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आत्मकथा

मेरी आत्मकथा
चार्ली चैप्लिन

अनुवाद - सूरज प्रकाश


मुझे यूरोप में हल्की सी उम्मीद थी कि किसी से मेरी मुलाकात होगी जो मेरी ज़िंदगी को दिशा दे सके। लेकिन कुछ भी तो नहीं हुआ था। मैं जितनी भी महिलाओं से मिला था, कोई भी उस श्रेणी में नहीं आती थी और जो उस किस्म की श्रेणी में आती भी थीं, वे ही इच्छुक नहीं थीं। और अब एक बार फिर वापिस कैलिफोर्निया। मैं कब्र में लौट आया था। डगलस और मैरी अलग हो चुके थे इसलिए अब दुनिया मेरे लिए बची ही नहीं थी।

जिस वक्त मैं बेल्डेवियर में टहल रहा था, मैं सोचने लगा कि अब मुझे रिटायर हो जाना चाहिये और सब कुछ बेच बाच कर चीन की तरफ निकल जाना चाहिये। अब हॉलीवुड में बने रहने का कोई लालच नहीं रहा था। इसमें कोई शक नहीं था कि मूक फिल्मों के दिन लद चुके थे और मैं सवाक फिल्मों के साथ संषर्घ करने जैसा महसूस नहीं कर रहा था। इसके अलावा, अब मेरी पूछ नहीं रही थी। मैंने कोशिश की कि किसी ऐसे अंतरंग व्यक्ति के बारे में सोचूं जिसे मैं फोन कर सकूं और बिना परेशान हुए डिनर के लिए आमंत्रित कर सकूं। लेकिन ऐसा कोई भी नहीं था। जब मैं घर लौटा तो रीव्ज़, मेरे मैनेजर यह बताने के लिए मिलने के लिए आये थे कि सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है। लेकिन और कोई नहीं आया था।

लुइस फर्डिनाड, कैसर का पोता स्टूडियो में मिलने के लिए आया और बाद में हमने घर पर एक साथ खाना खाया। हममें बहुत मज़ेदार बातचीत हुई। राजकुमार बहुत ही आकर्षक और बुद्धिमान लड़का था और वह पहले विश्व युद्ध के बाद जर्मन क्रांति के बारे में बता रहा था कि ये एक कॉमिक ओपेरा की तरह है।"मेरे दादा हॉलैंड गये थे," बताया उसने, "लेकिन हमारे कुछ रिश्तेदार पॉट्सडम के महल में ही रह गये थे। वे इतने डरे हुए थे कि वहां से निकले ही नहीं। और आखिरकार जब क्रांतिकारी महल में घुसे तो उन्होंने हमारे रिश्तेदारों को ये पूछते हुए एक नोट भेजा कि क्या उनका स्वागत किया जायेगा और उस मुलाकात में ये आश्वासन दिया कि हमारे रिश्तेदारों की रक्षा की जायेगी और कि अगर उन्हें किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो उन्हें केवल समाजवादी मुख्यालय में फोन भर करना होगा। हमारे रिश्तेदार अपने कानों पर विश्वास ही नहीं कर सके। लेकिन जब बाद में सरकार ने उनकी सम्पत्तियों के निपटान के बारे में उसने सम्पर्क साधा तो मेरे रिश्तेदार नखरे करने लगे तथा और ज्यादा मांगने लगे।" अपनी बात को खत्म करते हुए उसने बताया,"रूसी क्रांति एक त्रासदी थी और हमारी क्रांति एक लतफा!"

अलबत्ता, फ्रैंकलिन डी रुज़वेल्ट व्हाइट हाउस में पहुंचे और देश रसातल में नहीं गया। उनकी फारगाटन मैन स्पीच• ने अमेरिका को उसकी चिड़चिड़ाहट भरी ऊंघ से उठाया और अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक प्रेरणास्पद युग में ला स्थापित किया। मैंने उनका भाषण सैम गोल्डविन के बीच हाउस में रेडियो पर सुना था। हम कई लोग आस पास बैठे हुए थे। इनमें कोलम्बिया ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के बिल पैले, जो शेंक, फ्रेड एस्टेयर, उनकी पत्नी और अन्य मेहमान थे। "हमें जिस अकेली चीज़ से डरना है वह डर ही है।" ये शब्द फिज़ां में सूर्य की किरणों की तरह कौंधे। लेकिन मैं संदेह कर रहा था जैसे कि सभी कर रहे थे। मैंने कहा,"ये इतनी अच्छी बात है कि सच हो ही नहीं सकती।"

