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कुणाल सिंह का उपन्यास
आदिग्राम उपाख्यान
'आदिग्राम उपाख्यान' लिखते हुए एक सवाल से बार-बार दो-चार हुआ कि वियतनाम पर
अमेरिकी हमले के खिलाफ जब जुलूस निकाला गया था तब पोस्टरों पर जो कुछ भी लिखा गया
था - आमार नाम तोमार नाम... इत्यादि; तो 'वियतनाम' की तुक में 'आदिग्राम' तो सटीक
बैठता है, लेकिन वह जो न रोटी बेलता है न खाता है, बस रोटी से खेलता है, वह तीसरा
आदमी कौन है?
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