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कविता

लेवेन्गुक के जादुई उपकरण से
निकोलाई जबोलोत्स्की

अनुवाद - वरयाम सिंह


लेवेन्‍गुक के जादुई उपकरण से
पानी की मात्र एक बूँद पर

जीवन के आश्‍चर्यजनक चिह्न देखे हैं हमारे विज्ञान ने।

अनंत सूत्र में एक कड़ी -
जन्‍मों और मरणों का यह राज्‍य
कितना लघु है, और कितना नगण्‍य है
सबके लिए एक समान असीम हैं जगहें
चाहे कोई जीवाणु हो, मनुष्‍य हो या ग्रह।

उसके साझे प्रयासों से
कृतिकापुंज की जलती हैं ज्‍वालाएँ
निर्बाध पड़ते हैं धूमकेतु
और अधिक वेग से - आकाशगंगाएँ।

और इस नजदीक के ब्रह्माण्‍ड में,
कमरे में पाइप के शीशे के नीचे
वही, चीजों का न बदलता हुआ प्रवाह,
नियति की वही अज्ञात इच्‍छाएँ।

मुझे सुनाई देता है तारों का साँस लेना,
सुनाई देती है जैविक पदार्थ की वाणी,
निर्माण का तेज शोर
जिससे परिचित हैं हम सभी।

 


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