाब्लो नेरूदा
कविताएँ
कुमार अंबुज
कविताएँ
राकेश श्रीमाल
कविताएँ
अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध
कविताएँ
उदयन वाजपेयी
कविताएँ
विनोद कुमार शुक्ल
कविताएँ
सुभद्रा कुमारी चौहान
कविताएँ
हरप्रीत कौर
कविताएँ
गोरख पांडेय
कविताएँ
रामधारी सिंह दिनकर
कविताएँ
भवानी प्रसाद मिश्र
कविताएँ
जयशंकर प्रसाद
कविताएँ
रेनर मरिया रिल्के
कविताएँ
तोमास त्रांसत्रोमर
कविताएँ
कुलदीप कुमार
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सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
कविताएँ
दुष्यंत कुमार
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फ़िराक़ गोरखपुरी
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नज़ीर अक़बराबादी
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मख़दूम मोहिउद्दीन
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मीर तकी मीर
कविताएँ
मुईन अहसन जज़्बी
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लीलाधर जगूड़ी
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साहिर लुधियानवी
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इक़बाल
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ऋषभदेव शर्मा
कविताएँ
भगवतीचरण वर्मा
कविताएँ
कृष्ण बिहारी नूर
कविताएँ
क़ैफ़ी आज़मी
कविताएँ
जाँनिसार अख्तर
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मोहम्मद इब्राहिम ज़ौक़
कविताएँ
ख़ुमार बाराबंकवी
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पवन करण
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प्रियंकर पालीवाल
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हेमंत शेष
कविताएँ
अर्श मलसियानी
कविताएँ
जगन्नाथ आज़ाद
कविताएँ
जोश मलीहाबादी
कविताएँ
त्रिलोकचन्द महरूम
कविताएँ
हसरत मोहानी
कविताएँ
भगवत रावत
कविताएँ
विपिन चौधरी
कविताएँ
सुनील गंगोपाध्याय
कविताएँ
शुभम श्री
कविताएँ
हरिशंकर परसाई
कविताएँ
महेश वर्मा
कविताएँ
दिव्या माथुर
कविताएँ
गीत चतुर्वेदी
कविताएँ
बृज नारायण चकबस्त
कविताएँ
मुहम्मद अली जौहर
कविताएँ
राही मासूम रजा
कविताएँ
शिबली नोमानी
कविताएँ
शील
कविताएँ
शैलेन्द्र
क्षण भर को क्यों प्यार किया था?
हरिवंश राय बच्चन
कहें केदार खरी खरी
केदारनाथ अग्रवाल
कुहकी कोयल खड़े पेड़ की देह
केदारनाथ अग्रवाल
कहते हैं, तारे गाते हैं
हरिवंश राय बच्चन
कहाँ जाऊँ
विमलेश त्रिपाठी
कहाँ हो तुम
रविकांत
कहीं कोई मर रहा है उसके लिए
चंद्रकांत देवताले
का. रुद्रदत्त भारद्वाज की शहादत की पहली वर्षी पर
शमशेर बहादुर सिंह
काक-दृष्टि
ए. अरविंदाक्षन
काजू भुने पलेट में ह्विस्की गिलास में
अदम गोंडवी
कामना है
रविकांत
कामायनी
जयशंकर प्रसाद
काशी का न्याय
श्रीकांत वर्मा
काशी में शव
श्रीकांत वर्मा
कितने दिन और बचे हैं?
अशोक वाजपेयी
किशोरी अमोनकर
ऋतुराज
किस कर में यह वीणा धर दूँ?