हर तरह की इमर्जेंसी के लिए कानून बना दिये गये। समय से पहले बंदी के नाम पर जो थोक डकैती हो रही थी, उसे रोकने के लिए फार्म क्रेडिट स्थापित करना, बड़ी बड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं को धन उपलब्ध कराना, राष्ट्रीय वसूली अधिनियम लागू करना, न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाना, काम के घंटे कम करके नये काम मुहैय्या कराना, और मज़दूर यूनियनों को प्रोत्साहित करना जैसे क्रांतिकारी कदम उठाये गये। 'आप बहुत आगे बढ़ रहे हैं: ये समाजवाद है,' विपक्ष वाले चिल्लाये। ये समाजवाद था या नहीं, लेकिन इसने पूंजीवाद को पूरी तरह से धराशाई होने से रोक लिया। इसने युनाइटेड स्टेट्स के इतिहास में कई सर्वोत्तम सुधारों के लिए भी ज़मीन तैयार की। ये देखना बेहद प्रेरणादायक था कि किस तरह से अमेरिकी नागरिकों ने काम करने वाली सरकार का साथ दिया।

मैं अभी भी इसी बात पर विचार कर रहा था कि अपना सारा काम समेटूं और हांग कांग या चीन की तरफ कूच कर जाऊं जहां पर मैं आराम से रह सकता हूं और सवाक फिल्मों को भूल सकता हूं बजाये यहां हॉलीवुड में सड़ते रहने के।

और सचमुच हुआ भी यही। मैं पॉलेट गोदार्द से मिला। वह हंसमुख लड़की थी और शाम के वक्त उसने मुझे बताया कि वह अपने भूतपूर्व पति से अलगाव के हर्जाने के रूप में मिले धन में से 50,000 डॉलर फिल्म कारोबार में निवेश करने जा रही है। वह अपने साथ नाव पर सारे कागज़ात लेती आयी थी जिन पर बस, हस्ताक्षर किये जाने थे। मैंने उसे इस काम में हाथ डालने से रोकने के लिए एक तरह से उसका गला ही पकड़ लिया था। जिस कम्पनी में वह पैसा डालने जा रही थी वह जाहिर तौर पर हॉलीवुड की घुमंतु कम्पनी थी। मैंने उसे बताया कि मैं फिल्म लाइन से इसकी शुरुआत से ही जुड़ा हुआ हूं और मेरा जो ज्ञान है फिल्म लाइन का उसे देखते हुए मैं अपनी फिल्म में भी एक पैसा तक न लगाऊं। उसमें भी जोखिम है। मैंने उसे तर्क दिया कि अगर हर्स्ट जैसे व्यक्ति, जिनके पास साहित्यिक स्टाफ था और जिनकी पहुंच अमेरिका की बेहतरीन कहानियों तक थी, ने फिल्मो में निवेश करके अपने 7,000,000 डॉलर गवां दिये तो वे किस खेत की मूली हैं। आखिरकार मैं उसे इसमें हाथ डालने से रोकने में कामयाब हो गया। ये हमारी दोस्ती की शुरुआत थी।

पॉलेट की जानकारी के बिना मैंने नाव खरीद ली और उसे कैटेलिना की यात्रा के लिए ठीक कर लिया। मैं नाव पर अपने खुद के रसोइया और कीस्टोन के एक भूतपूर्व सिपाही एंडी एंडरसन को ले गया। एंडी लाइसेंस शुदा कैप्टन था। अगले रविवार सब कुछ तैयार था। पॉलेट और मैं अल सुबह ही निकल पड़े। उसने यही सोचा कि हम लम्बी ड्राइव के लिए निकल रहे हैं। वह इस बात पर राजी हो गयी थी कि हम सिर्फ एक कप कॉफी ले कर निकलेंगे और बाद में कहीं नाश्ते के लिए चले चलेंगे। तब उसने पाया कि हम तो सेन पैड्रो की तरफ जा रहे हैं। 'ये बात तय रही कि आप उस नाव को देखने के लिए दोबारा नहीं जा रहे हैं?'

