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| शीर्षक क्रम :
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| बृज नारायण चकबस्त - कविताएँ
बोधिसत्व - ऐसा तो नहीं था
- कल की बात
- कोई चिह्न नहीं है
- चोर
- टैगोर और अंधी औरते
- तिरंगा प्यारा ले लो
- बिटिया का कहना
- भारत-भारती
- मैं खो गया हू
- लालच
- हार गए पिता
भगवत रावत - कविताएँ
भगवतीचरण वर्मा - कविताएँ
भवानी प्रसाद मिश्र - कविताएँ
मंजरी श्रीवास्तव - एक कविता खलील जिब्रान के लिए
मख़दूम मोहिउद्दीन - कविताएँ
मदन कश्यप - अपना ही देश
- आदिवासी
- उद्धारक
- चुप्पा आदमी
- नए युग के सौदागर
- माफीनामा
- सलवा जुडूम
मनीषा कुलश्रेष्ठ - सादा-दिल औरत के जटिल सपने तथा अन्य कविताएँ
मनोज कुमार झा - इस कथा में मृत्यु तथा अन्य कविताएँ
मनोज कुमार पांडेय - कवि लिखना चाहता है महाकाव्य
मलिक मुहम्मद जायसी - अखरावट
- आखिरी कलाम
- पदमावत
महादेवी वर्मा - जो तुम आ जाते
महेश वर्मा - कविताएँ
मार्क स्ट्रैंड - कविता की नई हैंडबुक
मिथिलेश श्रीवास्तव - ईश्वर
- घोड़े
- घोड़े शांति के पाठ पढ़ाते हैं
- चप्पल झोला पर्स घड़ी
- चींटियाँ
- बच्चे की खुशी
- बार बार हरेक साल
- हुसेन साहब! ये घोड़े आपको कहाँ मिले
मिर्ज़ा ग़ालिब - दीवान-ए-ग़ालिब(ई-पुस्तक)
- बाज़ीचा-ए-अत्फ़ाल है दुनिया मेरे आगे
मीर तकी मीर - कविताएँ
मीरां बाई - पदावली
मुईन अहसन जज़्बी - कविताएँ
मुहम्मद अली जौहर - कविताएँ
मैथिलीशरण गुप्त - अविस्मरणीय कविताएँ
मोहम्मद इब्राहिम ज़ौक़ - कविताएँ
यश मालवीय - गीत
रंजना जायसवाल - कविताएँ
रघुवीर सहाय - अंग्रेजी
- अधिनायक
- अरे अब ऐसी कविता लिखो
- आनेवाला कल
- आपकी हँसी
- उसका रहना
- औरत की जिंदगी
- कला क्या है
- खोज खबर
- गुलामी
- चढ़ती स्त्री
- चंद्रकांत
- ठंड से मृत्यु
- डर
- दुनिया
- नई हँसी
- नशे में दया
- नारी
- पढ़िए गीता
- पानी पानी
- बेटे से
- बिखरना
- मत पूछना
- मेरे अनुभव
- मेरा जीवन
- मेरी स्त्री
- रामदास
- सोचने का परिणाम
- हमारी मुठभेड़
- हमारी हिंदी
- हँसो हँसो जल्दी हँसो
रणजीत - प्रतिनिधि कविताएँ(ई-पुस्तक)
- हो सारा संसार बराबर
रमानाथ अवस्थी - अँधेरे का सफ़र मेरे लिए है
- असम्भव
- इनसान
- उस समय भी
- ऐसी तो कोई बात नहीं
- कभी-कभी
- चंदन गंध
- चुप रहिए
- बुलावा
- मेरे पंख कट गए हैं
- याद तुम्हारी आई सारी रात
- याद बन-बन कर गगन पर
- रात की बात
- वह एक दर्पण चाहिए
- सारी रात
- हम-तुम
रमेश तैलंग - किसी को ज़िंदगी में जानना आसाँ नहीं होता