हरिवंश राय बच्चन
किसान
विमलेश त्रिपाठी
कोई नहीं सुनता
अशोक वाजपेयी
कोसल में विचारों की कमी है
श्रीकांत वर्मा
कौन थकान हरे
गिरिजा कुमार माथुर
खबर
विमलेश त्रिपाठी
खुली आँखें खुले डैने
केदारनाथ अग्रवाल
ख़्वाबे सहर
असरारुल हक़ मजाज़
खुशबू बहुत है
गिरिजा कुमार माथुर
खुशी
दिविक रमेश
ख़ाक भी हो गई ख़ला अब के
शीन काफ़ निज़ाम
खिड़की खुलने के बाद
नीलेश रघुवंशी
खो रहा हूँ वह सब
रविकांत
खोज खबर
रघुवीर सहाय
गुजरात
विमलेश त्रिपाठी
गजलें
शमशेर बहादुर सिंह
गजलें
शहरयार
गजलें
वसीम बरेलवी
ग़ज़ल
दाग़ देहलवी
ग़ज़ल
बहादुर शाह ज़फ़र
ग़ज़ल
राहत इन्दौरी
गजलें और नज्में
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल को ले चलो अब गाँव के दिलकश नज़ारों में
अदम गोंडवी
गधा कहीं का
ए. अरविंदाक्षन
गनीमत है अनगराहित भाई
विमलेश त्रिपाठी
ग़र चंद तवारीखी तहरीर बदल दोगे
अदम गोंडवी
ग्रन्थि
हरिनारायण व्यास
गुलमेंहदी
केदारनाथ अग्रवाल
गुलामी
रघुवीर सहाय
गेहूँ घर आया है
दिविक रमेश
गाँठ
रविकांत
गाढ़े अँधेरे में
अशोक वाजपेयी
गांधीनामा
अकबर इलाहाबादी
गाय और बछड़ा
आलोकधन्वा
गिरे तो क्या हुआ
रविकांत
गिर्यां हैं अब्र-ए-चश्म मेरी अश्क बार देख
वली दक्कनी
गीत
शमशेर बहादुर सिंह
गीत
शमशेर बहादुर सिंह
गीत
अमीर खुसरो
गीत
गोपाल सिंह नेपाली
गीतावली
तुलसीदास
गीली मुलायम लटें
शमशेर बहादुर सिंह
घनघोर आत्मीय क्षण
नीलेश रघुवंशी
घनीभूत पीड़ा
शमशेर बहादुर सिंह
घर
बद्री नारायण
घर में अकेली औरत के लिए
चंद्रकांत देवताले
घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है
अदम गोंडवी
घर से दूर
रविकांत
घर-धाम
श्रीकांत वर्मा
घोड़े शांति के पाठ पढ़ाते हैं
मिथिलेश श्रीवास्तव
चक्र : ग्यारह कविताएँ
नीलेश रघुवंशी
चढ़ती स्त्री
रघुवीर सहाय
चंदन गंध
रमानाथ अवस्थी
चंद्रकांत
रघुवीर सहाय
चने
रविकांत
चेन्नई में कोयल
आलोकधन्वा
चुनी हुई कविताएँ
अज्ञेय
चुप रहिए
रमानाथ अवस्थी
चप्पल
नीलेश रघुवंशी
चप्पल झोला पर्स घड़ी
मिथिलेश श्रीवास्तव
चुप्पा आदमी
मदन कश्यप
चुम्बन
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया
अदम गोंडवी
चाँदनी की रात है
गिरिजा कुमार माथुर
चाय
रविकांत
चार ग़ज़लें-एक,दो,तीन, चार
असरारुल हक़ मजाज़
चिड़िया का दुख
ए. अरविंदाक्षन
चिड़िया का ब्याह
दिविक रमेश
चिड़िया की आँख से
नीलेश रघुवंशी
चीख
अशोक वाजपेयी
चींटियाँ
मिथिलेश श्रीवास्तव
चींटी
अशोक वाजपेयी
चीन
शमशेर बहादुर सिंह
चोर
बोधिसत्व
चोरी
नीलेश रघुवंशी
छत लिखते हैं दर दरवाज़े लिखते हैं
शीन काफ़ निज़ाम
छाता
अशोक वाजपेयी
छाया मत छूना
गिरिजा कुमार माथुर
छिप गया वह मुख
शमशेर बहादुर सिंह
छीन कर वो लज़्ज़्त-ए-सोतो सदा ले जाएगा
शीन काफ़ निज़ाम
जंगल के झरने की धार
शीन काफ़ निज़ाम
जंगल से जलते बुझते नगर मेरे नाम क्यूँ
शीन काफ़ निज़ाम
जूते
अशोक वाजपेयी
जुनून-ए-शौक़ अब भी कम नहीं है
असरारुल हक़ मजाज़
जन्मजात म
रविकांत
जब कुछ भी शेष नहीं रहता सोचने को
विमलेश त्रिपाठी
जब प्रेम
विमलेश त्रिपाठी
