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कविता

हाउल
एलेन गिंसबर्ग

अनुवाद - देवेंद्र मोहन


कार्ल सॉलोमन के लिए

मैंने अपने अज़ीम हमअसरों को गर्क होते देखा है
पागलपन में, एक भूखे नंग-धड़ंग उन्माद में अलस्सुबह
हब्शी बस्तियों में से पैर घसीटते गुज़रते हुए
महज़ नशे की एक ख़ुराक़ की तलाश में

फ़रिश्ते हिपस्टर जलते हुए रात की मशीनरी में,
सितारों के डायनमो से एक पुरातन दैविक रिश्ता क़ायम
करने की ललक लिए
जो ग़रीबी, चीथड़ों से ढँके नशे में चूर धँसी आँखों
वाले बैठे होते थे अलौकिक अँधेरों में डूबे
सर्द कमरों के अंदर कश-दर-कश खींचते शहरों की
सतह पर तैरते जैज़ का मनन करते हुए

एल1 की पनाह लेते हुए जिन्होंने अपने होशो-हवास हवाले
कर दिये थे स्वर्ग को देखते हुए लड़खड़ाते मुस्लिम
इंजिलों को रोशनियों से नहलाई खोलियों में

जो विश्वविद्यालयों में ठंडी चमकती आँखों से देखते
रहे आर्केंसा को नशे में डूबे2 ब्लेक की दिव्य दृष्टि को
त्रासदी में तब्दील होते युनिवर्सिटियों के
युद्ध विशारदों द्वारा
जिन्हें अकादमियों से निष्कासित किया गया
ऊटपटाँग अश्लील क़सीदे लिखने के लिए
अपनी खोपड़ी की खिड़कियों पर

जो गंदे कमरों में घबराए बैठे रहे अपने
अंडर वियरों में डॉलरों को आग के हवाले करते
हुए कूड़ादानों में सुनते रहे आतंक की
आवाज़ें दीवारों के पार से आती हुई

जो अपनी पशम दाढ़ी में पिटते रहे पुलिस वालों
से जब लौट रहे थे न्यू यॉर्क मार्फ़त लैरेडो
बेल्टों में छुपे गाँजे के साथ

जिन्होंने पैराडाइज़ एैली3 के घटिया होटलों में
रंगों से बनी आग पी या तारपीन की शराब, पाई
मौत, स्वर्ग जाने से पहले अपने धड़ों को निष्कलंकित
किया हर रात
सपनों में, नशे में, झँझोड़ने वाले दुःस्वप्न, शराब और
अनगिनत शिश्नों अंडकोषों से खेलते

अनोखी अंधी गलियों थरथराते बादल और ज़ेहन में
कड़कड़ाती बिजली दौड़ती हुई कनाडा और पेटरसन के
ध्रुवों की ओर, रोशनी करती जड़ हुई दुनिया
समय की बीच में

पीयोटी4 के ठोस असर वाले सभागृह, हरियाली से घिरे
कब्रस्तिान के पिछवाड़े की सुबहें, शराब के नशे में छतों पर
झूमते, चरस के मज़े लेते जॉय राइड, ट्राफिक लाइटों का
चमकना बुझना, सूरज और चाँद और वृक्षों का स्पंदन,
ब्रुकलिन की दहाड़ती सर्द शामें, कूड़ादानी पीटने का शोर,
और दिमाग़ का दयालु राजा हल्का होते हुए
जो बेअंत यात्राओं के लिए बेन्जेड्रिन में मस्त
सबवे के डब्बों में बैटरी से पवित्र ब्रॉन्कस तक बने रहे
और नीचे उतरे चक्कों और बच्चों के शोर से घबरा कर
सूखे हलक और विचारशून्य खोपड़ियों के साथ
चिड़ियाघर की मरियम रोशनी में नहाते हुए

जो डूबे रहे बिकफर्ड के पनडुब्बिया प्रकाश में और
उजाड़ फ़ुगाज़्ज़ी की दोपहरी में बासी बियर पीते और
सुनते हुए विध्वंसी हायड्रोजन के ज्यूक-बॉक्स का संगीत

