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कविता

नींद चोर
रेखा चमोली


बहुत थक जाने के बाद
गहरी नींद में सोया है
एक आदमी
अपनी सारी कुंठाएँ
शंकाएँ
अपनी कमजारियों पर
कोई बात न सुनने की जिद के साथ
अपने को संतुष्ठ कर लेने की तमाम कोशिशों के बाद
थक कर चूर
सो गया है एक आदमी
अपने बिल्कुल बगल में सोई
औरत की नींद को चुराता हुआ।

 


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