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कविता

और पुश्किन का निर्वासन
अन्ना अख्मातोवा

अनुवाद - सरिता शर्मा


और पुश्किन का निर्वासन, यहीं शुरू हुआ था
और लेरमोंतोव का निष्कासन "रद्द" कर दिया गया
राजमार्ग पर आम घास की खुशबू फैली है
झील के पास, जहाँ विमान और पेड़ों की छायाएँ मंडराती हैं
उस कयामत की घड़ी में शाम होने से पूर्व
बस एक बार मिला संयोग मुझे इसे देखने का
इच्छा से भरी आँखों की तेज रोशनी
तमारा के हमेशा जीवित रहने वाले प्रेमी की


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