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कविता

तुम्हारे हाथों को देखते हुए
मार्टिन कार्टर

अनुवाद - सरिता शर्मा


नहीं!
मैं खामोश नहीं होऊँगा!
बहुत कुछ
हासिल करना है मुझे
अगर तुम देखते हो मुझे
किताबें को निहारते हुए
या तुम्हारे घर आते हुए
या धूप में घूमते हुए
जान लो आग की तलाश है मुझे !

मैंने सीखा है
किताबों से प्यारे बंधु
स्वप्नदर्शी जिंदा लोगों के बारे में
प्रकाशहीन कमरे में भूखे प्यासे रहते हुए
जो मर नहीं पाए क्योंकि मौत उनसे ज्यादा दीन थी
जो सपना देखने के लिए नहीं सोते थे, बल्कि दुनिया को
बदलने सपने देखा करते थे।

और हाँ
अगर तुम देखते हो मुझे
तुम्हारे हाथों पर नजर डालते हुए
तुम्हारी बात सुनते हुए
तुम्हारे जुलूस में चलते हुए
तुम्हे जान लेना चाहिए
मैं सपना देखने के लिए नहीं सोता, बल्कि दुनिया को
बदलने के सपने देखा करता हूँ।

 


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