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लोककथा

पेड़
खलील जिब्रान

अनुवाद - बलराम अग्रवाल


पेड़ आसमान में धरती द्वारा लिखी हुई कविता हैं। हम उन्हें काटकर कागज़ में तब्दील करते हैं और अपने खालीपन को उस पर दर्ज़ करते हैं।


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हिंदी समय में खलील जिब्रान की रचनाएँ