जो सत्तर घंटों तक लगातार बोलते रहे पार्क से
अपने कमरे तक, बार से बेलेव्यू से म्युज़ियम से
ब्रुकलिन ब्रिज तक
एक हारे हुए आदर्शवादी बातूनियों का लश्कर, छलाँगें लगाते
फायर एस्केप स्ट्रप्स के, खिड़कियों की देहली से,
चाँद में जा बसे एंपायर स्टेट इमारत के

बक बक करते चीखते उल्टियाँ करते फुसफुसाते हुए
हकीकतों और यादों और अफसाना बयानी हस्पतालों
में मिल बिजली के झटकों और झटके जेलों के
और युद्धों के,

जिन की खोपड़ियाँ उगलती रहीं दास्तानगोई में भूली यादों को
पूरे सात दिन और सात रातों में चमकीली आँखों
के साथ, फुटपाथ पर यहूदी पूजाघर को
गढ़ने के लिए सामानो-असबाब के साथ

जो ऐसे गायब हुए और हो गए लापता ज़ेन न्यू
जर्सी में अस्पष्ट पिक्चर पोस्ट कार्ड न्यू जर्सी के
अटलांटिक सिटी हॉल का निशान छोड़ते हुए
(या) पूरब में कहीं पसीनों से लथपथ और टैंजियर्स
(मोरोक्को) की हड्डी-तोड़ और चीनी अधसिरा लेकर
नशे को धता बता नवॉर्क के किसी बेढब कमरे में

जो आधी रात को रेलयार्डों में चक्कर पर चक्कर
लगाते रहे सोचते हुए कि कहाँ जाएँ, और चले गए,
जिससे किसी को कुछ फ़र्क नहीं पड़ा
जो सिगरेटें फूँकते रहे मालवाहक डिब्बों में सफर करते हुए
निर्जन देहातों की ओर रातों को अपना
पितामह जाना

जिन्होंने प्लोटिनस पो (एडगर ऐलन) सेंट जॉन ऑफ़
द क्रॉस और बाप कबालाह टेलीपैथी की
गहरी पढ़ाई की थी क्योंकि कैंसास में
अंतरिक्ष खुद-ब-खुद उनके पैरों में कंपायमान था

जो आइडाहो की गलियों में ढूँढ़ते फिर रहे थे
अलौकिक दृष्टि से लैस मूल इंडियन देवदूतों को
जो वाकई अलौकिक दृष्टि वाले इंडियन देवदूत थे
जिन्हें अपने पागलपने का एहसास हुआ चमकीली
रोशनी में बाल्टीमोर को जगमगाते हुए देखकर
जिन्होंने ओक्लाहोमा के एक चीनी आदमी
के साथ गाड़ियों में पनाह ली सर्दियों की मद्धिम
स्ट्रीट लाइट में ठंडी बारिश वाली आधी रात से बचने के लिए

जो अकेले भूखे प्यासे ह्यूस्टन में तलाशते रहे
जैज़ या जिस्म या सूप पीछा करते हुए
उस विलक्षण स्पेनी का अमेरिका और
अनंतता के बारे में विवेचना करने के लिए, और
जाना कि यह सब बेकार है, इसलिए
जहाज़ों में बैठ अफ्रीका को रवाना हो गए

जो विलीन हो गए मैक्सिको के ज्वालामुखियों में
अपने पीछे छोड़ गए अपने पतलूनों की
परछाइंयाँ और लावा और राख अपनी जली कविताओं
की जिन्हें उन्होंने शिकागो में आग
के हवाले किया था
जो दोबारा नुमाया हुए वेस्ट कोस्ट में
अपनी दाढ़ियों और शॉर्ट्स में एफ.बी.आई.
से पूछताछ के लिए अपनी बड़ी बड़ी आँखों
में शांत भाव के साथ साँवले सेक्सी नज़र आते
और बाँटते हुए न समझ में आने वाले पर्चे

जो पूँजीवाद के नशीले धुँधलके के खिलाफ
सिगरेटों से अपने बाज़ू दागते रहे
जो नंग धड़ंग उरियानी में यूनियन स्क्वेयर में
सुपर कम्युनिस्ट पर्चे बाँटते
पुलिस, उनके वाहनों के सायरनों से दो दो
हाथ करते हुए लॉस अलामोस, वॉल स्ट्रीट में,
स्टेटन आइलैंड फेरी के सायरन का विलाप सुनते हुए

