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कविता

पानी पानी
रघुवीर सहाय


पानी पानी
बच्चा बच्चा
हिंदुस्तानी
माँग रहा है
पानी पानी
जिसको पानी नहीं मिला है
वह धरती आजाद नहीं
उस पर हिंदुस्तानी बसते हैं
पर वह आबाद नहीं
पानी पानी
बच्चा बच्चा
माँग रहा है
हिंदुस्तानी
जो पानी के मालिक हैं
भारत पर उनका कब्जा है
जहाँ न दे पानी वाँ सूखा
जहाँ दें वहाँ सब्जा है
अपना पानी
माँग रहा है
हिंदुस्तानी
बरसों पानी को तरसाया
जीवन से लाचार किया
बरसों जनता की गंगा पर
तुमने अत्याचार किया
हमको अक्षर नहीं दिया है
हमको पानी नहीं दिया
पानी नहीं दिया तो समझो
हमको बानी नहीं दिया
अपना पानी
अपनी बानी हिंदुस्तानी
बच्चा बच्चा माँग रहा है
धरती के अंदर का पानी
हमको बाहर लाने दो
अपनी धरती अपना पानी
अपनी रोटी खाने दो
पानी पानी
पानी पानी
बच्चा बच्चा
माँग रहा है
अपनी बानी
पानी पानी
पानी पानी
पानी पानी


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