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कविता

थेबिस में अलेक्जेंडर
अन्ना अख्मातोवा

अनुवाद - सरिता शर्मा


मुझे लगता है राजा युवा मगर दुर्दांत था,
जब उसने घोषणा की, 'तुम थेबिस को मिट्टी में मिला दो'
और बूढ़ा प्रमुख इस शहर को गौरवमय मानता था
उसने देखा था वह वक्त जिसके बारे में कवि गाया करते थे
सब कुछ जला डालो! राजा ने एक सूची और बनाई
मीनार, द्वार, मंदिर - संपन्न और पनपते हुए
मगर विचारों में खो गया, और चेहरे पर चमक लाकर कहा,
'तुम बस महाकवि के परिवार के जीवित लोगों के नाम दे दो'


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