hindisamay head


अ+ अ-

बाल साहित्य

आलू मिर्ची चाय जी
राजेश उत्साही


आलू मिर्ची चाय जी
कौन कहाँ से आए जी।

सात समुंदर पार से
दुनिया के बाजार से
व्यापार से, उपहार से
जंग-लड़ाई मार से

हर रस्ते से आए जी
आलू, मिर्ची, चाय जी!

मेक्सिकन है अमरूद
मिर्ची ने जहाँ पाया रूप
दक्षिण अमेरिका में पली
आलू के साथ मूँगफली

साथ टमाटर भाए जी
आलू, मिर्ची, चाय जी!

नक्शे में यूरोप है जो भी
जन्मे हैं वहाँ मूली-गोभी
भिंडी हरी अफ्रीका की
भूरी-भूरी कॉफी भी

दुनिया भर में छाए जी
आलू, मिर्ची, चाय जी!

चीन से सोयाबीन चली
अमेरिकन को लगी भली
धूम मचा कर लौटी देश
उसमें हैं गुण कई विशेष

चाय चीन की ताई जी
आलू, मिर्ची, चाय जी!

बेंगन, सेम, करेला, कटहल
गिल्की, अदरक, टिंडा, परवल
आम, संतरा, काली मिर्ची
भाई-बहन हैं सब देशी

भारत की पैदाइश जी
कौन-कहाँ से आए जी।

 


End Text   End Text    End Text

हिंदी समय में राजेश उत्साही की रचनाएँ