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कविता

सूर्यास्त
खुआन रामोन खिमेनेज

अनुवाद - सरिता शर्मा


आह, सोने के जाने की अद्भुत ध्वनि,
सोने का अब अनंत काल में जाना;
कितना दुखद है हमारे लिए सुनना
सोने का अनंत काल में जाना,
यह खामोशी बनी रहेगी
उसके सोने के बिना जो अनंत काल के लिए प्रस्थान कर रहा है !

 


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