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कविता

शोकसभा में बच्चे की खिलखिलाहट
संजय चतुर्वेदी


शोकसभा में
अचानक खिलखिला कर हँसने लगा बच्चा
सन्नाटे में आ गए माँ-बाप

कैसे समझाते बच्चे को
हँसना गंदी बात

बच्चा आ गया बीच की खुली जगह में
माँ-बाप की गिरफ्त से छूटकर
फेंक के मारी लात हवा में
एक झटके में झाड़ दिया सारा शोक

कैसे हो सकती है हँसना गंदी बात
भले ही मर गया हो कोई।

 


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