'तब आप अकेले ही जाना अंदर। बहुत खराब लगता है।' उसने अफसोस के साथ कहा, 'मैं कार में ही बैठी रहूंगी और आपका इंतजार करूंगी।'
जब हम नाव की लैंडिंग पर रुके तो वह किसी भी कीमत पर कार से बाहर निकलने को राजी ही न हो।

दो ही मिनट के भीतर मैं कार के पास आया और पॉलेट को मनाने की कोशिश की, उसकी इच्छा के खिलाफ कि वह नाव तक आये तो सही। केबिन को गुलाबी और नीले मेजपोश से बहुत अच्छी तरह से सजाया गया था और उसके साथ मेल खाते गुलाबी और नीले चीनी परदे थे। गैली से बैकन और अंडे तले जाने की मस्त कर देने वाली महक आ रही थी।

उसकी प्रतिक्रिया बहुत ही मज़ेदार थी। 'एक मिनट रुको,' कहा उसने। वह उठी, नाव से बाहर आयी और बंदरगाह पर पचास गज की दौड़ लगायी, अपने हाथों से अपना चेहरा ढक लिया।

जब वह नाव पर वापिस आयी तो बोली, 'इस झटके से उबरने के लिए मुझे ये सब करना पड़ा।'

काम करने की अभी भी कोई योजना सामने नहीं थीं। पॉलेट के साथ मैं आलतू फालतू हरकतें करता रहता। रेस मीटिगों में भाग लेता, नाइट्स स्पाट्स में और सार्वजनिक आयोजनों में घूमता फिरता रहता। कुछ भी ऐसा करता जिससे वक्त गुज़र जाये। मैं न तो अकेले रहना चाहता था और न ही सोचना ही चाहता था। लेकिन इन सारी मौज मस्तियों में भीतर ही कहीं एक भावना काम कर रही थी। अपराध बोध का लगातार अहसास : मैं यहां क्या कर रहा हूं? मैं अपने काम पर क्यों नहीं हूं?

ये सोचने की बात है कि किस तरह से एक संयोग से और ऐसे वक्त में जब मैं इसके बारे में सोच भी नहीं सकता था, मैं अचानक एक और मूक फिल्म बनाने के लिए प्रेरित हुआ। पॉलेट और मैं मैक्सिको में ट्रिजुआना रेसकोर्स में गये जहां पर कैंटकी या ऐसा ही कुछ नाम था उसका, विजेता को रजत कप से नवाज़ा जाना था। वहां पर पॉलेट से पूछा गया कि क्या वह विजेता जॉकी को पदक प्रदान करेगी और दक्षिणी अमेरिका में बोले जाने वाले उच्चारण में कुछ शब्द बोलेगी। उसे प्रेरित करने में थोड़ा सा ही वक्त लगा। मैं उसे लाउडस्पीकर पर सुन कर हैरान रह गया। हालांकि वह ब्रुकलिन से है, उसने किसी केंटकी सोसाइटी लड़की की बहुत ही बढ़िया नकल करके दिखायी। इससे मैं इस बात का कायल हो गया कि वह अभिनय कर सकती है।

तब मुझे अपना एक साक्षात्कार याद आया जो मैंने न्यू यार्क में एक होशियार युवा रिपोर्टर को दिया था। ये सुनने पर कि मैं डैट्रियट जा रहा हूं, उसने मुझे वहां पर फैक्टरी बेल्ट सिस्टम के बारे में बताया था। ये बड़े उद्योगों का एक भयावह गोरख धंधा था जो हट्टे कट्टे किसानों को उनके खेतों से लालच दे कर लाता था और काम में झोंक देता था। चार या पांच बरस तक बेल्ट सिस्टम में काम करने के बाद ये लोग मानसिक रूप से विक्षिप्त हो जाते थे।

