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कविता

मेरे पास नफरत करने का वक्त नहीं था
एमिली डिकिन्सन

अनुवाद - प्रतिभा उपाध्याय


था नहीं वक्त मेरे पास नफरत करने का, क्योंकि
डाली होगी बाधा कब्र ने इसमें
और जीवन नहीं था पर्याप्त इतना
कि कर सकी होती मैं खत्म दुश्मनी ।
न ही था वक्त मेरे पास प्यार के लिए, लेकिन चूँकि
होना चाहिए व्यवसाय कुछ,
सोचा मैंने, थोड़ी मशक्कत प्यार की
थी काफी बड़ी मेरे लिए ।

 


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