जो सफ़ेद जिमनेसियम (पागलखानों) में रो-रोकर
टूट गए काँपते रहे अस्थि पिंजरों की मशीनरी को
अपने सम्मुख पाकर

जिन्होंने पुलिस के जासूसों के जिस्मों में दाँत गड़ा दिए
और खुशी में चीख चीख कर पुलिस गाड़ियों
में बैठ कर इज़हार किया अपनी बेगुनाही
समलैंगिकता और नशेड़ीपन का

जिन्होंने सबवे में घुटनों पर टिक कर
चीखें निकालीं और एक इमारत की छत से
धक्के मारकर निकाले गए अपने लिंगों
और पांडुलिपियों को लहराने हिलाने की
कवायद में

जिन्होंने अपने जिस्म संतनुमा मोटर साइकिल सवारों को
सौंप दिये और गुदा मैथुन करवाते मारे खुशी
के चीखते रहे

जो मानव रूपी इंजिलों, नौसैनिकों के साथ
मुख मैथुन करते और करवाते रहे, अटलांटिक, और
कैरिबियन छुअन और मुहब्बतों में मुब्तिला होते रहे

जो अजनबियों के साथ सुबह शाम गुलाब के बगीचों
और पार्कों और कब्रिस्तानों में फराग़दिली से हर
किसी पर वीर्य छितराते रहे

जो बेअंत हिचकियाँ लेकर हँसने की बजाय
रोते हुए बाहर आए उन टर्किश हमामों में से
जब वह गोरा और नंगा इंजिल अपनी तलवार से
उन्हें छेदने आया

जिन्होंने अपने प्रेमी छोकरे गँवा दिये किस्मत
के उन तीन मूज़ियों के हाथों - एक तो वह
इंतरलिंगी डॉलर और वह जो कोख से आँख मारता
हुआ बाहर आता है और वह एक निकम्मा जो
उसके चूतड़ों पर सवार कारीगर के करघे के
सुनहरे बौद्धिक धागों को काटता रहता है

जो संभोग में उन्मत्त रहे और बियर की बोतल एक
प्रियतमा एक सिगरेट की डिबिया एक मोमबत्ती से
असंतुष्ट गिर पड़े पलंग से, फर्श से हॉल तक संभोग करते
करते दीवार पर जा बेहोश हो गए
कल्पना करते हुए उस परम योनि और स्खलन से
बचाते हुए चेतना की उस आख़िरी बूँद को

जिन्होंने लाखों योनियों को तर किया कँपकँपाते
सूर्यास्त तक, और रतजगा के कारण हुई लाल आँखों
के बावजूद तैयार हो गए सूर्योदय को तर करने
खलिहानों में चूतड़ों की नुमाइश करते और
सरोवर में नंगे खेलते

जो कोलोरेडो में रात को चुराई हुई गाड़ियों
पर सवार हो रंडीबाज़ी करने निकले, एन.सी. (नील
कैसेडी), इन कविताओं का गुप्त नायक, औरतबाज़
और डेनवर का अडोनिस - खुश करने वाली उस
की यादें अनगिनत कुँवारियों के साथ वीरान जगहों
रेस्तराँ के पिछवाड़े, सिनेमा हॉलों की चरमराती
कतारें, पर्वत चोटियों गुफाओं या मरियल वेट्रेसों
के साथ जानी पहचानी सड़कों के

किनारे पेटीकोट ऊपर कर खड़े खड़े और खास
कर पेट्रोल पंपों के ख़ुदगर्ज़ मूत्रालयों और अपने
शहर की गलियों में भी

जिनके होश बुरी फिल्में देखने में गुम हो गए थे, सपनों से निकले
खुद को जगा पाया मैनहैटन और बेसमेंटों
में टोके मदिरा का भारीपन और थर्ड ऐवेन्यू
के फ़ौलादी सपने लिए रोज़गार दफ्तरों के चक्करों में