जबर जोत
अशोक वाजपेयी
जमुन जल तुम
केदारनाथ अग्रवाल
जरूरी काम
रविकांत
जल क्रीड़ा
ए. अरविंदाक्षन
जल की अपराधी
नीलेश रघुवंशी
जल की प्रतीक्षा
ए. अरविंदाक्षन
जल की प्रार्थना
ए. अरविंदाक्षन
जल बिन मछली
ए. अरविंदाक्षन
जल मेरे भीतर
ए. अरविंदाक्षन
जल समाधि
ए. अरविंदाक्षन
जलधारा
ए. अरविंदाक्षन
जलप्रपात
ए. अरविंदाक्षन
ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब
अदम गोंडवी
जल-स्वप्न से युक्त
ए. अरविंदाक्षन
जलसाघर
श्रीकांत वर्मा
जिसके सम्मोहन में पागल धरती है आकाश भी है
अदम गोंडवी
जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए
अदम गोंडवी
जीने का उत्सव
विमलेश त्रिपाठी
जीवन की आपाधापी में
हरिवंश राय बच्चन
जीवन भीम, पलासी
रविकांत
जीवन रस
ए. अरविंदाक्षन
जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में
अदम गोंडवी
जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक़्क़ाम कर देंगे
अदम गोंडवी
जो तुम आ जाते
महादेवी वर्मा
जो बीत गई सो बात गई
हरिवंश राय बच्चन
जो रास्ता भूलेगा
चंद्रकांत देवताले
जो शिलाएँ तोड़ते हैं
केदारनाथ अग्रवाल
टैगोर और अंधी औरते
बोधिसत्व
टूटी पड़ी है परंपरा
श्रीकांत वर्मा
ट्राय का घोड़ा
श्रीकांत वर्मा
टी पार्टी की शाम
विजेंद्र
टोकनी
अशोक वाजपेयी
ठंड से मृत्यु
रघुवीर सहाय
डर
रघुवीर सहाय
ड्राइवर टू
रविकांत
तू तो है न मेरे पास
दिविक रमेश
तुझ मुख की झलक देख गई जोत चंदर सूँ
वली दक्कनी
तुम तूफान समझ पाओगे?
हरिवंश राय बच्चन
तुम मुझे क्षमा करो
राजकमल चौधरी
तुम वहाँ भी होगी
चंद्रकांत देवताले
तुम हमारे हो
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
तुम्हारे मनुष्य बनने तक
विमलेश त्रिपाठी
तुम्हारे लिए
विमलेश त्रिपाठी
तुम्हारी आँखें
चंद्रकांत देवताले
तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
अदम गोंडवी
ताकि सुन पाऊँ ठीक से चुटकुला
चंद्रकांत देवताले
तार्रुफ़
असरारुल हक़ मजाज़
तिनका
रविकांत
तिरंगा प्यारा ले लो
बोधिसत्व
तीर्थजल
ए. अरविंदाक्षन
तीसरा एस.एम.एस.
नीलेश रघुवंशी
तीसरा रास्ता
श्रीकांत वर्मा
तो समझना
विमलेश त्रिपाठी
थके हुए समय में
विमलेश त्रिपाठी
था तुम्हें मैंने रुलाया!
हरिवंश राय बच्चन
थी. हूं..रहूंगी...
वर्तिका नंदा
दुःख एक नहीं
विमलेश त्रिपाठी
देखे सूँ तुझ लबाँ के उपर रंग-ए-पान आज
वली दक्कनी
देखिए मुझे कोई मुगालता नहीं है
दिविक रमेश
दैत्य ने कहा
दिविक रमेश
दुनिया
रघुवीर सहाय
दुनिया का सबसे गरीब आदमी
चंद्रकांत देवताले
दुनिया रोज़ बनती है
आलोकधन्वा
दूब
शमशेर बहादुर सिंह
दम घुट रहा है रात दिन की सर्द जंग से
शीन काफ़ निज़ाम
दरवाज़ा कोई घर से निकालने के लिए दे
शीन काफ़ निज़ाम
देश के प्रधानमंत्री के नाम देश के एक नागरिक का खत
श्रीप्रकाश शुक्ल
देश-देश की कविता
केदारनाथ अग्रवाल
दृश्य
लहब आसिफ अल-जुंडी
दूसरा बनवास
क़ैफ़ी आज़मी
दांत
दिविक रमेश
दिन किशमिशी-रेशमी, गोरा
शमशेर बहादुर सिंह
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!
