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लोककथा

युद्ध और छोटे देश
खलील जिब्रान

अनुवाद - बलराम अग्रवाल


एक बार, ऊँचे पहाड़ पर स्थित एक चरागाह में एक भेड़ और एक मेमना चर रहे थे। वहीं बहुत भूखी एक चील उस मेमने पर नजर गड़ाए ऊपर चकरा रही थी। और ऐन उस वक्त, जब वह अपने शिकार पर झपटने के लिए डुबकी लगाने वाली थी, उतनी ही भूखी एक अन्य चील भेड़ और उसके बच्चे पर झपट पड़ी। बस, दोनों प्रतिद्वंदियों में युद्ध छिड़ गया और उनकी भयावह चीखों से आसमान गूँज उठा।

भेड़ ने ऊपर देखा। वह बेहद डर गई और अपने बच्चे से बोली :

"कितनी अजीब बात है मेरे बच्चे, कि ये दो बहादुर पक्षी आपस में लड़ रहे हैं। इतना बड़ा आसमान क्या इनके लिए छोटा है? दुआ करो, अपने दिल में दुआ करो मेरे बच्चे कि ईश्वर तुम्हारे इन पंखों वाले भाइयों के बीच शान्ति कायम करे।"

और मेमना अपने दिल में प्रार्थना करने लगा।


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