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कविता

सूना-सूना पथ है, उदास झरना
शमशेर बहादुर सिंह


सूना-सूना पथ है, उदास झरना
एक धुँधली बादल-रेखा पर टिका हुआ
                                                      आसमान
जहाँ वह काली युवती
हँसी थी।

(1939)

 


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