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कविता

हँसने से पहले
राजकुमार कुंभज


जो ठठाकर हँसता है अभी
जानता नहीं है जिंदगी की सच्चाइयाँ
जान लेगा जब सच्चाइयाँ सब
दो आँसू भी बहुत होंगे
हँसने से पहले।

 


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