हरिवंश राय बच्चन
दिल्ली : शहर दर शहर
पंकज राग
दीदी
रविकांत
दीवान-ए-ग़ालिब
मिर्ज़ा ग़ालिब
दो बातें अधूरी
रविकांत
दो लड़कियों का पिता होने से
चंद्रकांत देवताले
दो हिस्से
नीलेश रघुवंशी
दोस्त
रविकांत
धूप
शमशेर बहादुर सिंह
धूप की बाट जोहते
रूपा धीरू
धरती
ए. अरविंदाक्षन
धरती और कथा
रविकांत
धरती-दिवस
ए. अरविंदाक्षन
धान के खेत
ए. अरविंदाक्षन
धार
रविकांत
न फोन, न चिट्ठी
रविकांत
न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से
अदम गोंडवी
न समझो ख़ुद-ब-ख़ुद दिल बेख़बर है
वली दक्कनी
नई हँसी
रघुवीर सहाय
नए युग के सौदागर
मदन कश्यप
नकली कवियों की वसुंधरा
श्रीकांत वर्मा
नज्में
हबीब जालिब
नज़र-ए-अलीगढ़
असरारुल हक़ मजाज़
नदी
ए. अरविंदाक्षन
नन्ही बुलबुल के तराने
आलोकधन्वा
नफ़रत
विस्लावा शिम्बोर्स्का
नयन
रविकांत
नया अनहद
दिनेश कुमार शुक्ल
नया साल
के. सच्चिदानंदन
नव वर्ष
हरिवंश राय बच्चन
नवेदे-आज़ादी-ए-हिन्द
ज़फ़र अली ख़ाँ
नशे में दया
रघुवीर सहाय
नशीला चाँद
हरिनारायण व्यास
नेहरूजी के प्रति
हरिनारायण व्यास
नहीं जानते कैसे
दिविक रमेश
नहीं हैं अभी अनशन पर खुशियां
दिविक रमेश
नागार्जुन की कविता
ए. अरविंदाक्षन
नारी
रघुवीर सहाय
निर्णय
रविकांत
निर्माण
हरिवंश राय बच्चन
निराला के प्रति
शमशेर बहादुर सिंह
नींबू माँगकर
चंद्रकांत देवताले
नील विस्तार
ए. अरविंदाक्षन
नौजवान ख़ातून से
असरारुल हक़ मजाज़
पंख
दिविक रमेश
पंख और पतवार
केदारनाथ अग्रवाल
पंचटीला
ए. अरविंदाक्षन
पूजना चाहता हूं किसी अवतार की तरह
दिविक रमेश
पेड़ों का शहर
नीलेश रघुवंशी
पढ़िए गीता
रघुवीर सहाय
पतझड़ का इतिहास
ए. अरविंदाक्षन
पतझड़ की शाम
हरिवंश राय बच्चन
पत्ती
अशोक वाजपेयी
पत्थर की बैंच
चंद्रकांत देवताले
पत्नी
विमलेश त्रिपाठी
पत्नी तो नहीं हैं न हम आपकी
दिविक रमेश
पृथ्वी पर आसमान
रविकांत
पदमावत
मलिक मुहम्मद जायसी
पदावली
मीरां बाई
पन्द्रह अगस्त
गिरिजा कुमार माथुर
पुन्न के काम आए हैं
दिविक रमेश
पुनर्जन्म
चंद्रकांत देवताले
प्यार करते हुए
विमलेश त्रिपाठी
प्यार मेरे लिए सिर्फ एक उम्मीद का नाम है
विमल कुमार
प्रक्रिया
श्रीकांत वर्मा
प्रणय
ए. अरविंदाक्षन
पूर्णिमा का चाँद
