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कविता

पुरानी यादें ही नहीं
सुकृता पॉल कुमार

अनुवाद - सरिता शर्मा


विमान धीरे से जमीन पर उतरा
मेरे जीवन की सुदूर और गुलाबी भोर पर
और आकाश का गाढ़ा नीला रंग
चमक उठा, मुझे हमेशा पता था
कि स्टीन गर्टरूड का कद एफिल टॉवर से ऊँचा है
उसकी काली परछाई सुलगाती थी हेमिंग्वे की कलम
जब पिकासो की पटिया उसका चित्र बनाने के लिए उठती थी
मैं जान गई कि मैं पेरिस में उतर गई थी
अपने युवा स्वरूप से मुलाकात करते हुए।


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