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कविता

मोनालिसा (सात चित्र)
कलावंती


एक

मोनालिसा
लोग सदियों से ढूँढ़ रहे हैं
तुम्हारी मुस्कान का अर्थ!
मुस्कान में खुशी है या क्लेष
किसी की प्रशंसा है या द्वेष
मुग्ध नायिका हो मोनालिसा या विरहिन अशेष
तुम्हारी मुस्कान का अर्थ क्या है मोनालिसा

दो

मोनालिसा किसी बहुत
गहरे भाव में डूबी हो
क्या अपने प्रिय को देख लिया है
किसी दूसरी प्रिया के साथ
दुख में हो मोनालिसा।

तीन

मोनालिसा
क्या बहुत गहरे दुख में हो!
या यह दुख किसी सुंदर सृजन से
पहले का दुख है
जो
सुख से भी ज्यादा सुंदर होता है

चार

किसी के प्यार में हो
आजकल
क्या मोनालिसा
तुम्हारी मुस्कान कितनी दिव्य हो गई है
इस नश्वर संसार में
बस यही अनश्वर बचा है
मोनालिसा!
इन दिनों तुम थोड़ी दार्शनिक हो गई हो मोनालिसा।

पाँच

मोनालिसा लोगों ने तुम्हारे मुस्कान की
अलग अलग व्याख्याएँ की हैं
पर अभी बची है शेष व्याख्या
जिसमें हर स्त्री ढूँढ़ती है
अपने होने के मायने
अपना अस्तित्व! अनखुला अर्थ

छह

मोनालिसा
जाने कितने बरसों तक
बस अभी बस यहीं
बस आज तक ही क्या रहेगी यह जिजीविषा
इन लौकिक अर्थों से परे कोई
अलौकिक अर्थ और मुस्कान लिए या
किसी के नेह में अपने प्राण लिए - ढूँढ़ती तुम
किसी की याद में जलती कोई दीपशिखा
कौन-कौन से अर्थ है तुम्हारी मुस्कान के मोनालिसा

सात

तुम्हारी मुस्कान से मोहित हैं सब
तुम्हारी मुस्कान से भ्रमित हैं सब
यह साँझ ढले की उदासी है या सुबह की अलस नींद
क्या है तुम्हारे मुस्कान का अर्थ!
तुम्हीं बताओ मोनालिसा!

 


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