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कविता

दिशा
केदारनाथ सिंह


हिमालय किधर है?
मैंने उस बच्‍चे से पूछा जो स्‍कूल के बाहर
पतंग उड़ा रहा था

उधर-उधर - उसने कहा
जिधर उसकी पतंग भागी जा रही थी
मैं स्‍वीकार करूँ
मैंने पहली बार जाना
हिमालय किधर है?

 


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हिंदी समय में केदारनाथ सिंह की रचनाएँ