जो रात रात भर पैदल चलते रहे जूतों में
खून से लथपथ पैर लिए बर्फ से ढँके बंदरगाह ईस्ट
रिवर में इंतज़ार करते उस दरवाज़े के खुलने
जहाँ भाप की गर्मी और अफीम वाला
कमरा मिले

जिन्होंने हडसन नदी के किनारे ऊँची
इमारत की चोटी पर आत्महत्या के बड़े नाटक
किये युद्धकालीन चाँद से नीले
फ्लडलाइट की रोशनी में नहाते हुए
और जिन्हें गुमनामी में लॉरेल का ताज पहनाया जाएगा

जो भूख से तिलमिलाते हुए कल्पना करते रहे
लैंब स्ट्र खाने की या बॉवेरी इलाक़े की नदियों के गंदे
तलहट में मिलने वाले केकड़े को हज़म करने की

जो बेघरबार प्याज़ और वाहियात संगीत से
भरे ठेले को धकियाते रहे और गलियों की
रूमानियत पर फिदा होकर टेसू बहाते रहे

जो अँधेरी रातों में
पुल के नीचे गत्ते के डिब्बों में बैठ बैठ कर
उठे एक छोटे से आवास में हार्पसीकॉर्ड बनाने की
तमन्ना लिए

जो खाँसे हार्लेम की छठी मंज़िल में
अंगारे की लपटों का मुकुट पहने ट्यूबरक्यूलर
आकाश के नीचे धर्म के संतरिया क्रेटों से घिरे

जो रात भर झूमते घूमते लिखते रहे अपनी समझ की ज़बरदस्त कविताएँ
जिन्हें सुबह के पीलेपन में बकवास पाया गया,

जो भूख से त्रस्त पकाते रहे सड़े जानवरों के फेफड़े दिल
खुर पूँछ बोर्ष्ट और टॉरटिला चपातियाँ एक विशुद्ध
शाकाहारी दुनिया का सपना देखते हुए,

जो मांस से लदे ट्रकों के नीचे फकत एक
अंडे की तलाश करते रहे,

जिन्होंने छतों से अपनी कलाई घड़ियाँ उछाल फेंकी
समय से इतर अनंतता पाने के लिए, और
मरम्मत हर रोज उनके सिरों पर अलार्म घड़ियों की बौछार
करती रही अगले दशक तक

जिन्होंने एक के बाद एक तीन बार कलाई की
नसें काट लीं, असफल रहे और पुरानी चीज़ों की दुकानें
खोलने पर मजबूर हो गए जिनमें बैठ
उन्हें बूढ़े होने का एहसास हुआ और
खुद पर रोना आया,
जो मैडीसन ऐवेन्यू में अपने मासूम फ्लैनेल सूटों
में जीते जी जल गए ठंडी कविताओं के धमाकों में
फैशन की फौलादी झनझनाहट में और विज्ञापन की
परियों की नाइट्रोगिलसरीन चीखों में और भयावह
समझदार संपादकों के मस्टर्ड गैस की चपेट में
आए अज़ीम लोग या संपूर्ण सत्य के नशे में
चूर टैक्सियों के नीचे

जिन्होंने ब्रुकलिन ब्रिज से नदी में छलाँग लगा
दी और ऐसा वास्तव में हुआ और उबर कर वे भूतिया
चाइनाटाउन से गुज़र कर आगे बढ़े,
और इतनी सारी मुसीबतें झेलने के एवज़ में उन्हें
किसी ने एक बियर तक नहीं पूछा

जो उदास से खिड़कियों पर खड़े गाते रहे, सबवे की
खिड़की से बाहर गिर पड़े, गंदी पसैक नदी में
छलाँग लगा दी, कालों पर कूद पड़े, गलियों में
रोते फिरते रहे, मदिरा के टूटे गिलासों पर नंगे
पैर नाचते रहे, सन 30 के सालों में यूरोपियन जर्मन
जैज़ के ग्रामोफोन रिकॉर्ड चकनाचूर कर दिये
व्हिस्की खत्म की और गुर्राते हुए टॉयलेट में उल्टियाँ
कीं, कानों में कराहना सुना और विशालकाय
स्टीम सीटियों का धमाका