- जहाँ उम्मीद थी ज़्यादा वहीं से खाली हाथ आए
- मेरे जज़्बात में जब भी कभी थोड़ा उबाल आया
रविकांत - अगला मंगलवार
- अपने लिए, शमशेर
- अभागिन प्रियतमा
- अस्पताल में पिता
- आज का दिन
- आमीन
- इतिहास में
- इन कविताओं का कवि एक सपने में मारा गया
- इस भूख में
- उठा-पटक
- एक दोस्त की राय
- एक-एक कर
- ऐ रघु
- ओ प्रिय सारभूत बात
- औकात
- केदारनाथ अग्रवाल के प्रति
- कुल की कथा
- कवि का प्रतिनायक
- कविता
- कहाँ हो तुम
- कामना है
- खो रहा हूँ वह सब
- गाँठ
- गिरे तो क्या हुआ
- घर से दूर
- चने
- चाय
- जन्मजात म
- जरूरी काम
- जीवन भीम, पलासी
- ड्राइवर टू
- तिनका
- दीदी
- दो बातें अधूरी
- दोस्त
- धरती और कथा
- धार
- न फोन, न चिट्ठी
- नयन
- निर्णय
- पृथ्वी पर आसमान
- प्रयाग का मेला
- पारस
- बुरे दिनों में
- भारत - 2001
- मखमल की बोरी
- मेरी आवाज
- माँ
- माँ, तुम नहीं हो
- मापदंड
- मार्केटिंग
- यह करेंट
- यात्रा
- रामविलास शर्मा के प्रति
- राह
- रीवाँ
- रॉबिन अमीन
- लंकेश और घोड़े
- लिखना जरूरी लगा मुझे
- विकृति
- विद्योत्तमा
- शायद सात साल की बच्ची
- संकल्प-क्षण
- संजीव हुसैन
- सदी के अंत में
- सबेरे-सबेरे और अखबार
- सबसे बड़ा सुख
- सुबह
- सर्जना
- सहयोग के अगले सिरे पर
- हत्या
- हमजाद
- हिचक खुल जाने पर
- हिसाब-वर्ष
रसूल हमजातोव - कवि और सुनहरी मछली का किस्सा
राकेश श्रीमाल - कविताएँ
राजकमल चौधरी - तुम मुझे क्षमा करो
रामधारी सिंह दिनकर - कुरुक्षेत्र(ई-पुस्तक)
- कविताएँ
राहत इन्दौरी - ग़ज़ल
राही मासूम रजा - कविताएँ
रूपा धीरू - धूप की बाट जोहते
रेनर मरिया रिल्के - कविताएँ
लहब आसिफ अल-जुंडी - अल्लाहो अकबर
- आँसुओं को गिरने दो
- इलेक्ट्रॉन
- दृश्य
- यायावर
- संसार का कोई भी शरणार्थी
लाल्टू - लोग ही चुनेंगे रंग
लीलाधर जगूड़ी - कविताएँ
वर्तिका नंदा - थी. हूं..रहूंगी...
वली दक्कनी - गिर्यां हैं अब्र-ए-चश्म मेरी अश्क बार देख
- तुझ मुख की झलक देख गई जोत चंदर सूँ
- देखे सूँ तुझ लबाँ के उपर रंग-ए-पान आज
- न समझो ख़ुद-ब-ख़ुद दिल बेख़बर है
- मूसा अगर जो देखे तुझ नूर का तमाशा
वसीम बरेलवी - गजलें
विजेंद्र - टी पार्टी की शाम
- बिल्कुल नई जगह
- मेरी एक और धरती
- सीप-छवि
- हर नई फुनग
विनोद कुमार शुक्ल - कविताएँ
विपिन चौधरी - कविताएँ
विमल कुमार - क्या नए साल में मिलोगी?
- प्यार मेरे लिए सिर्फ एक उम्मीद का नाम है
- मैं ही हूँ गुनहगार
- मेरे पास कुछ शब्द बचे हैं
- मिस एफ.डी.आई. मेरी जान...