शमशेर बहादुर सिंह
प्रतिनिधि कविताएँ
रणजीत
प्रतीक्षा
अशोक वाजपेयी
प्रतीक्षा
श्रीकांत वर्मा
प्रतीक्षा
हरिवंश राय बच्चन
प्रेम के लिए जगह
अशोक वाजपेयी
प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता
चंद्रकांत देवताले
प्रयाग का मेला
रविकांत
प्रलय
ए. अरविंदाक्षन
पूर्वजों की अस्थियों में
अशोक वाजपेयी
पूरा आसमान का आसमान
शमशेर बहादुर सिंह
प्राप्ति
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
प्रार्थना
विमलेश त्रिपाठी
प्रियतर शब्द
ए. अरविंदाक्षन
पुष्प दीप
केदारनाथ अग्रवाल
पहले ज़मीन बाँटी थी फिर घर भी बँट गया
शीन काफ़ निज़ाम
पहला चुंबन
अशोक वाजपेयी
पहेलियाँ
अमीर खुसरो
पहली बार
विमलेश त्रिपाठी
पानी पानी
रघुवीर सहाय
पारस
रविकांत
पीली साड़ी पहनी औरत
विमलेश त्रिपाठी
फूल नहीं रंग बोलते हैं
केदारनाथ अग्रवाल
फूलों से भरी डाल
आलोकधन्वा
फिर घर
अशोक वाजपेयी
फिर बोले सन्नाटे सूने
शीन काफ़ निज़ाम
फोटो खींचना मना है
ए. अरविंदाक्षन
बुखार में कविता
श्रीकांत वर्मा
बच्चे एक दिन
अशोक वाजपेयी
बच्चे की खुशी
मिथिलेश श्रीवास्तव
बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए
चंद्रकांत देवताले
बेटे से
रघुवीर सहाय
बेटी के घर से लौटना
चंद्रकांत देवताले
बूढ़े इन्तजार नहीं करते
विमलेश त्रिपाठी
बूँद बन-बन के बिखरता जाए
शीन काफ़ निज़ाम
बंबई का रक्त स्नान (आल्हा)
केदारनाथ अग्रवाल
बुरे दिनों में
रविकांत
बेरोजगार भाई के लिए
विमलेश त्रिपाठी
बुलावा
रमानाथ अवस्थी
बस्ती खिले गुलाबों की
केदारनाथ अग्रवाल
बसन्त
विमलेश त्रिपाठी
बुसिफालस
विमल चंद्र पांडेय
बहुत कुछ है अभी
दिविक रमेश
बाई दरद ले!
चंद्रकांत देवताले
बाज़ीचा-ए-अत्फ़ाल है दुनिया मेरे आगे
मिर्ज़ा ग़ालिब
बात ऐसी तो नहीं थी
विमलेश त्रिपाठी
बादलों के टुकड़ों में उभरते चित्र
ए. अरविंदाक्षन
बार बार हरेक साल
मिथिलेश श्रीवास्तव
बारिश
आलोकधन्वा
बारिश
विमलेश त्रिपाठी
बालम ककड़ी बेचने वाली लड़कियाँ
चंद्रकांत देवताले
बिखरना
रघुवीर सहाय
बिटिया का कहना
बोधिसत्व
बिल्कुल नई जगह
विजेंद्र
बीथोवन के संगीत की तरह
ए. अरविंदाक्षन
बीथोवन की सिंफनी
ए. अरविंदाक्षन
बोल ! अरी, ओ धरती बोल !