जो अतीत के जाने पहचाने हाईवेज़ पर
मारक रफ्तार से गाड़ियाँ चलाते तेज गोलगोथा5
गाड़ियों पर जेलों से छूटे साथी से मिलने
या बर्मिंघम अलाबामा में जैज़ सुनने पहुँचे

जो सीधे बहत्तर घंटों तक गाड़ी चलाते रहे यह
जानने के लिए कि अमरत्व के बारे में मेरे विचार
आप के विचार या खुद के विचार क्या थे,

जिन्होंने डेनवर तक का सफर किया, जो डेनवर में
मरे, जो डेनवर लौट आए, जो तन्हाई में
डेनवर को उदास नज़रों से देखते वहाँ से निकल गए
समय का दर्शन समझने और अब डेनवर अपने
नायकों से जुदा अकेली पड़ गई है

जो हताश निराश चर्चो में घुटनों पर गिर
एक दूसरे की मुक्ति के लिए प्रार्थना करते रहे, जब
आत्मा ने क्षण भर के लिए एक बात को उजागर किया,

जिन्होंने जेलों की यात्रा की इस उम्मीद से वहाँ कठोर पेशेवर
मुजरिमों के सिरों पर प्रभामंडल दिखेगा
और वास्तविकता के आकर्षण ने उनसे अलकतराज़
जेल पहुँचने की ललक में गवाए ब्लूज़

जिन्होंने मेक्सिको में बस कर नशे का रास्ता अख़्तियार
किया, या रॉकी माउंटेन पर बुद्ध का रास्ता पकड़ा या
टैंजियर्स में लौंडों से दोस्तियाँ बढ़ाईं या सदर्न
पैसिफिक रेलवे पर दोबारा यात्रा करने निकले, या
हार्वर्ड जा स्वयं-केंद्रित हो गए, या वुडलॉन
कब्रिस्तान में सामूहिक यौनाचार में लग गए या फिर
मर गए

जिन्होंने अपने दुरुस्त दिमाग़ वाले होने के प्रमाण के लिए उचित न्याय
माँगा, अभियोग लगाया रेडियो पर वशीकरण
का, या पागल बने रहे एक अनिर्णीत जूरी के सामने,

जिन्होंने सिटी कॉलेज ऑफ़ न्यूयॉर्क में दादावाद पढ़ाने
वाले प्रोफ़ेसरों पर पोटेटो सलाद फेंके और बाद में उस
पागलखाने की सीढ़ियों पर सिर मुँड़ा कर आत्महत्या
की मसखरी बयानबाज़ी के बाद दिमाग़ के पुर्ज़े की
मरम्मत के लिए लोबोटोमी की माँग की,

और जिन्हें मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के
लिए लोबोटामी की बजाय दिये गए इंसुलिन मेट्राज़ोल बिजली
जल मनोचिकित्सा सक्रियता पिंगपांग और विस्मृति
(के उपचार)
जिन्होंने अपने बदज़ायका विरोध का इज़हार करने को
प्रतीक स्वरूप पिंगपांग टेबल को
उल्टा कर दिया, एक क्षणिक विध्वंस के लिए

सालों बाद जब वे चिकित्सालयों से लौटे तो गंजे थे
सिरों पर लोबोटोमी के रक्तिम विग ओढ़े, आँखों में आँसू
और घायल उंगलियों के साथ जो पूर्व में रहने वाले असली
पागलों को पागल नज़र आते थे,

पिलग्रिम स्टेट रॉकलैंड और ग्रे स्टोन के चिकित्सालयों
की महक वाले हॉल, आत्मा की गूँज से लड़ते, झूमते गूँजते
मध्यरात्रि में अकेली बेंचों पर खुद से बतियाते, जहाँ
जीने का सपना भी एक दुःस्वप्न है, जिस्मों का
पत्थरों में तब्दील हो जाना एक भारी चाँद की तरह