- वह कौन थी जो आई थी मुझसे मिलने नीचे से अचानक टेलीफोन करके
- सब कुछ दे दूँगा पर
- स्मृतियाँ आती हैं...
- सोने की इस मरी हुई चिड़िया को बेच कर चला जाऊँगा
विमल चंद्र पांडेय - बुसिफालस
विमलेश त्रिपाठी - अकेला आदमी
- अँधेरे में एक आवाज
- अन्ततः बस...
- अर्थ-विस्तार
- आग सभ्यता चाय और स्त्रियाँ
- आजकल माँ
- इन्तजार
- इस बसन्त में
- ईश्वर हो जाऊँगा
- उन्हीं दिनों
- एक कविता जन्म ले रही है
- एक तस्वीर देखकर
- कठिन समय में प्रेम
- कथा
- कुम्हार का चाक भूख भैरवी और एक प्रश्न
- कवि हूँ
- कविता
- कविता के बाहर
- कविता से लम्बी उदासी
- कहाँ जाऊँ
- किसान
- खबर
- गुजरात
- गनीमत है अनगराहित भाई
- जब कुछ भी शेष नहीं रहता सोचने को
- जब प्रेम
- जीने का उत्सव
- तुम्हारे मनुष्य बनने तक
- तुम्हारे लिए
- तो समझना
- थके हुए समय में
- दुःख एक नहीं
- पत्नी
- प्यार करते हुए
- प्रार्थना
- पहली बार
- पीली साड़ी पहनी औरत
- बूढ़े इन्तजार नहीं करते
- बेरोजगार भाई के लिए
- बसन्त
- बात ऐसी तो नहीं थी
- बारिश
- भरोसे के तन्तु
- महानगर में एक मॉडल
- महानगर, लोकतन्त्र और मजदूर
- माँ
- यकीन
- यह दुःख
- यह दुख
- राजघाट पर घूमते हुए
- रिफ्यूजी कैंप
- लोहा और आदमी
- लौटना
- वैसे ही आऊँगा
- वही नहीं लिख पाया
- शब्द जो साथ नहीं चलते
- शब्दों के स्थापत्य के पार
- स्कूल की डायरी से
- सच तो यह है
- स्त्रियाँ
- स्त्री थी वह
- सपना
- समय है न पिता
- हम बचे रहेंगे
- हिचकी
विस्लावा शिम्बोर्स्का - आकस्मिक मुलाकात
- नफ़रत
- यातनाएं
शमशेर बहादुर सिंह - अज्ञेय से
- अन्तिम विनिमय
- आओ!
- उषा
- एक नीला आईना बेठोस
- एक पीली शाम
- एक मौन
- कठिन प्रस्तर में
- का. रुद्रदत्त भारद्वाज की शहादत की पहली वर्षी पर
- गजलें
- गीत
- गीत
- गीली मुलायम लटें
- घनीभूत पीड़ा
- चीन
- छिप गया वह मुख
- दूब
- दिन किशमिशी-रेशमी, गोरा
- धूप
- निराला के प्रति
- पूर्णिमा का चाँद
- पूरा आसमान का आसमान
- मुझे – न मिलेंगे – आप
- मन
- मौन आहों में बुझी तलवार
- य’ शाम है
- यह विवशता
- रेडियो पर एक योरपीय संगीत सुनकर
- राग
- रात्रि
- लेकर सीधा नारा
- वसन्त आया
- वह सलोना जिस्म
- शाम होने को हुई
- सुन के ऐसी ही सी एक बात
- सुबह
- सागर-तट
शहरयार - गजलें
शिबली नोमानी - कविताएँ
शिवमंगल सिंह सुमन - हम पंछी उन्मुक्त गगन के
शीन काफ़ निज़ाम - आँखों में रात ख्वाब का खंज़र उतर गया
- उन में से बच रहे जो हम हैं मियाँ
- उम्र लंबी तो है मगर बाबा
- और कुछ देर यूँ ही शोर मचाए रखिए
- ख़ाक भी हो गई ख़ला अब के
- छत लिखते हैं दर दरवाज़े लिखते हैं
- छीन कर वो लज़्ज़्त-ए-सोतो सदा ले जाएगा
- जंगल के झरने की धार