असरारुल हक़ मजाज़
बोले बोल अबोल
केदारनाथ अग्रवाल
भूख के एहसास को शेरो-सुख़न तक ले चलो
अदम गोंडवी
भटका हुआ कारवाँ
गिरिजा कुमार माथुर
भद्रवंश के प्रेत
श्रीकांत वर्मा
भरोसे के तन्तु
विमलेश त्रिपाठी
भूल पाने की लड़ाई
आलोकधन्वा
भूले हुओं का गीत
गिरिजा कुमार माथुर
भारत - 2001
रविकांत
भारत-भारती
बोधिसत्व
मैं
श्रीकांत वर्मा
मैं आता रहूँगा तुम्हारे लिए
चंद्रकांत देवताले
मैं औराक़े-हैरानी में
शीन काफ़ निज़ाम
मैं कैसे आनन्द मनाऊँ
गिरिजा कुमार माथुर
मैं कोई फ़रिश्ता तो नहीं था
दिविक रमेश
मैं खो गया हू
बोधिसत्व
मैं चमारों की गली में ले चलूँगा आपको
अदम गोंडवी
मैं स्वयं बन मेघ जाता
हरिवंश राय बच्चन
मैं ही हूँ गुनहगार
विमल कुमार
मुक्ति के आभास
हरिनारायण व्यास
मुक्तिकामी चेतना अभ्यर्थना इतिहास की
अदम गोंडवी
मुकरियाँ
अमीर खुसरो
मखमल की बोरी
रविकांत
मगध
श्रीकांत वर्मा
मेघदूत
कालिदास
मंच और मचान
केदारनाथ सिंह
मुझे – न मिलेंगे – आप
शमशेर बहादुर सिंह
मुझे चाहिए
अशोक वाजपेयी
मत पूछना
रघुवीर सहाय
मृत्यु और कवि
गजानन माधव मुक्तिबोध
मधुबाला
हरिवंश राय बच्चन
मधुशाला
हरिवंश राय बच्चन
मन
शमशेर बहादुर सिंह
मैंने कहा हाँ
दिविक रमेश
मेरे अनुभव
रघुवीर सहाय
मेरे पंख कट गए हैं
रमानाथ अवस्थी
मेरे पास कुछ शब्द बचे हैं
विमल कुमार
मेरे सपने बहुत नहीं हैं
गिरिजा कुमार माथुर
मेरा जीवन
रघुवीर सहाय
मेरी आवाज
रविकांत
मेरी एक और धरती
विजेंद्र
मेरी स्त्री
रघुवीर सहाय
मुलाक़ातें
आलोकधन्वा
मूसा अगर जो देखे तुझ नूर का तमाशा
वली दक्कनी
महानगर में एक मॉडल
विमलेश त्रिपाठी
महानगर, लोकतन्त्र और मजदूर
विमलेश त्रिपाठी
महामहिम
श्रीकांत वर्मा
मुहावरा
नीलेश रघुवंशी
माँ
विमलेश त्रिपाठी
माँ
रविकांत
मां
दिविक रमेश
माँ के पंख नहीं होते
दिविक रमेश
माँ की यादें
ए. अरविंदाक्षन
माँ गाँव में है
दिविक रमेश
माँ जब खाना परोसती थी
चंद्रकांत देवताले
माँ पर नहीं लिख सकता कविता
चंद्रकांत देवताले
माँ, तुम नहीं हो
रविकांत
मादरे-हिन्द से
नज़ीर बनारसी
मापदंड
रविकांत
माफीनामा
मदन कश्यप
माया-दर्पण
श्रीकांत वर्मा
मार प्यार की थापें
केदारनाथ अग्रवाल
मार्केटिंग
रविकांत
मिट्टी के भीतर
ए. अरविंदाक्षन
मिरे खुश्क़ खेतों को बरसात दे
शीन काफ़ निज़ाम
मिस एफ.डी.आई. मेरी जान...
विमल कुमार
मौजे-हवा तो अबके अजब काम कर गई
शीन काफ़ निज़ाम
मौत की ट्रेन में दिदिया
अशोक वाजपेयी
मौन आहों में बुझी तलवार
शमशेर बहादुर सिंह
य’ शाम है
शमशेर बहादुर सिंह
यकीन
विमलेश त्रिपाठी
युवा जंगल
अशोक वाजपेयी
यह करेंट
रविकांत
यह दुःख
विमलेश त्रिपाठी
यह दुख
विमलेश त्रिपाठी
यह विवशता
शमशेर बहादुर सिंह
यातनाएं
विस्लावा शिम्बोर्स्का
यात्रा
रविकांत
याद आई पृथ्वी
दिविक रमेश
याद तुम्हारी आई सारी रात
रमानाथ अवस्थी
याद बन-बन कर गगन पर
रमानाथ अवस्थी
यादव जी!