किसी अभिनेत्री को फैशनेबल कपड़ों में आकर्षक ढंग से तैयार करना आसान होता है लेकिन किसी लड़की को फूल बेचने वाली लड़की की तरह तैयार करना और उसे सुंदर भी दिखाना जैसा कि सिटी लाइट्स में किया गया था, मुश्किल काम होता है। गोल्ड रश में नायिका के कॉस्ट्यूम तैयार करने में कोई समस्या नहीं आयी थी। लेकिन माडर्न टाइम्स में पॉलेट की पोशाकों के लिए फैशन डिज़ाइनर के बनायी पोशाकों की तरह बहुत सोचना विचारना पड़ा। यदि सड़क छाप लड़की की वेशभूषा के बारे में बिना सोचे समझे फैसला कर लिया जाता तो थिगलियां नकली और अविश्वसनीय लगतीं। गली गली घूमने वाली आवारा लड़की या फूल बेचने वाली लड़की के रूप में नायिका को तैयार करके मैं काव्यात्मक प्रभाव पैदा करना चाहता था और उसे उसके व्यक्तित्व से वंचित नहीं करना चाहता था।

इस तरह के समाचार बुलेटिन सुनने से ज्यादा नसें तड़काने वाली और कोई बात नहीं होती कि पहले हफ्ते आने वाले दर्शकों की संख्या ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं और दूसरे हफ्ते में मामूली सी गिरावट आयी है। इसलिए न्यू यार्क और लॉस एंजेल्स में प्रीमियर के बाद मेरी एक ही इच्छा थी कि जितनी जल्दी हो सके, फिल्म की खबरों से जितना दूर जा सकूं, चला जाऊं इसलिए मैंने होनोलुलु जाने का फैसला किया। मैं अपने साथ पॉलेट और उसकी मां को ले गया और पीछे ऑफिस में ये हिदायतें छोड़ दीं कि मुझे किसी भी तरह का कोई भी संदेश न भेजा जाये।

'चलो, हम वहीं चलते हैं।'

'चीन!'

'लेकिन मेरे पास कपड़े नहीं हैं।'

सारी नावों का नामकरण करके उन्हें पैनेशिया नाम दे देना चाहिये क्योंकि समुद्री यात्रा से ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक और कुछ नहीं होता। आपकी सारी चिंताएं स्थगित हो जाती हैं, नाव आपको गोद ले लेती है, और आपकी देखभाल करती है, और आखिरकार जब नाव पत्तन पर पहुंचती है तो आपको संकोच के साथ हड़बड़ाती दुनिया को लौटा देती है।

अलबत्ता, टोकियो में मुझे इतना डर नहीं लगा क्योंकि कैप्टन ने मेहरबानी करके मुझे दूसरे यात्री के रूप में पंजीकृत कर रखा था। जापानी प्राधिकारियों ने जब मेरा पासपोर्ट देखा तो इसे मामले को तिल का ताड़ बना दिया, 'आपने हमें बताया क्यों नहीं कि आप आ रहे हैं?' कहा उन्होंने। चूंकि वहां पर कुछ ही दिन पहले सैन्य विद्रोह हो चुका था जिसमें सैकड़ों लोग मारे गये थे, उनका ये पूछना ठीक ही था, मैंने सोचा। जापान में हमारे ठहरने के दौरान सरकार की तरफ से तैनात एक अधिकारी ने एक पल के लिए भी हमें अकेला नहीं छोड़ा। सैन फ्रांसिस्को से चलने से ले कर हांग कांग पहुंचने तक हमने किसी भी यात्री से बात नहीं की थी लेकिन हांग कांग पहुंचते ही ये मौन उवपास धरा रह गया। 'चार्ली,' एक लम्बे से, चुप्पे से दिखने वाले व्यापारी ने मुझसे कहा, 'मैं कनेक्टिकट से नाता रखने वाले एक अमेरिकी पादरी से ज़रूर मिलूं। वे पिछले पांच बरस से कोढ़ियों की बस्ती में टिके हुए हैं। फादर के लिए ये अकेलापन काट खाने वाला होगा इसलिए हर रविवार वे हांग कांग अपनी अमेरिकी नावों को देखने आते हैं।'

हम पांच महीने तक हॉलीवुड से परे रहे। इस ट्रिप के दौरान पॉलेट और मैंने शादी कर ली थी। इसके बाद हम स्टेट्स लौटे। हमने वापसी के लिए सिंगापुर में एक जापानी नाव ली।

