डाउनलोड मुद्रण

अ+   अ-

कविता

स्वर
ताद्यूश रोजेविच

अनुवाद - सरिता शर्मा


वे एक दूसरे की चीरफाड़ करते हैं और पीड़ा देते हैं
शब्दों और चुप्पियों से
मानो उनके पास हो
एक और जीवन जीने के लिए
वे ऐसा करते हैं
मानो वे भूल गए हों
कि उनके शरीर
मरणशील हैं
कि आदमी को भीतर से
आसानी से तोड़ा जा सकता है

एक दूसरे के साथ क्रूर हैं
और कमजोर हैं वे
पौधों और जानवरों से भी
उन्हें मारा जा सकता है एक शब्द
मुस्कान या निगाह से

 


End Text   End Text    End Text