दिविक रमेश
यायावर
लहब आसिफ अल-जुंडी
रक्त के पाताल की आवाजें
ए. अरविंदाक्षन
रंग
ए. अरविंदाक्षन
रचना
अशोक वाजपेयी
रंज
नीलेश रघुवंशी
रेडियो पर एक योरपीय संगीत सुनकर
शमशेर बहादुर सिंह
रेशमा
आलोकधन्वा
राग
शमशेर बहादुर सिंह
राजघाट पर घूमते हुए
विमलेश त्रिपाठी
राजनीतिज्ञों ने मुझे
श्रीकांत वर्मा
रात
आलोकधन्वा
रात की बात
रमानाथ अवस्थी
रात्रि
शमशेर बहादुर सिंह
राम की शक्ति पूजा
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
रामचरितमानस
तुलसीदास
रामदास
रघुवीर सहाय
रामविलास शर्मा के प्रति
रविकांत
राह
रविकांत
रिफ्यूजी कैंप
विमलेश त्रिपाठी
रीवाँ
रविकांत
रॉबिन अमीन
रविकांत
लेकर सीधा नारा
शमशेर बहादुर सिंह
लंकेश और घोड़े
रविकांत
लंबी कविताएँ
उपेंद्र कुमार
ललमुनिया की दुनिया
दिनेश कुमार शुक्ल
लहू का टीका
आनंद नारायण मुल्ला
लालच
बोधिसत्व
लिखना जरूरी लगा मुझे
रविकांत
लोग ही चुनेंगे रंग
लाल्टू
लोहा और आदमी
विमलेश त्रिपाठी
लौटना
विमलेश त्रिपाठी
वे बच्चे
अशोक वाजपेयी
वेद में जिनका हवाला हाशिए पर भी नहीं
अदम गोंडवी
वैदेही-वनवास
अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध
वर्षा के बाद
हरिनारायण व्यास
वैसे ही आऊँगा
विमलेश त्रिपाठी
वसंत
ए. अरविंदाक्षन
वसंत में प्रसन्न हुई पृथ्वी
केदारनाथ अग्रवाल
वसन्त आया
शमशेर बहादुर सिंह
वह आती थी जैसे माँ आती है
अमरेंद्र कुमार शर्मा
वह एक दर्पण चाहिए
रमानाथ अवस्थी
वह औरत : मेरी मां
दिविक रमेश
वह कैसे कहेगी
अशोक वाजपेयी
वह किस्सा ही क्या जो चलता नहीं रहे
दिविक रमेश
वह कौन थी जो आई थी मुझसे मिलने नीचे से अचानक टेलीफोन करके
विमल कुमार
वह जल ही था
ए. अरविंदाक्षन
वह नहीं कहती
अशोक वाजपेयी
वह मुझमें
अशोक वाजपेयी
वह सलोना जिस्म
शमशेर बहादुर सिंह
वहाँ-यहाँ
अशोक वाजपेयी
वही न मिलने का ग़म और वही गिला होगा
शीन काफ़ निज़ाम
वही नहीं लिख पाया
विमलेश त्रिपाठी
विकट बाढ़ की करुण कहानी
अदम गोंडवी
विकृति
रविकांत
विद्योत्तमा
रविकांत
विदा
अशोक वाजपेयी
विदा समय क्यों भरे नयन हैं
गिरिजा कुमार माथुर
विश्वास करना चाहता हूँ
अशोक वाजपेयी
वो कहाँ चश्मे-तर में रहते हैं
शीन काफ़ निज़ाम
वो गुनगुनाते रास्ते ख़्वाबों के क्या हुए
शीन काफ़ निज़ाम
वो जिसके हाथ में छाले हैं पैरों में बिवाई है
अदम गोंडवी
शक्ति भी है अकेला आदमी
दिविक रमेश
शब्द जो साथ नहीं चलते
विमलेश त्रिपाठी
शब्दों के स्थापत्य के पार
विमलेश त्रिपाठी
शमशेर की कविता
दिविक रमेश
शमशेर की कविता
ए. अरविंदाक्षन
श्रृंगार
आलोकधन्वा
शरण्य
अशोक वाजपेयी
शरणार्थी
हरिनारायण व्यास
शर्म आती है कि. . . .