तत्काल ही कॉकटेयु दुभाषिये से मेरी तरफ मुड़ते और तेज, चिड़िया की तरह सिर हिलाते और अपनी बात जारी रखते। इसके बाद मैं बात का सिरा आगे बढ़ाता और गहराई से दर्शन और कला पर अपना ज्ञान बधारने लगता। जब हम दोनों एक दूसरे से सहमत होते तो इस दूजे को गले लगाते और हमारा दुभाषिया ठंडी ठंडी आंखों से देखता रह जाता। इस तरह से, इसी महान तरीके से हम रात भर बातें करते रहे। हम सुबह चार बजे तक बतियाते रहे और ये वायदा किया कि एक बजे लंच पर फिर मिलेंगे। लेकिन हमारा उत्साह अपने परम बिंदु तक पहुंच चुका था। हम दोनों ही क्लाइमेक्स तक पहुंच चुके थे लेकिन दोनों ने ही इसका आभास नहीं होने दिया। दोपहर के वक्त हम दोनों के ही माफी मांगते हुए पत्र एक दूसरे के पास पहुंचे। उन दोनों खतों की विषय सस्तु एक जैसी ही थी, दोनों ही क्षमा याचनाओं से भरे हुए थे कि हम अब और मिल नहीं पा रहे है। हम दोनों ने एक दूसरे को ज़रूरत से ज्यादा ही देख परख लिया था।

अगली सुबह मैं डेक पर अकेले ही चहलकदमी कर रहा था, अचानक ही, ये देख कर मेरे आतंक की सीमा न रही कि दूर के कोने से कॉकटेयु का चेहरा उभरा और वे मेरी तरफ चले आ रहे थे। हे मेरे भगवान!! मैंने जल्दी से आसपास छुपने की जगह देखी। तब उन्होंने मुझे देखा और तब मुझे बहुत राहत मिली जब वे मुख्य सैलून दरवाजे से बाहर निकल गये। इसके साथ ही हमारी सुबह की चहलकदमी खत्म हो गयी। दिन भर हम एक दूसरे से बचते हुए चोर सिपाही का खेल खेलते रहे। अलबत्ता, जिस वक्त हम हांग कांग पहुंचे, हम इतने उबर चुके थे कि बीच बीच में कुछ पलों के लिए मिल लेते, लेकिन टोकियो आने में अभी भी चार दिन बाकी थे।

बीच बीच में जहाज कई जगह रुकता और हम एक दूसरे से मुश्किल से ही मिले। हां, कभी मिलते भी तो बातचीत कैसे हैं और चलते हैं से आगे न बढ़ती। लेकिन जब ये खबर फैली कि हम दोनों की प्रेसिडेंट कूलिज नाम के जहाज में एक साथ यात्रा करते हुए अमेरिका वापिस जा रहे हैं तो हम दोनों ने ही हार मान ली और इसके बाद उत्साह दिखाने का और कोई प्रयास नहीं किया।

जब हम सैन फ्रासिस्को पहुंचे तो मैंने ज़ोर दिया कि वे हमारे साथ ही कार में लॉज एंजेल्स चलें। हमारी लिमोज़िन हमारा इंतज़ार कर रही थी। पीलू साथ में आया। यात्रा के दौरान पीलू ने गाना शुरू कर दिया।

मुझे धक्का लगा। पूछा मैंने, 'आपने ऐसा क्यों किया?'

'लेकिन' मैंने कहा, 'वो इस विदेश में अजनबी है और यहां की भाषा भी नहीं जानता।'

 

जब हम बेवरली हिल्स पहुंचे तो वे बहुत उत्साहजनक खबर आयी, माडर्न टाइम्स अपार सफल रही थी।

पॉलेट और मेरे विवाह को अब एक बरस होने को आया था लेकिन हम दोनों के बीच खाइयां बढ़ती ही जा रही थीं। इस का आंशिक कारण ये भी था कि मैं अपने काम की चिंता में पड़ा रहता था और काम करने की समस्याओं में उलझा रहता था। अलबत्ता, माडर्न टाइम्स की सफलता ने पोलैट के लिए नये द्वार खोल दिये थे और अब उसने पैरामाउंट वालों के लिए कई फिल्में साइन की थीं। लेकिन मैं न तो काम कर पा रहा था और न अभिनय ही। उदासी के इसी आलम में मैंने अपने दोस्त टिम डुरैंट के साथ पैबल बीच पर जाने का फैसला किया। शायद मैं वहां पर बेहतर तरीके से काम कर सकूं।

