hindisamay head
डाउनलोड मुद्रण

अ+ अ-

कविता

जल क्रीड़ा
ए. अरविंदाक्षन


स्मृति मात्र नहीं है
जल क्रीड़ा
अहोरात्रि आस्था है
उत्सवधर्मी
जल क्रीड़ा।
जल ही रहता है
सब में
भरा-भरा
सब
जल में डूबा-डूबा

 


End Text   End Text    End Text

हिंदी समय में ए. अरविंदाक्षन की रचनाएँ