दिविक रमेश
शेष
अशोक वाजपेयी
शहीदों की चिताओं पर
जगदंबा प्रसाद मिश्र हितैषी
शापित कमलों का आत्म-मंथन
कन्हैयालाल नंदन
शाम होने को हुई
शमशेर बहादुर सिंह
शायद सात साल की बच्ची
रविकांत
शिशिरान्त
हरिनारायण व्यास
शीत ऋतु के गीत
कुमार रवींद्र
शोक नाच
आर. चेतनक्रांति
स्कूल की डायरी से
विमलेश त्रिपाठी
संकल्प-क्षण
रविकांत
संगीत
ए. अरविंदाक्षन
सच तो यह है
विमलेश त्रिपाठी
संजीव हुसैन
रविकांत
सड़क
नीलेश रघुवंशी
सड़क पर एक आदमी
अशोक वाजपेयी
स्त्रियाँ
विमलेश त्रिपाठी
स्त्री
ए. अरविंदाक्षन
स्त्री थी वह
विमलेश त्रिपाठी
स्थगित समय में
अमरेंद्र कुमार शर्मा
सद्यःस्नाता
अशोक वाजपेयी
सदानीरा
ए. अरविंदाक्षन
सुदामा चरित
नरोत्तम दास
सदी के अंत में
रविकांत
सुन के ऐसी ही सी एक बात
शमशेर बहादुर सिंह
सपना
विमलेश त्रिपाठी
सब कुछ दे दूँगा पर
विमल कुमार
संबंध
दिविक रमेश
सबेरे-सबेरे और अखबार
रविकांत
सबसे बड़ा सुख
रविकांत
सुबह
रविकांत
सुबह
शमशेर बहादुर सिंह
सुब्हे -फ़र्दा
सरदार जाफ़री
स्मृतियाँ आती हैं...
विमल कुमार
स्मृतियों के चित्र
ए. अरविंदाक्षन
सम्पूर्ण यात्रा
दिविक रमेश
समय चक्र
दिनेश कुमार शुक्ल
समय से अनुरोध
अशोक वाजपेयी
समय है न पिता
विमलेश त्रिपाठी
सूरज और सपना
किरण अग्रवाल
सर्जना
रविकांत
सुरताल
दिविक रमेश
सूरदास के पद
सूरदास
सरमायेदारी
असरारुल हक़ मजाज़
सूर्य
अशोक वाजपेयी
सलमा चाची
दिविक रमेश
सलवा जुडूम
मदन कश्यप
संवेदना
हरिवंश राय बच्चन
सवाल ज़्यादा है
आलोकधन्वा
संस्कृति
ए. अरविंदाक्षन
संसार का कोई भी शरणार्थी
लहब आसिफ अल-जुंडी
सहयोग के अगले सिरे पर
रविकांत
सागर-तट
शमशेर बहादुर सिंह
साजन आए, सावन आया
हरिवंश राय बच्चन
साथी, सब कुछ सहना होगा!
हरिवंश राय बच्चन
सादा-दिल औरत के जटिल सपने तथा अन्य कविताएँ
मनीषा कुलश्रेष्ठ
सानिहा
असरारुल हक़ मजाज़
सारी रात
रमानाथ अवस्थी
सिर्फ शब्दों से नहीं
अशोक वाजपेयी
सीप-छवि
विजेंद्र
सोचने का परिणाम
रघुवीर सहाय
सोने की इस मरी हुई चिड़िया को बेच कर चला जाऊँगा
विमल कुमार
सौपर्णिका
ए. अरविंदाक्षन
हे मेरी तुम
केदारनाथ अग्रवाल
हत्या
रविकांत
हम पंछी उन्मुक्त गगन के
शिवमंगल सिंह सुमन
हम बचे रहेंगे
विमलेश त्रिपाठी
हमजाद
रविकांत
हम-तुम
रमानाथ अवस्थी
हमारी मुठभेड़
रघुवीर सहाय
हमारी हिंदी
रघुवीर सहाय
हर नई फुनग
विजेंद्र
हैरान थी हिन्दी
दिविक रमेश
हस्तक्षेप
श्रीकांत वर्मा
हस्तिनापुर का रिवाज
श्रीकांत वर्मा
हुसेन साहब! ये घोड़े आपको कहाँ मिले
मिथिलेश श्रीवास्तव
हँसो हँसो जल्दी हँसो
रघुवीर सहाय
हाथ सुंदर लगते हैं
नील कमल
हादसा
चंद्रकांत देवताले
हार गए पिता
बोधिसत्व
हिचक खुल जाने पर
रविकांत
हिचकी
विमलेश त्रिपाठी
हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िए
अदम गोंडवी
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती. .
हरिवंश राय बच्चन
हिसाब-वर्ष
रविकांत
हो सारा संसार बराबर
रणजीत
होंगे कामयाब !
गिरिजा कुमार माथुर
मुखपृष्ठ
उपन्यास
कहानी
कविता
व्यंग्य
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