मैं टिम ड़ुरैंट से तब मिला था जब उन्हें कोई हमारी एक रविवारी टेनिस पार्टी में लेकर आया था। टिम बहुत अच्छा टेनिस खेलते थे और हम एक साथ खूब खेला करते। उनका हाल ही में अपनी पत्नी ई एफ हट्टन की बेटी से तलाक हो गया था और उसी के सदमे से उबरने के लिए हाल ही में कैलिफोर्निया आये थे। टिम सहानुभूति रखने वाले शख्स थे। हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गये।

विल्सन मिज़नर की बहन को पड़ोसी अच्छे नहीं लगते थे। पड़ोसियों का टेनिस कोर्ट उनके घर के सामने पड़ता था और जब भी उनके पड़ोसी टेनिस खेलते, वह ढेर सारी आग जला देती और धूंए से टेनिस कोर्ट भर जाता।

जॉन सवेरे के वक्त काम करते, और औसतन वो हज़ार शब्द प्रतिदिन लिखते थे। मैं उनके साथ सुथरे पन्नों को देख कर हैरान होता। उनमें शायद ही कोई गलती होती। मैं उनसे ईर्ष्या करता।

स्टेनबैक दम्पत्ति के पास कोई नौकर नहीं था। उनकी पत्नी ही घर का सारा कामकाज़ करतीं। वे बहुत शानदार तरीके से घर बार संभालतीं। मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक था।

एक आकर्षक विवाहित महिला ने, जिसका पति घोषित रूप से बेवफा था, ने अपने बड़े से घर में मेरे साथ अकेली मुलाकात का इंतज़ाम किया। मैं वहां पर अपनी शरारतपूर्ण मंशा के साथ गया। लेकिन जब औरत ने रोते हुए मुझसे ये रहस्य बांटा कि उसका अपने पति के साथ पिछले आठ बरस से कोई शारीरिक संबंध नहीं रहा है और वह उससे अभी भी प्यार करती है, तो उसके आंसुओं ने मेरे उत्साह पर पानी फेर दिया और मैंने पाया कि मैं उसे आध्यात्मिक सलाह दे रहा हूं - सारा का सारा मामला ही दिमाग पर चढ़ जाने वाला हो गया। बाद में पता चला कि वह समलिंगी, लेस्बियन हो गयी है।

रॉबिनसन दो बिनमन और उनकी पत्नी प्रागैतिहासिक काल की पत्थर की एक छोटी सी हवेली में रहते थे। इसका नाम था टोर। इसे उन्होंने खुद प्रशांत महासागर के तटों पर चट्टान के स्लैब पर बनाया था। इसमें थोड़ा सा छिछोरापन नज़र आता था ऐसा मुझे लगा। सबसे बड़ा कमरा बारह फुट से ज्यादा बड़ा नहीं था। घर से कुछ ही दूर प्रागैतिहासिक काल की लगने वाली पत्थरों की एक गोलाकर मीनार थी। सोलह ऊंची और चार फुट के घेरे वाली। तंग सीढ़ियां आपको ऊपर मियानी तक ले जाती थीं। वहां पर खिड़की के लिए जगह बनी हुई थी। ये उनका अध्ययन कक्ष था। यहीं पर उन्होंने रोन स्टालिन लिखा था। टिम का विचार था कि इस तरह की भयावह रुचि उनके लिए मनोवैज्ञानिक चाह थी। लेकिन मैं देखता कि रॉबिनसन सूर्यास्त के वक्त अपने कुत्ते के साथ टहल रहे हैं। वे शाम का आनन्द ले रहे होते। उनके चेहरे पर असीम शांति होती और लगता, वे कहीं दूर ख्यालों में खोये हुए हैं। मुझे यकीन है कि रॉबिनसन जेफर्स जैसा व्यक्ति मृत्यु की कामना तो नहीं ही कर सकता।

 


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