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कविता

हो गया
स्नेहमयी चौधरी


चौराहा नहीं अब तो
कमरा ही सड़क हो गया है
चौराहा भी बनेगा... ।


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हिंदी समय में स्नेहमयी चौधरी की रचनाएँ