माँ का अंतिम..., और आख़िरी अच्छी किताब का
घर की खिड़की से फेंक दिया जाना, और आखिरी कमरे
का सुबह चार बजे बंद किया जाना और आखिरी घंटी
का जवाब दीवार पर टेलीफोन दे मारना और आखिरी
तसवीर दिमाग़ में उभरी फर्नीचर की कमरे को ख़ाली
किये जाने के साथ, एक पीले कागज़ से बने गुलाब का
अलमारी में टँगे हैंगर पर, और वह भी काल्पनिक,
और कुछ नहीं बस थोड़े-बहुत भ्रम की आशा
आह, कार्ल तुम महफूज़ नहीं हो मैं महफूज़ नहीं हूँ,
और अब तुम सचमुच समय के पशु सूप में कैद हो

और जो बर्फीली गलियों में दौड़े इस ख़याल के
साथ कि दिमाग़ में कुछ कौंधा था जिसके जादुई रसायन में
इस्तेमाल थी अंडाकार सूची छंद और
लर्ज़िश भरा धरातल,

जिन्होंने ख्वाब देखे और मूर्त्त कर दिये
समय और स्थान के बीच के अंतराल को बिंबों को आमने
सामने रख, और आत्मा के देवदूत को कैद कर दिया
दो मूर्त्तों को और जोड़ा बुनियादी, क्रियाओं को और
चेतना के संज्ञा और डैश को सनसनी में उछलते कूदते
पेटर ऑम्नीपोटेंस एटेरना दिउस (सर्वशक्तिमान पिता
सदाशिव) के

गढ़ने को एक नया वाक्य विन्यास और माप (कविता द्वारा) खराब
गद्य के रू-ब-रू और तुम्हारे सामने खड़े होने के लिए चुप्पी साधे
और समझदारी से और शर्मसार हो काँपते हुए,
तिरस्कृत पर स्वीकार करते हुए अपनी आत्मा
का सच्चापन विचार के उस लय के साथ होने के लिए
जो उसके नंगे और अंतहीन माथे में है

जो पागल बेकार और फरिश्ता लय समय में, अनजान
फिर भी यहाँ लिखते हुए जिसे कहना ज़रूरी हो
गया हो मौत के बाद आने वाले समय में

जो पुनर्जीवित हो गए जैज़ के भुतहा लिबास में
बैंड के स्वर्णसिंही छाया तले अमेरिका की नंगी
ज़ेहनियत की तकलीफें दूर करते हुए बुझाने प्यार की प्यास
सैक्सोफोन के विलाप से निकलते
एलाई एलाई लम्मा लम्मा सैबेकथनी6 (मेरे ईश्वर मेरे
खुदा तुम ने किस लिए मुझे खुद से दूर कर
दिया है।) शहरों से लेकर आखिरी रेडियो तक
में सिहरन भरते हुए

जीवन की कविता का पूरा हृदय उनके अपने जिस्मों
से फाड़कर निकाला गया जिसे हज़ारों
बरसों तक खाया जाएगा

(2)

वह सीमेंट और अलुमिनियम का कौन सा स्फ़िंक्स था जिसने
उनकी खोपड़ियाँ फोड़ डालीं और उनके मगज़ और
सोच को लील गया?
मोलोक! निर्जनता! गंदगी! बदसूरती! कूड़ादान और
न मिल सकने वाले डॉलर! सीढ़ियों तले चीखते बच्चे!
फौजों में बिलखते युवजन! पार्कों में रोते बूढ़े!

मोलोक! मोलोक! दुःस्वप्न
मोलोक! प्रेमरहित मोलोक! मानसिकता मोलोक!
इनसान को तौलने वाले मोलोक!

जटिलताओं का जेल मोलोक! मोलोक मौत की अलामत
(क्रासबोन) प्राणविहीन कारागार दुखों के कांग्रेस! मोलोक
जिस की इमारतें ठोस निर्णय हैं! मोलोक युद्ध की वसीह
चट्टान! मोलोक स्तब्ध सरकारें!

मोलोक जिस का दिमाग़ विशुद्ध मशीनरी है! मोलोक जिस
के खून में पैसा बहता है! मोलोक जिस की उँगलियाँ दस
फौजें हैं! मोलोक जिसके सीने में नरभक्षक डायनमो बसता
है! मोलोक जिसके कान धुआँधार मकबरा है!

