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कविता

साथी कमला प्रसाद
चंद्रेश्वर


साथी कमला प्रसाद से मिला था
मैं भी
दो-चार बार

उनके मिलने-जुलने
बात करने के
याराना ढब में ही
था वो जादू
कि जादू विचार की गर्माहट का
कि हम बन जाते थे
उनके करीबी !

 


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