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लघुकथाएँ

स्केंडल
पद्मजा शर्मा


बहत्तर वर्षीय मंत्री जी किसी न किसी स्केंडल में फँसते ही रहते हैं। अब के उन पर अवैध संबंध का आरोप लगा। उन्होंने जोरदार शब्दों में उसका विरोध किया। मंत्री जी ठहरे बड़े रसूख-रुतबे वाले। उनके पद में भी ताकत थी। उनका मीडिया को डपटता हुआ बयान आया - 'यह सब मीडिया का किया धरा है। मैं निर्दोष हूँ। मेरी उम्र का लिहाज नहीं। मीडिया अपनी ताकत का बेजा इस्तेमाल कर रहा है। हर किसी खबर को ब्रेकिंग न्यूज बना देता है।'

उधर मंत्रीजी को एक सीडी मिली। जिसमे मंत्री जी और एक औरत दोनों के चेहरे, करतूतें साफ-साफ दिख रही थीं। जबकि टीवी समाचारों में उसे धुँधला किया गया था।

सीडी से कुछ सवाल उछलकर बाहर आ रहे थे -

'आप निर्दोष हैं?'

'आपको अपनी उम्र का लिहाज है?'

'आपको अपने पद की परवाह है?'

'आपने पद की गरिमा का ख्याल नहीं रखा है। इस्तीफा दे दीजिए वरना मीडिया की ताकत का कमाल कल देखेंगे, आप।'

मंत्री जी ने अस्वस्थता के आधार पर इस्तीफा भेज दिया। जिसे हाई कमान द्वारा तत्काल सहर्ष स्वीकार कर लिया गया।


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