मोलोक जिस की आँखें हज़ार अंधी खिड़कियाँ हैं।
मोलोक जिस की गंगनचुंबियाँ लंबी सड़कों पर अंतहीन
जेहोवा की तरह खड़ी रहती हैं! मोलोक जिस की
फैक्ट्रियाँ ख्वाब देख धुंध में टरटराती हैं!
मोलोक जिसके धुआँ उगलने वाले कारखाने और एंटेना
शहरों की ताजपोशी करते हैं

मोलोक जिसे तेल और पत्थर से बेपहनाह मुहब्बत है!
मोलोक जिसकी आत्मा में बिजली और बैंक बसते हैं!
मोलोक जिस की ग़रीबी विलक्षणता का
भयावह नज़ारा है। मोलोक जिस की किस्मत पर
यौन रहित हायड्रोजन का बादल छाया हुआ है! मोलोक
जिस का नाम बुद्धि है!

मोलोक मैं जिस में अकेला हूँ! मोलोक मैं जिस में फरिश्तों
के सपने देखता हूँ! मोलोक में मैं दीवाना हूँ! मोलोक जो
शिश्न चूसता है! प्रेम विहीन मानवता विहीन मोलोक!

मोलोक जो मेरी आत्मा में पहले ही प्रवेश कर गया! मोलोक
मैं जिसमें जागृत हूँ जिस्म के बिना! मोलोक जिसने
मुझे मेरे कुदरती हर्षोन्माद में त्रस्त कर दिया! मोलोक

मैं जिस का त्याग करता हूँ! मोलोक में जिस में जागता हूँ!
आकाश से दौड़ जाता हुआ प्रकाश!

मोलोक! मोलोक! रोबो घरौंदे! अदृश्य उपनगर! खज़ाने
पिंजरों के! अंधी पूँजियाँ! दानवी उद्योग!
भुतहा राष्ट्र! अभेद्य पागलखाने! ग्रेनाइट के शिश्न!
राक्षसी बंब!

मोलोक को आसमान पर चढ़ाते उन की कमर टूट गई!
फुटपाथ, वृक्ष, रेडियो, टन! शहर को परवान चढ़ाया जो
हमारे चारों और नज़र आता है!

दृष्टियाँ! मनहूस चिन्ह! दुःस्वपन! चमत्कार! हर्षोन्माद!
अमेरिकी नदी में बह गया सब कुछ
सपने! स्नेह! प्रकाश! धर्म! संवेदनशीलता
ये सब लादा गया
झूठ के जहाज़ पर
कुछ भी नया! नदी में! तिजारत सलीबों की! बाढ़ में
गर्क! ऊँचाइयाँ! शिशु ईसा के उजागरी क्षण! निराशाएँ!
दस सालों की पशु चीखें और आत्मघात! सोच! नया
प्यार! पागल पीढ़ी! सब कुछ गर्क समय की चट्टानों पर!

नदी में वास्तविक पवित्र कहकहे! उन्होंने सब देखा!
विस्मय से भरी आँखों ने! पवित्र चीखें! उन्होंने विदाई ली!
छतों से छलाँग लगा दी! एकांत के लिए! अभिवादन में
हाथ हिलाते! हाथों में फूल लिए! नीचे नदी की ओर!
सड़क की ओर!

(3)

कार्ल सॉलोमन मैं तुम्हारे साथ हूँ रॉकलैंड में
जहाँ तुम मुझ से ज़्यादा पागल हो
मैं रॉकलैंड में हूँ तुम्हारे साथ
जहाँ तुम्हें अजीब लग रहा होगा