- जंगल से जलते बुझते नगर मेरे नाम क्यूँ
- दम घुट रहा है रात दिन की सर्द जंग से
- दरवाज़ा कोई घर से निकालने के लिए दे
- पहले ज़मीन बाँटी थी फिर घर भी बँट गया
- फिर आश्ना अजनबी सा कोई उदास लम्हा ठहर गया क्या
- फिर बोले सन्नाटे सूने
- बूँद बन-बन के बिखरता जाए
- मैं औराक़े-हैरानी में
- मिरे खुश्क़ खेतों को बरसात दे
- मौजे-हवा तो अबके अजब काम कर गई
- वही न मिलने का ग़म और वही गिला होगा
- वो कहाँ चश्मे-तर में रहते हैं
- वो गुनगुनाते रास्ते ख़्वाबों के क्या हुए
शील - कविताएँ
शुभम श्री - कविताएँ
शैलेन्द्र - कविताएँ
श्रीकांत वर्मा - आस्था की प्रतिध्वनियाँ
- एक और ढंग
- एक मुर्दे का बयान
- कुछ का व्यवहार बदल गया
- कलिंग
- काशी का न्याय
- काशी में शव
- कोसल में विचारों की कमी है
- घर-धाम
- जलसाघर
- टूटी पड़ी है परंपरा
- ट्राय का घोड़ा
- तीसरा रास्ता
- नकली कवियों की वसुंधरा
- प्रक्रिया
- प्रतीक्षा
- बुखार में कविता
- भद्रवंश के प्रेत
- मैं
- मगध
- महामहिम
- माया-दर्पण
- राजनीतिज्ञों ने मुझे
- हस्तक्षेप
- हस्तिनापुर का रिवाज
श्रीप्रकाश शुक्ल - देश के प्रधानमंत्री के नाम देश के एक नागरिक का खत
सरदार जाफ़री - सुब्हे -फ़र्दा
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना - कविताएँ
साहिर लुधियानवी - कविताएँ
सुनील गंगोपाध्याय - कविताएँ
सुभद्रा कुमारी चौहान - कविताएँ
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला - चुम्बन
- तुम हमारे हो
- प्राप्ति
- राम की शक्ति पूजा(ई-पुस्तक)
हंसराज रहबर - तबीयत में न जाने ख़ाम ऐसी कौन सी शै है
हफ़ीज़ जालंधरी - आज़ादी
हबीब जालिब - नज्में
हरप्रीत कौर - कविताएँ
हरिनारायण व्यास - उठे बादल, झुके बादल
- एक भावना
- एक मित्र से
- ग्रन्थि
- नशीला चाँद
- नेहरूजी के प्रति
- मुक्ति के आभास
- वर्षा के बाद
- शरणार्थी
- शिशिरान्त
हरिवंश राय बच्चन - अँधेरे का दीपक
- आज तुम मेरे लिए हो
- इस पार, उस पार
- कवि की वासना
- क्षण भर को क्यों प्यार किया था?
- कहते हैं, तारे गाते हैं
- किस कर में यह वीणा धर दूँ?
- जीवन की आपाधापी में
- जो बीत गई सो बात गई
- तुम तूफान समझ पाओगे?
- था तुम्हें मैंने रुलाया!
- दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!
- नव वर्ष
- निर्माण
- पतझड़ की शाम
- प्रतीक्षा
- मैं स्वयं बन मेघ जाता
- मधुबाला
- मधुशाला(ई-पुस्तक)
- संवेदना
- साजन आए, सावन आया
- साथी, सब कुछ सहना होगा!
- हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती. .
हरिशंकर परसाई - कविताएँ
हसरत मोहानी - कविताएँ
हीरा डोम - अछूत की शिकायत
हेमंत शेष - कविताएँ
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