मैं तुम्हारे साथ रॉकलैंड में हूँ
जहाँ तुम मेरी माँ की छाया में हो हूबहू
रॉकलैंड में हूँ तुम्हारे साथ
जहाँ तुम ने बारह सेक्रेटरियों का कत्ल किया है
मैं साथ ही हूँ तुम्हारे रॉकलैंड में
जहाँ तुम इस अदृश्य मज़ाक पर हँसते हो
मैं रॉकलैंड में हूँ
जहाँ हम दोनों महान लेखक साथ हैं उसी खस्ताहाल
टाइप राइटर पर
तुम्हारे साथ मैं रॉकलैंड में हूँ
जहाँ तुम्हारी हालत गंभीर है और यह खबर रेडियो पर है
मैं हूँ रॉकलैंड में तुम्हारे साथ
जहाँ खोपड़ी के तंतु समझ के कीड़ों को घुसने नहीं दे रहे
रॉकलैंड में हूँ
जहाँ तुम यूटिका की कुँवारियों के स्तनों से चाय पीते हो
मैं रॉकलैंड में तुम्हारा साथ दे रहा हूँ
जहाँ तुम नर्सों के शरीरों का ज़िक्र करते हो कैसी हैं
बदज़नी पैदा करने वाली ब्रॉन्कूस की बददिमाग़ औरतों
मैं तुम्हारे साथ रॉकलैंड में हूँ
जहाँ तुम स्ट्रेटजैकेट में गिरफ्त चीखते हो हारते हुए
रसातल के असली पिंगपांग के खेल को
मैं तुम्हारे साथ रॉकलैंड में हूँ
जहाँ तुम न बजने वाला पियानो बजाना चाहते हो
आत्मा मासूम है अनश्वर है और जिसे अनीश्वरता
के साथ सशस्त्र पागलखाने में मरने नहीं दिया जाना चाहिए
मैं रॉकलैंड में तुम्हारे साथ हूँ
जहाँ और पचास झटकों के बाद भी तुम्हारी
आत्मा अपनी देह में वापस नहीं लौटने वाली और
शून्य में सलीब की तीर्थयात्रा से नहीं रुकने वाली

मैं तुम्हारे पास हूँ रॉकलैंड में
जहाँ तुम अपने डॉक्टरों पर पागलपन का इलज़ाम
लगाते हो और प्लॉट बनाते हो यहूदी समाजवादी
क्रांति का फासीवादी राष्ट्रीय गोलगोथा के खिलाफ

मैं रॉकलैंड में हूँ साथ तुम्हारे
जहाँ तुम लॉन्ग आइलैंड की जन्नत के टुकड़े करोगे
और अपने जिंदा इनसानी ईसा मसीह को पुनर्जीवित करोगे
अतिमानव मकबरे से निकाल कर

मैं रॉकलैंड में तुम्हार साथ हूँ
जहाँ पच्चीस हज़ार पागल कॉमरेड हैं
समवेत स्वर में इंतरनाश्योनाले के आखिरी पदों को गाते हुए

मैं रॉकलैंड में तुम्हारा साथ दे रहा हूँ
जहाँ हम संयुक्त राज्य अमेरिका से गले मिलते हैं
मुख चूमते हैं अपनी चादरों के नीचे संयुक्त राज्य
जो सारी रात खाँसता रहता है और हमें सोने
नहीं देता

मैं तुम्हारे साथ रॉकलैंड में हूँ
जहाँ हम जागते हैं झटके खाकर कोमा से बाहर आ
अपनी आत्माओं के हवाई जहाज़ों में छत पर से
गुज़रते देवदूती बंब गिराते हुए अस्पताल
अपनी जगमगाहट में रोशन काल्पनिक दीवारें ढहती हैं
ओ पिद्दी सैनिकों बाहर को दौड़ो ओ सितारों वाले
झंडे दयारूपी झटके निरंतर चलने वाला युद्ध यहाँ है
ओ विजयी पराक्रमी अपने अंडरवियर भूल जाओ हम
आज़ाद हैं

मैं तुम्हारे संग रॉकलैंड में हूँ
मेरे सपनों में तुम चल रहे हो समुद्र यात्रा के बाद
भीगे हुए हाईवे पर अमेरिका इससे उस
छोर तक आँसुओं में मेरी कुटिया के दरवाज़े
तक इस पश्चिमी रात में

संदर्भ

1 . EL - Elevated train or a Jewish God

2 . william Blake the poet

3 . पैराडाइज़ ऐली : एक ज़माने की गरीबों की बस्ती

4 . पीयोटी : मैक्सिको में पाए जाने वाले एक पौधे से हासिल मादक पदार्थ

5 . गोलगोथा पहाड़ी पर ईसामसीह को सलीब पर चढ़ाया गया था।

6 . सलीब पर ईसा के आखिरी शब्द

सान फ्रांसिस्को 1955-56

(पहल 111 से साभार)


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हिंदी समय में एलेन गिंसबर्ग की रचनाएँ